पिता का नाम राक्षस, मां करप्शन : मुजफ्फरपुर में फिर सामने आया फर्जी प्रमाण पत्र का गजब मामला
भारत
चेतना मंच
29 Nov 2025 09:03 PM
Forgery : बिहार के मुजफ्फरपुर से एक बार फिर प्रशासनिक व्यवस्था की खिल्ली उड़ाने वाला मामला सामने आया है। यहां एक अज्ञात व्यक्ति ने निवास प्रमाण पत्र बनवाने के लिए आनलाइन आवेदन किया, जिसमें पिता का नाम राक्षस, मां का नाम करप्शन और फोटो की जगह कार्टून इमेज अपलोड की गई है। आवेदन 24 जुलाई को दाखिल किया गया था।
क्या है पूरा मामला?
आवेदनकर्ता ने खुद को ग्राम खेतलपुर, पोस्ट शाही मीनापुर, प्रखंड औराई, जिला मुजफ्फरपुर का निवासी बताया है। जैसे ही यह फर्जी आवेदन औराई प्रखंड के अंचल अधिकारी (सीओ) गौतम कुमार के संज्ञान में आया, उन्होंने तत्काल औराई थाना में अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करवाई। सीओ ने स्पष्ट किया कि इस प्रकार की हरकतें न केवल सरकार की योजनाओं का मजाक उड़ाती हैं, बल्कि बिहार सरकार की छवि को भी धूमिल करने का प्रयास है।
मामला क्यों है गंभीर?
राजस्व कर्मचारी राहुल कुमार के अनुसार, यह हरकत आरटीपीएस () सर्विस प्लस पोर्टल की विश्वसनीयता पर सवाल उठाने और उसे बदनाम करने की सोची-समझी कोशिश हो सकती है। औराई थानाध्यक्ष राजा सिंह ने बताया कि धारा 419, 420, 468, 471 और आईटी एक्ट की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है और जांच जारी है।
इससे पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे मामले
29 जुलाई को सरैया में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नाम पर फर्जी आवासीय प्रमाण पत्र का आवेदन दिया गया था। पहले भी डॉग बाबू, ब्लूटूथ कुमार, सोनालिका कुमारी, सैमसंग यादव, जैसे नामों से फर्जी आवेदन दिए जा चुके हैं। कभी फॉर्म में सिर्फ अक्षरों की बेतरतीब श्रृंखला डाल दी गई तो कभी मोबाइल कंपनियों के नाम से आवेदन हुआ।
प्रशासन की सतर्कता
इन सभी मामलों में प्रशासन ने तत्काल एक्शन लेते हुए एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की है। अधिकारियों का कहना है कि सरकारी पोर्टल के साथ इस तरह की शरारतें अब बर्दाश्त नहीं की जाएंगी, और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। डिजिटल सुविधा का उद्देश्य लोगों को पारदर्शिता और सरलता से सेवा देना है, लेकिन कुछ लोग व्यवस्था का मजाक उड़ाकर न केवल सरकारी संसाधनों का दुरुपयोग कर रहे हैं बल्कि पूरे सिस्टम की विश्वसनीयता को भी खतरे में डाल रहे हैं। अब देखना होगा कि प्रशासन इस गंभीर चूक पर किस हद तक कार्रवाई करता है।