G-20 : जानिये जी-20 सम्मलेन 2022 से जुड़ी सभी अहम जानकारियां
इन्डोनेशिया मे आयोजित दो दिवसीय जी- 20 शिखर सम्मेलन मे भाग लेते पीएम नरेंद्र मोदी।
भारत
चेतना मंच
29 Nov 2025 12:32 PM
साल-2022 के दो दिवसीय जी-20 शिखर सम्मलेन का समापन आज हो जाएगा। इसमें भागीदार देशों के अलावा भी कई अन्य देशों के राष्ट्राध्यक्ष इसमें हिस्सा लेने के लिए बाली, इंडोनेशिया पहुंचे हैं। इस सम्मलेन की अध्यक्षता इंडोनेशिया कर रहा है। अब यह दायित्व एक दिसम्बर को इंडोनेशिया भारत को सौंप देगा। यानि अब जी-20 का अध्यक्ष भारत होगा।
क्यों खास है साल-2022 का जी-20 शिखर सम्मलेन?
- वर्ष-2022 का जी-20 शिखर सम्मलेन कई कारणों से खास है। आइये जानते हैं कि अब तक इस सम्मलेन में किन मुख्य बिंदुओं पर चर्चा की गयी है और उनमें भारत का क्या योगदान रहा है?
- भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वैश्विक स्तर पर उत्पन्न होने वाले सभी महत्वपूर्ण मुद्दों जैसे कि खाद्य संकट, सुरक्षा, व्यापार नीतियों में लचीलापन आदि पर बात की। इसके साथ ही उन्होंने इन सभी जरुरी विषयों में भारत की भूमिका को भी बताया। उन्होंने कहा कि विश्व के विकास में भारत का हमेशा से ही अहम योगदान रहा है और आगे भी भारत इस वैश्विक विकास के पथ पर अग्रसर रहेगा।
- ऊर्जा संरक्षण के बाबत पीएम मोदी ने कहा कि अब वह समय आ गया है, जब ऊर्जा को भी अन्य प्राकृतिक संसाधनों की तरह अक्षय स्रोत से प्राप्त करने पर जोर देना चाहिये। सभी बड़े और विकसित देशों को ऊर्जा उत्पादन एवं प्रयोग में स्थिरता लानी चाहिये। इसकी आपूर्ति पर किसी भी प्रकार का प्रतिबंध लगाना ऊर्जा क्षेत्र को हानि की तरफ ले कर जा सकता है। उन्होंने भारत के विभिन्न ऊर्जा उद्देश्यों के बारे में भी चर्चा की, जिन्हें 2030 तक प्राप्त कर लिया जायेगा।
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- दूसरे विषयों पर भी प्रधानमंत्री ने दृढ़ता से अपनी राय रखी। खाद्य संकट के बाबत उन्होंने कहा कि इस संकट से विश्व को बचाने का एकमात्र रास्ता यही है कि सभी सामर्थ्यवान देश खाद्य की कमी को जड़ से दूर करने में एक दूसरे का सहयोग लें और छोटे देशों तक भी इसकी आपूर्ति सुनिश्चित करें। यदि आज हम इस कमी को लेकर गंभीर चिंतन नहीं करेंगे तो वह दिन दूर नहीं, जब एक बड़े खाद्य संकट से हमें जूझना पड़ेगा।
- उन्होंने यूक्रेन-रूस युद्ध पर भी अपनी राय दी और कहा कि इस युद्ध ने न केवल आर्थिक रूप से दोनों देशों का नुकसान किया है, बल्कि कई लोगों ने अपनों के अमूल्य जीवन को भी हमेशा के लिए खो दिया है। केवल बातचीत के द्वारा ही दोनों देश एक मध्यम मार्ग निकाल सकते हैं और इसके कारण होने वाले नुकसान को रोक सकते हैं।
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- क्या रहे इस सम्मेलन में रोचक पल?
- प्रधानमंत्री मोदी ने ब्रिटेन के नवनिर्वाचित प्रधानमंत्री ऋषि सुनक से पहली बार मुलाकात की।
- केम्पिसकी होटल में प्रधानमंत्री मोदी का इंडोनेशिया के राष्ट्रपति जोको विडोडो द्वारा भव्य स्वागत किया गया।
- रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने इस सम्मेलन से दूरी बना कर रखी, किन्तु रूस के विदेश मंत्री सर्गेइ लावरोव ने प्रतिनिधि के तौर पर इसमें भाग लिया।
- 16 दिसंबर को प्रधानमंत्री मोदी लगभग आठ देशों के प्रतिनिधियों के साथ द्विपक्षीय बैठक करेंगे। इस दौरान कई अहम मुद्दों पर चर्चा करेंगे। पीएम मोदी ने अमरीकी राष्ट्रपति जो बाइडेन के साथ बाली के मैंग्रोव जंगल का भी भ्रमण किया।