स्पा सेंटर में युवती से बदसलूकी और मारपीट, शराब के नशे में धुत युवकों ने बरपाया कहर
Faridabad News
भारत
RP Raghuvanshi
27 May 2025 12:31 AM
भारत
RP Raghuvanshi
27 May 2025 12:31 AM
Faridabad News : शहर के पॉश इलाके में स्थित एक स्पा सेंटर उस समय बवाल का केंद्र बन गया जब शनिवार दोपहर कुछ युवकों ने वहां जमकर उत्पात मचाया। पुरी हाई स्ट्रीट स्थित स्पा सेंटर में मसाज कराने आए दो युवकों ने न केवल गाली-गलौज की, बल्कि विरोध करने पर एक युवती के साथ मारपीट भी की। आरोप है कि युवती को फर्श पर गिराकर लात-घूंसे मारे गए, और यह पूरा घटनाक्रम वीडियो में कैद हो गया है।
क्या है पूरा मामला?
स्पा सेंटर की संचालिका ममता राजपूत ने बताया कि वह पिछले ढाई वर्षों से यह सेंटर चला रही हैं। शनिवार दोपहर करीब 3 बजे, तिगांव क्षेत्र से आए दो युवक मसाज कराने पहुंचे। काउंटर पर बातचीत के दौरान ही दोनों युवकों की भाषा और व्यवहार आपत्तिजनक था। ममता के मुताबिक, दोनों युवक शराब के नशे में थे और अंदर मौजूद एक युवती से अभद्र भाषा में बात करने लगे।
स्पा स्टाफ ने निकाला बाहर, फिर लौटे साथियों के साथ
जब युवकों का व्यवहार हद से बाहर हो गया, तो स्पा स्टाफ ने उन्हें बाहर निकाल दिया। इसके बाद युवकों ने गाली-गलौज शुरू कर दी और फिर कुछ देर में अपने 8-10 साथियों को बुला लिया। स्थिति और भी बिगड़ गई जब विवाद में शामिल युवती ने आत्मरक्षा में एक युवक को डंडे से मारा, तो सभी युवक उस पर टूट पड़े। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि युवती को थप्पड़ मारे गए, फिर फर्श पर गिराकर बेरहमी से पीटा गया।
वीडियो वायरल, लेकिन शिकायत नहीं
घटना के वायरल वीडियो के बाद स्थानीय लोगों और सोशल मीडिया पर नाराजगी देखने को मिली है। कई लोगों ने सवाल उठाए हैं कि घटनास्थल पर मौजूद सुरक्षा गार्ड मूकदर्शक क्यों बने रहे? बीपीटीपी थाना प्रभारी अरविंद कुमार ने बताया कि फिलहाल थाने में कोई लिखित शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है। हालांकि, पुलिस ने वीडियो के आधार पर जांच शुरू कर दी है और दोषियों की पहचान की जा रही है।
सवाल कई, जवाब कोई नहीं
स्पा सेंटर जैसी जगहों पर सुरक्षा इंतजाम नाकाफी क्यों हैं? सुरक्षा गार्ड मूकदर्शक क्यों बने रहे? भीड़ के बीच युवती की खुलेआम पिटाई को कोई रोकने क्यों नहीं आया? और सबसे बड़ा सवाल आखिर महिला सुरक्षा के दावे कहां खो जाते हैं? घटना महिला सुरक्षा और सार्वजनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है। धारा 354, 323, 147, 506 जैसी धाराएं ऐसे मामलों में लग सकती हैं। लेकिन बिना शिकायत के पुलिस की कार्रवाई सीमित होती है। यह केवल एक अपराध नहीं, बल्कि एक सोच की पराजय है। जहां महिलाओं को अब भी असुरक्षा का सामना करना पड़ता है, वो भी उस जगह पर जहां वो काम करती हैं। जब तक कानून के साथ-साथ समाज भी सतर्क नहीं होगा, तब तक ऐसी घटनाएं दोहराई जाती रहेंगी।