
G-20 Summit : नई दिल्ली। जी20 के वित्त मंत्रियों और केंद्रीय बैंक के गवर्नरों की बैठक इस माह के अंत में बेंगलुरु में होने जा रही है। बैठक के एजेंडा में 21वीं सदी की साझा वैश्विक चुनौतियों से निपटने के लिए बहुपक्षीय विकास बैंकों (एमडीबी) को मजबूत करना और ‘भविष्य के शहरों’ के लिए मजबूत, समावेशी और सतत वित्तपोषण जैसे विषय शामिल हैं।
भारत की जी20 की अध्यक्षता में वित्त मंत्रियों और केंद्रीय बैंकों के गवर्नरों (एफएमसीबीजी) की बैठक 24-25 फरवरी को होनी है। इस बैठक की अध्यक्षता वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और सह-अध्यक्षता भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास करेंगे।
जी20 एफएमसीबीजी की बैठक से पहले 22 फरवरी को जी20 के वित्त और केंद्रीय बैंकों के उप-प्रमुखों (एफसीबीडी) की बैठक होगी। इस बैठक की सह-अध्यक्षता आर्थिक मामलों के सचिव अजय सेठ और रिजर्व बैंक के डिप्टी गवर्नर माइकल डी. पात्रा करेंगे।
एफएमसीबीजी की बैठक में जी20 के सदस्य देशों के वित्त मंत्री और केंद्रीय बैंक के गवर्नर, आमंत्रित सदस्य और अंतरराष्ट्रीय संगठनों के प्रमुख शामिल होंगे। कुल मिलाकर 72 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल बैठक में भाग लेगा।
भारत की अध्यक्षता में इस बैठक का एजेंडा इस तरीके से तैयार किया गया है कि कुछ प्रमुख वैश्विक मुद्दों पर मंत्रियों और गवर्नरों के बीच बेहतर तरीके से विचारों का आदान-प्रदान हो सके। 24-25 फरवरी को होने वाली बैठक में तीन सत्र होंगे, जिसमें 21वीं सदी की साझा वैश्विक चुनौतियों का समाधान करने के लिए बहुपक्षीय विकास बैंकों को मजबूत करना, भविष्य के शहरों के लिए मजबूत, समावेशी और सतत या टिकाऊ वित्तपोषण, डिजिटल सार्वजनिक ढांचे का लाभ उठाने जैसे मुद्दों पर चर्चा होगी।
इन सत्रों में वैश्विक अर्थव्यवस्था से जुड़े मुद्दों, वैश्विक स्वास्थ्य और अंतरराष्ट्रीय कराधान जैसे मुद्दों पर भी विचार-विमर्श किया जाएगा। बैठक में भाग लेने आए मंत्रियों, गवर्नरों, उप-प्रमुखों और प्रतिनिधियों के लिए कई अन्य कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे।