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बिहार की राजनीति में एक बार फिर बड़ा बदलाव देखने को मिलने जा रहा है। एनडीए सरकार के नए मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर तैयारियां अब अंतिम चरण में पहुंच चुकी हैं।

Bihar Cabinet Expansion 2026 : बिहार की राजनीति में एक बार फिर बड़ा बदलाव देखने को मिलने जा रहा है। एनडीए सरकार के नए मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर तैयारियां अब अंतिम चरण में पहुंच चुकी हैं। राजधानी पटना का ऐतिहासिक गांधी मैदान 7 मई को होने वाले शपथ ग्रहण समारोह का गवाह बनेगा, जहां नए मंत्रियों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई जाएगी। सूत्रों के अनुसार, इस बार का कैबिनेट विस्तार केवल औपचारिकता नहीं बल्कि राजनीतिक संतुलन, जातीय समीकरण और आगामी चुनावी रणनीति को ध्यान में रखकर किया जा रहा है। Bihar Cabinet Expansion
जनता दल (युनाइटेड) (जेडीयू) की संभावित सूची सामने आने के बाद राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। चर्चा में जो प्रमुख नाम सामने आए हैं, उनमें अनुभवी और संगठन में मजबूत पकड़ रखने वाले नेताओं को प्राथमिकता दी गई है। सूत्रों के अनुसार, जेडीयू कोटे से जिन नामों की सबसे ज्यादा चर्चा है, वे हैं:
* श्रवण कुमार
* अशोक चौधरी
* लेसी सिंह
* मदन सहनी
* जमा खां
* सुनील कुमार
* शीला मंडल
* रत्नेश सदा
* बुलो मंडल
* भगवान सिंह कुशवाहा
* दामोदर रावत
* निशांत कुमार
हालांकि, अंतिम मुहर एनडीए नेतृत्व की बैठक के बाद ही लगेगी। Bihar Cabinet Expansion
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने इस बार अपने मंत्रिमंडल में अनुभवी नेताओं के साथ-साथ युवा चेहरों को भी जगह देने की रणनीति अपनाई है। संभावित नामों में शामिल हैं:
* मंगल पांडेय
* विजय कुमार सिन्हा
* दिलीप जायसवाल
* अरुण शंकर प्रसाद
* प्रमोद कुमार
* रामकृपाल यादव
इसके अलावा कुछ नए और चर्चित चेहरे भी चर्चा में हैं, जिनमें क्षेत्रीय और सामाजिक समीकरणों को साधने की कोशिश की जा रही है।
एनडीए गठबंधन के छोटे लेकिन महत्वपूर्ण दलों को भी इस बार कैबिनेट में जगह दी जा रही है।
* लोक जनशक्ति पार्टी (राम बिलास) से संजय कुमार और संजय कुमार सिंह का नाम लगभग तय माना जा रहा है।
* हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा से संतोष सुमन को मंत्री पद मिलने की संभावना है।
* राष्टय लोक मोर्चा से दीपक प्रकाश का नाम चर्चा में है। Bihar Cabinet Expansion
गांधी मैदान में होने वाला यह शपथ ग्रहण समारोह बिहार की राजनीति के लिए ऐतिहासिक माना जा रहा है। प्रधानमंत्री और एनडीए के शीर्ष नेताओं की मौजूदगी में यह कार्यक्रम आयोजित होने की संभावना है। सूत्रों के मुताबिक, कुल मंत्रियों की संख्या लगभग 30 से 32 के बीच रह सकती है। इस विस्तार का उद्देश्य प्रशासन को अधिक प्रभावी बनाना और विकास कार्यों में तेजी लाना बताया जा रहा है।
इस कैबिनेट विस्तार को केवल सत्ता परिवर्तन नहीं बल्कि आने वाले राजनीतिक समीकरणों की तैयारी के रूप में देखा जा रहा है। जातीय संतुलन, क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व और युवा नेतृत्व को इस बार विशेष महत्व दिया गया है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह विस्तार बिहार की प्रशासनिक दिशा और 2026 के बाद की चुनावी रणनीति को भी प्रभावित करेगा। Bihar Cabinet Expansion
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