
G20 Countries: नई दिल्ली। केंद्रीय कार्मिक राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने सोमवार को कहा कि जी20 देश बुधवार से शुरू हो रही भ्रष्टाचार रोधी कार्यकारी समूह की बैठक के दौरान चोरी हुई संपत्तियों की वसूली के अलावा भगोड़े आर्थिक अपराधियों को अधिक तेजी से पकड़ने तथा उन्हें प्रत्यार्पित करने के तरीकों पर विचार करेंगे।
उन्होंने कहा कि भारत गुरुग्राम में होने वाली बैठक के दौरान भ्रष्टाचार के खिलाफ कतई बर्दाश्त न करने की नीति सुनिश्चित करने तथा दुनियाभर में भ्रष्टाचार से निपटने की ओर प्रतिबद्धताओं को गहरा करने के वास्ते एक साथ मिलकर कदम उठाने पर जोर देगा।
जी20 की एक से तीन मार्च तक भ्रष्टाचार रोधी कार्यकारी समूह (एसीडब्ल्यूजी) की पहली बैठक के मद्देनजर जारी एक बयान में सिंह ने कहा कि भारत की जी20 अध्यक्षता के समय अभूतपूर्व आर्थिक, भूराजनीतिक और जलवायु चुनौतियां हैं।
इसमें कहा गया कि भारत की अध्यक्षता में जी20 देश भगोड़े आर्थिक अपराधियों को अधिक तेजी से पकड़ने तथा उन्हें प्रत्यर्पित करने तथा उनकी संपत्तियों को कुर्क करने जैसी भविष्य की कार्रवाई पर भी विचार-विमर्श करेंगे।
सिंह ने कहा कि भारत की अध्यक्षता का मकसद भ्रष्टाचार तथा आर्थिक अपराधों के खिलाफ कार्रवाई और चोरी हुई संपत्तियों की वसूली के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग मजबूत करना है।
उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार से निपटने के लिए पारदर्शी नियामक रूपरेखा और प्रभावी आंतरिक नियंत्रण तंत्र वक्त की जरूरत है।
भारत की जी20 अध्यक्षता की थीम ‘वसुधैव कुटुम्बकम’ का हवाला देते हुए सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में भारत की जी20 अध्यक्षता के साथ आगे बढ़ते हुए कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग भ्रष्टाचार रोधी कार्यकारी समूह की पहली बैठक आयोजित कर रहा है।
उन्होंने कहा कि तीन दिवसीय बैठक के दौरान 20 सदस्य देशों, 10 आमंत्रित देशों और नौ अंतरराष्ट्रीय संगठनों के 90 प्रतिनिधि भ्रष्टाचार रोधी अंतरराष्ट्रीय तंत्र को मजबूत करने पर विस्तारपूर्वक विचार-विमर्श करेंगे।