
Ahmedabad Plane Crash : साल 2025 की शुरुआत भारत के लिए कुछ अच्छी नहीं रही है। पिछले आधे वर्ष में देश ने ऐसे पांच बड़े हादसे देखे, जिन्होंने न केवल जानें लीं, बल्कि पूरे राष्ट्र को झकझोर कर रख दिया। पिछले छह महीनों में देश ने ऐसे पाँच बड़े हादसे झेले हैं, जिन्होंने न केवल सैकड़ों परिवारों को उजाड़ा, बल्कि शासन, प्रबंधन और सुरक्षा तंत्र की तैयारियों पर भी गहरे सवाल खड़े कर दिए।
12 जून 2025 की सुबह, गुजरात की राजधानी अहमदाबाद से लंदन जा रहा बोइंग 787 ड्रीमलाइनर विमान टेकऑफ़ के चंद सेकंड बाद ही दुर्घटनाग्रस्त हो गया। 242 यात्रियों और क्रू मेंबर्स से भरे इस विमान ने जब उड़ान भरी, किसी ने नहीं सोचा था कि यह उनकी अंतिम यात्रा साबित होगी। विमान रिहायशी इलाके में एक इमारत से टकराया, जिससे न केवल उसमें सवार 241 लोगों की जान गई, बल्कि इमारत में रह रहे कई लोग भी मौत की चपेट में आ गए। कुल मिलाकर 265 लोग इस हादसे का शिकार हुए। मृतकों में पूर्व मुख्यमंत्री विजय रूपाणी और अभिनेता संजय कपूर भी शामिल थे। यह त्रासदी भारत के नागरिक उड्डयन इतिहास का सबसे भयावह अध्याय बन गई।
28 जनवरी की रात मौनी अमावस्या पर संगम तट पर आस्था का सैलाब उमड़ा, लेकिन भीड़ की इस विराटता के आगे प्रशासन की तैयारी बौनी पड़ गई। रात करीब 1:30 बजे संगम नोज क्षेत्र में बैरिकेडिंग टूट गई और हजारों श्रद्धालुओं के दबाव में भगदड़ मच गई। कई लोग स्नान स्थल तक पहुँचने की होड़ में नियंत्रण रेखाएं पार कर गए, जिससे हालात हाथ से निकल गए। इस त्रासदी में 37 लोगों की मौत हो गई और 60 से अधिक श्रद्धालु गंभीर रूप से घायल हुए।
अप्रैल 2025 में जम्मू-कश्मीर के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल पहलगाम की बैसरन घाटी उस समय दहशत के साये में आ गई, जब छुट्टियां मना रहे पर्यटकों पर आतंकियों ने धावा बोल दिया। इस हमले में 26 निर्दोष लोगों की जान चली गई। मरने वालों में कर्नाटक, ओडिशा और उत्तर प्रदेश के विभिन्न शहरों से आए पर्यटक थे — जिनमें कारोबारी, पेशेवर और आम सैलानी शामिल थे। यह हमला एक बार फिर इस बात की याद दिला गया कि घाटी में सामान्य स्थिति लौटने की राह अब भी लंबी है।
115 फरवरी 2025 की रात, नई दिल्ली रेलवे स्टेशन की चहल-पहल अचानक चीख-पुकार में बदल गई। प्लेटफॉर्म नंबर 14 और 15 पर उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब प्रयागराज जा रही विशेष ट्रेन के प्लेटफॉर्म बदलने की अफवाह फैल गई। भीड़ ने जल्दबाज़ी में फुटओवर ब्रिज पर चढ़ना शुरू किया और देखते ही देखते हालात बेकाबू हो गए। धक्का-मुक्की और गिरने-पड़ने के बीच 18 लोगों की जान चली गई—जिनमें 14 महिलाएं और तीन मासूम बच्चे शामिल थे।
RCB की जीत के बाद बेंगलुरु के चिन्नास्वामी स्टेडियम में 2025 का वह दिन इतिहास बन गया, लेकिन खुशी के इस माहौल ने पल भर में मातम ओढ़ लिया। स्टेडियम की 35,000 की क्षमता के बावजूद लाखों की भीड़ उमड़ पड़ी। बाहर खड़े लोगों को जब प्रवेश नहीं मिला, तो उत्तेजित भीड़ ने गेट तोड़ दिए और भगदड़ मच गई। इस घटना में 11 लोगों की मौत हो गई। यह हादसा आयोजकों और सुरक्षा एजेंसियों की विफलता का प्रतीक बन गया। Ahmedabad Plane Crash