20 साल से चल रही थी फर्जीवाड़े की क्लास! कांग्रेस विधायक पर दर्ज होगी FIR
भारत
चेतना मंच
29 Nov 2025 09:02 AM
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद के खिलाफ गंभीर टिप्पणी करते हुए तीन दिनों के भीतर एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया है। मामला भोपाल स्थित इंदिरा प्रियदर्शिनी कॉलेज की मान्यता के लिए कथित रूप से फर्जी सेल डीड जमा करने से जुड़ा है। अदालत ने इसे शुरुआती तौर पर धोखाधड़ी और जालसाजी (IPC की धारा 420, 467, 468) का मामला मानते हुए कड़ा रुख अपनाया है। MLA Arif Masood
क्या कहा कोर्ट ने?
हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच जिसमें जस्टिस अतुल श्रीधरन और जस्टिस प्रदीप मित्तल शामिल थे, ने भोपाल पुलिस कमिश्नर को निर्देश दिया कि तीन दिन के भीतर आरिफ मसूद के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाए। साथ ही, पुलिस महानिदेशक (DGP) को इस मामले की जांच के लिए SIT (विशेष जांच दल) गठित करने का आदेश दिया गया है। यह टीम 90 दिनों के भीतर जांच रिपोर्ट अदालत में पेश करेगी।
अधिकारियों पर भी गिर सकती है गाज
कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि इस मामले में यदि किसी विभागीय अधिकारी ने लापरवाही बरती है, तो उसके खिलाफ भी आपराधिक मामला दर्ज किया जाएगा। कोर्ट ने शिक्षा विभाग के उस फैसले को भी उचित ठहराया जिसके तहत 9 जून को कॉलेज की मान्यता रद्द की गई थी। हाईकोर्ट ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर चल रहे कॉलेज के संचालन पर सवाल उठाते हुए नए एडमिशन पर रोक भी लगा दी है। अदालत ने कहा कि पिछले 20 सालों से जाली सेल डीड के सहारे कॉलेज का संचालन हुआ, जो प्रशासनिक और राजनीतिक समर्थन के बिना संभव नहीं था।
भोपाल स्थित इंदिरा प्रियदर्शिनी कॉलेज की मान्यता रद्द होने के बाद विधायक आरिफ मसूद ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। अदालत ने कॉलेज की जमीन और उससे जुड़े दस्तावेज मांगे। जांच में सामने आया कि 2 अगस्त 1999 को जो सेल डीड प्रस्तुत की गई थी वह फर्जी थी। इसके बाद पेश की गई दूसरी सेल डीड भी राजस्व रिकॉर्ड में मौजूद नहीं थी। मामला जितना शैक्षणिक संस्थान की मान्यता से जुड़ा है, उतना ही राजनीतिक और प्रशासनिक मिलीभगत की ओर भी इशारा करता है। हाईकोर्ट ने अपने फैसले में न केवल फर्जीवाड़े पर सवाल उठाए बल्कि सिस्टम की नाकामी को भी कटघरे में खड़ा किया है। MLA Arif Masood