सुप्रीम कोर्ट ने 12 साल से कोमा में पड़े मरीज को दी इच्छामृत्यु की अनुमति

सुप्रीम कोर्ट आॅफ इंडिया ने इच्छामृत्यु से जुड़े एक अहम मामले में बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने 31 वर्षीय उस मरीज के लिए निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दे दी, जो पिछले 12 वर्षों से कोमा की स्थिति में था।

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सुप्रीम कोर्ट आफ इंडिया ने इच्छामृत्यु से जुड़े एक अहम मामले में बड़ा फैसला सुनाया
locationभारत
userयोगेन्द्र नाथ झा
calendar11 Mar 2026 02:12 PM
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Decision On Euthanasia : देश की सर्वोच्च अदालत सुप्रीम कोर्ट आफ इंडिया ने इच्छामृत्यु से जुड़े एक अहम मामले में बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने 31 वर्षीय उस मरीज के लिए निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दे दी, जो पिछले 12 वर्षों से कोमा की स्थिति में था। कोर्ट के इस आदेश के बाद मरीज को जीवित रखने के लिए लगाए गए कृत्रिम जीवन रक्षक उपकरण हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

2013 में हादसे के बाद कोमा में चला गया था मरीज

जानकारी के अनुसार हरीश राणा नाम के इस व्यक्ति को वर्ष 2013 में एक इमारत की चौथी मंजिल से गिरने के कारण सिर में गंभीर चोटें आई थीं। इस दुर्घटना के बाद से वह लगातार कोमा में था और उसकी स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ। लंबे समय से अस्पताल में इलाज के बावजूद डॉक्टरों ने उसके ठीक होने की संभावना बेहद कम बताई थी।

सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने दिया आदेश

यह फैसला न्यायमूर्ति जे.बी. परदीवाला और न्यायमूर्ति के.वी. विश्वनाथन की खंडपीठ ने सुनाया। अदालत ने अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान, नई दिल्ली को निर्देश दिया कि मरीज को उपशामक देखभाल इकाई में स्थानांतरित किया जाए, ताकि उपचार धीरे-धीरे बंद करने की प्रक्रिया सम्मानजनक ढंग से पूरी की जा सके।

मरीज की गरिमा बनाए रखने पर दिया जोर

सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा कि उपचार बंद करने की प्रक्रिया पूरी तरह से व्यवस्थित और संवेदनशील तरीके से की जानी चाहिए, ताकि मरीज की गरिमा और सम्मान बना रहे। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने मरीज के माता-पिता से मिलने की इच्छा भी जताई थी और मामले की विस्तृत रिपोर्ट का अध्ययन किया था। मामले में गठित मेडिकल बोर्ड ने जांच के बाद बताया था कि मरीज के ठीक होने की संभावना लगभग न के बराबर है। अदालत ने 2023 में जारी दिशा-निदेर्शों का हवाला देते हुए कहा कि ऐसे मामलों में प्राथमिक और द्वितीयक मेडिकल बोर्ड की राय लेना आवश्यक होता है। दोनों मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट के आधार पर ही अदालत ने यह निर्णय सुनाया।



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कैसे पहुंचा 'स्टार ऑफ अफ्रीका' ब्रिटिश ताज तक? जानिए पूरी कहानी

दक्षिण अफ्रीका के प्रिटोरिया स्थित प्रीमियर खदान में नियमित निरीक्षण के दौरान खदान सुप्रिटेंडेंट फ्रेडरिक वेल्स को यह अनमोल रत्न मिला था। फ्रेडरिक धरती की सतह से 18 फीट नीचे थे, तभी उन्होंने अपने ठीक ऊपर दीवार पर तारों की तरह चमकती रोशनी देखी।

The world's largest diamond
'कलिनन' हीरे की रोमांचक कहानी (फाइल फोटो)
locationभारत
userऋषि तिवारी
calendar11 Mar 2026 01:42 PM
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The world's largest diamond: इतिहास में आज का दिन बहुत खास है। 25 जनवरी 1905 को दुनिया को एक ऐसे रत्न से सुसज्जित किया गया, जिसकी शान आज भक्क बनी हुई है। दक्षिण अफ्रीका की एक खदान से उस समय दुनिया का सबसे बड़ा हीरा निकाला गया, जिसका नाम 'कलिनन' रखा गया। यह हीरा अपनी अद्भुत सुंदरता और आकार के लिए आज भी विश्वभर में मशहूर है।

कैसे मिला ये शानदार हीरा?

दक्षिण अफ्रीका के प्रिटोरिया स्थित प्रीमियर खदान में नियमित निरीक्षण के दौरान खदान सुप्रिटेंडेंट फ्रेडरिक वेल्स को यह अनमोल रत्न मिला था। फ्रेडरिक धरती की सतह से 18 फीट नीचे थे, तभी उन्होंने अपने ठीक ऊपर दीवार पर तारों की तरह चमकती रोशनी देखी। यह चमक उन्हें भाईचारा कर रही थी, जो बाद में दुनिया का सबसे बड़ा हीरा साबित हुआ।

3106 कैरेट का था वजन

यह हीरा 3106 कैरेट का था और इसका वजन 1.33 पाउंड (लगभग 621 ग्राम) था। इस शानदार खोज की सूचना तुरंत खदान के मालिक सर थॉमस कलिनन को दी गई, जिनके नाम पर बाद में इस हीरे का नाम 'कलिनन' रखा गया। हालांकि, कुछ सूत्रों का दावा है कि इसे 26 जनवरी को बाहर निकाला गया था, लेकिन 25 जनवरी को ही इसकी खोज का दिन माना जाता है।

ब्रिटेन के राजा को मिला तोहफा

हीरे की खोज के बाद इसे ट्रांसवाल प्रांत की सरकार ने खरीद लिया। इसके बाद इसे ब्रिटेन के राजा एडवर्ड सप्तम को जन्मदिन के उपहार के रूप में भेंट किया गया। लेकिन इस अनमोल हीरे को अफ्रीका से लंदन तक पहुंचाना एक बड़ी चुनौती थी।

जासूसों से भरे जहाज से भेजा गया नकली हीरा

राजा एडवर्ड को हीरे की सुरक्षा लेकर गंभीर चिंता थी। उन्हें डर था कि अफ्रीका से लंदन ले जाते समय यह हीरा चोरी हो सकता है। इसलिए एक चतुर योजना बनाई गई। ध्यान भटकाने के लिए जासूसों से भरे एक स्टीमर जहाज पर एक नकली हीरा भेजा गया, ताकि सभी की निगाहें उस पर टिकी रहें। वहीं, असली हीरे को एक साधारण बक्से में पैक करके चुपके से इंग्लैंड भेज दिया गया।

काटने वाला बेहोश हो गया था

एडवर्ड ने इस विशाल हीरे को काटने की जिम्मेदारी एम्स्टर्डम की एस्चर डायमंड कंपनी के प्रमुख जोसेफ एस्चर को सौंपी। जोसेफ ने इसे काटने से पहले छह महीने तक इसका गहन अध्ययन किया। पहले प्रयास में स्टील का ब्लेड टूट गया, लेकिन हीरे पर कोई खरोंच तक नहीं आई। दूसरे प्रयास में, हीरा योजना के अनुसार टूट गया। कहा जाता है कि इतने बड़े जोखिम भरे काम के बाद जोसेफ एस्चर मानसिक थकावट के कारण बेहोश हो गए थे।

अब कहां है यह हीरा?

बाद में कलिनन को 9 बड़े और लगभग 100 छोटे पत्थरों में तराशा गया। इनकी कुल कीमत करोड़ों डॉलर है।

  • स्टार ऑफ अफ्रीका I (कलिनन I): यह 530 कैरेट का है और दुनिया का सबसे बड़ा रंगहीन हीरा है। यह ब्रिटिश सम्राट के शाही राजदंड (Sovereign's Sceptre) में जड़ा हुआ है।
  • स्टार ऑफ अफ्रीका II (कलिनन II): यह 317 कैरेट का है और शाही मुकुट (Imperial State Crown) में सुशोभित है।
  • कलिनन III: यह ब्रिटेन के अन्य राजसी रत्नों के साथ लंदन टावर में सुरक्षित है।

आज भी ये हीरे ब्रिटिश राजशाही के गौरव का प्रतीक माने जाते हैं और लंदन टावर में दुनिया भर के पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करते हैं। The world's largest diamond

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हर पांच साल में करता है नई शादी, अब बिना तलाक लिए चौथी शादी की तैयारी

कोरबा जिले में एक अनोखा पारिवारिक विवाद सामने आया है। एक महिला ने अपने पति के खिलाफ शिकायत करते हुए कहा कि वह लगभग हर पांच साल में नई शादी कर लेता है और अब बिना तलाक लिए चौथी शादी की तैयारी कर रहा है। इस मामले को लेकर महिला ने राज्य महिला आयोग में गुहार लगाई है।

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पति पहले भी तीन बार शादी कर चुका
locationभारत
userयोगेन्द्र नाथ झा
calendar11 Mar 2026 12:51 PM
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Unique Controversy : छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में एक अनोखा पारिवारिक विवाद सामने आया है। एक महिला ने अपने पति के खिलाफ शिकायत करते हुए कहा कि वह लगभग हर पांच साल में नई शादी कर लेता है और अब बिना तलाक लिए चौथी शादी की तैयारी कर रहा है। इस मामले को लेकर महिला ने राज्य महिला आयोग में गुहार लगाई है।

पति पहले भी तीन बार कर चुका है शादी 

महिला का कहना है कि उसकी शादी कई साल पहले हुई थी, लेकिन समय के साथ पति का व्यवहार बदल गया। उसके अनुसार, पति पहले भी तीन बार शादी कर चुका है और कुछ वर्षों बाद हर पत्नी से दूरी बना लेता है। अब वह एक और महिला से शादी करने की योजना बना रहा है, जबकि अभी तक उसका कानूनी तौर पर तलाक नहीं हुआ है। पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया कि पति के खिलाफ पहले से कई विवाद और मामले चल रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद वह नई शादी करने की कोशिश कर रहा है। महिला का कहना है कि इस वजह से उसकी सामाजिक और पारिवारिक स्थिति भी प्रभावित हो रही है।

महिला आयोग ने जांच शुरू की

शिकायत मिलने के बाद महिला आयोग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है। आयोग ने संबंधित पक्षों से जानकारी मांगने और पूरे मामले की पड़ताल करने की बात कही है। भारतीय कानून के अनुसार, यदि किसी व्यक्ति की पहली शादी कानूनी रूप से खत्म नहीं हुई है, तो वह दूसरी शादी नहीं कर सकता। ऐसा करने पर भारतीय दंड संहिता की धारा 494 के तहत इसे अपराध माना जाता है और दोषी पाए जाने पर सजा और जुर्माने का प्रावधान है।


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