चुनाव आयोग और SIR को लेकर देश की राजनीति में घमासान बढ़ता जा रहा है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने सोमवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर पार्टी और INDIA गठबंधन की तीन प्रमुख मांगें सामने रखीं।

नई दिल्ली, (चेतना मंच)। चुनाव आयोग और SIR को लेकर देश की राजनीति में घमासान बढ़ता जा रहा है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने सोमवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर पार्टी और INDIA गठबंधन की तीन प्रमुख मांगें सामने रखीं। खरगे के मुताबिक इन मांगों को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ता और INDIA गठबंधन के साथी देशभर में सड़कों पर हैं। खरगे ने जिन तीन मुद्दों को प्रमुखता से उठाया, उनमें मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा, SIR को रद्द करना और बैलेट पेपर से चुनाव कराना शामिल है।
कांग्रेस अध्यक्ष ने अपने पोस्ट में साफ तौर पर कहा कि पार्टी की पहली मांग ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की है। दूसरी मांग मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को रद्द करने की है। इसके साथ ही कांग्रेस चुनावों में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन के बजाय बैलेट पेपर से मतदान कराने की मांग भी उठा रही है। इन मुद्दों को लेकर विपक्षी दलों की गतिविधियां पिछले कुछ दिनों में तेज हुई हैं। महाराष्ट्र समेत कई स्थानों पर विपक्षी दलों ने प्रदर्शन किए हैं और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली तथा मतदाता सूची में बदलावों पर सवाल उठाए हैं।
खरगे ने अपने बयान में केवल कांग्रेस और INDIA गठबंधन के कार्यकर्ताओं का ही जिक्र नहीं किया, बल्कि इन मुद्दों पर आंदोलन कर रहे सिविल सोसाइटी सदस्यों और युवा संगठनों को भी समर्थन दिया। उन्होंने कहा कि देश के अलग-अलग हिस्सों में जो सिविल सोसाइटी सदस्य और युवा संगठन इन मुद्दों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं, कांग्रेस उनके साथ खड़ी है।
मल्लिकार्जुन खरगे ने अपने पोस्ट में दिल्ली में महिला पत्रकारों के कथित उत्पीड़न का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने इसे बेहद निंदनीय बताया और भाजपा पर निशाना साधा। दरअसल, 3 अक्टूबर को चुनाव आयोग के खिलाफ जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन के दौरान तीन महिला पत्रकारों ने पुलिसकर्मियों पर कथित यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए हैं। दिल्ली पुलिस के मुताबिक तीनों शिकायतों को जांच के लिए क्राइम ब्रांच को भेजा गया है। मामले में जांच जारी है।
आरोपों पर जांच का दौर जारी
महिला पत्रकारों की शिकायतों के बाद इस मुद्दे पर राजनीतिक और सामाजिक प्रतिक्रिया भी सामने आई है। 5 अक्टूबर को संसद मार्ग थाने के बाहर प्रदर्शन कर रहे लोगों ने मामले में FIR दर्ज करने और कार्रवाई की मांग की। इस दौरान कुछ प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिए जाने की भी जानकारी सामने आई है।
SIR को लेकर पहले से आमने-सामने है सत्ता और विपक्ष
SIR को लेकर कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल लगातार चुनाव आयोग पर सवाल उठा रहे हैं। विपक्ष का आरोप है कि मतदाता सूची में बदलाव से मतदाताओं के अधिकार प्रभावित हो सकते हैं। दूसरी ओर चुनाव आयोग इस प्रक्रिया को वैध मतदाता सूची तैयार करने की कवायद के तौर पर देखता है और इसके पीछे गलत या अपात्र प्रविष्टियों को हटाने की आवश्यकता बताई गई है। इसी विवाद के बीच INDIA गठबंधन ने 7 अक्टूबर को दिल्ली स्थित चुनाव आयोग के कार्यालय के बाहर संयुक्त प्रदर्शन का भी ऐलान किया है।
सुप्रीम कोर्ट में भी पहुंचा मामला
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ उठी मांगों के बीच उनका निलंबन/हटाने की मांग करने वाली याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट में 5 अक्टूबर को सुनवाई निर्धारित है। इससे चुनाव आयोग को लेकर चल रही राजनीतिक और कानूनी बहस और महत्वपूर्ण हो गई है।
विज्ञापन