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G20 Summit 2023/ नई दिल्ली। दुनियाभर के 20 देशों के संयुक्त मंच जी20 का शिखर सम्मेलन शनिवार यानि आज से देश की राजधानी दिल्ली में शुरू होने जा रहा है। कुटनीति का यह महाकुंभ दो दिन तक चलेगा। यह महाकुंभ न केवल वसुधैव कुटुम्बकम के ध्यय को साकार करेगा, बल्कि दुनिया के बदलते शक्ति समीकरण का केंद्र भी बन सकता है। आज दुनिया की महाशक्तियों का संगम होगा। साझा सहयोग, रणनीतिक और बुनियादी ढांचों से जुड़े समझौते विस्तार ले सकते हैं और चीन की विस्तारवादी नीति पर लगाम लगाने का संयुक्त प्रयास भी आकार ले सकता है।
G20 शिखर सम्मेलन का पहला सत्र सुबह 10:30 बजे शुरू होगा जो 1:30 बजे तक चलेगा। इस सत्र का विषय वन अर्थ रखा गया है। इससे पहले सभी देशों से आए नेता बारी-बारी से भारत मंडपम पहुंचेंगे। यह सिलिसला आज सुबह 9:30 बजे शुरू होगा। पीएम नरेंद्र मोदी सभी राष्ट्राध्यक्षों का स्वागत करेंगे। दोपहर डेढ़ बजे से 3 बजे तक पीएम नरेंद्र मोदी, ब्रिटेन, जापान, जर्मनी और इटली देशों के राष्ट्राध्यक्षों के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। इसके बाद 3 बजे से 4:45 बजे तक दूसरा सत्र होगा जिसका विषय वन फैमिली रखा गया है। शाम तो 7 बजे से 8 बजे तक सभी देशों से आए नेताओं के साथ डिनर का आयोजन किया जाएगा। रात 9 बजकर 15 मिनट तक राष्ट्राध्यक्ष एक-दूसरे से बातचीत करेंगे और लाउंज में एक साथ एकत्रित होने के बाद अपने-अपने होटल निकल जाएंगे।
G20 के महामंच पर आज दुनिया के सबसे बड़े रेल नेटवर्क समझौते पर हस्ताक्षर होने की उम्मीद है, इस रेल नेटवर्क को चीन के BRI का जवाब माना जा रहा है। यह रेल नेटवर्क दिल्ली को सऊदी के साथ यूरोप से भी जोड़ेगा। इस साल मई में इसे लेकर बातचीत हो चुकी है, जब अमेरिका, सऊदी, भारत और यूएई के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों ने बैठक की थी। हालांकि यह अभी तक स्पष्ट नहीं है कि इस पर मुहर लगेगी ही, लेकिन अमेरिकी मीडिया ने इसकी पुरजोर संभावना जताई है।
जी20 दिल्ली के प्रगति मैदान के भारत मंडपम में आयोजित हो रहा है। भारत मंडपम ऐसा महामंच है जो 123 एकड़ में फैला है, इसके निर्माण में तकरीबन 2700 करोड़ रुपये का खर्च आया है, इसके हॉल में एक साथ 10 हजार लोग बैठ सकते हैं। आसान भाषा में समझें तो यह किसी भी फुटबॉल मैदान से तकरीबन 26 गुना बड़ा है। अब तक दुनिया के सबसे बड़े हॉल सिडनी के ओपेरा हाउस से भी ये कई गुना बड़ा है।
भारत की ओर से G20 शिखर सम्मेलन के भव्य आयोजन से दुनिया के कई देश दंग हैं। ब्रिटेन के पीएम ऋषि सुनक ने शुक्रवार को भारत पहुंचने के बाद कहा कि- ‘भारत के लिए यह बहुत बड़ी सफलता है, इसका आयोजन बहुत ही भव्य तरीके से हो रहा है। अगले कुछ दिन शानदार गुजरने वाले हैं’ यह आयोजन खास इसलिए भी है, क्योंकि भारत बेहद कम पैसे में सबसे बड़ा आयोजन करने जा रहा है।
2017 में जर्मनी में G20 शिखर सम्मेलन का आयोजन हुआ था जिसका खर्च 11624 करोड़ रुपये आया था। 2021 में इटली में G20 के आयोजन पर तकरीबन 9963 करोड़ रुपये खर्च किए गए थे। 2010 में कनाडा में G20 के शिखर सम्मेलन पर तकरीबन 4732 करोड़ खर्च हुए थे। 2020 में सऊदी अरब में आयोजित G20 समिट में 4151 करोड़ का खर्च आया था। 2023 में भारत G20 का अध्यक्ष है, यहां हो रहे भव्य आयोजन पर तकरीबन 4100 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।
G20 शिखर सम्मेलन में दुनिया के प्रमुख देश वैश्विक मुद्दों पर चर्चा करेंगे। यहां आम सहमति बनाने के साथ-साथ सामूहिक कार्रवाई पर मंथन किया जाएगा। इसमें भारत विकासशील देशों के एजेंडों का नेतृत्व करेगा। यहां जलवायु परिवर्तन से लेकर आर्थिक विकास और वित्तीय विनियमन पर चर्चा हो सकती है।
भारत में दुनिया की महाशक्तियों का संगम होगा तो भारत के सामने खुद को वैश्विक शक्ति के तौर पर प्रस्तुत करने का बेहरीतन मौका होगा। यहां भारत विकासशील देशों के सरोकारों को आगे बढ़ाने के मुद्दे को मजबूती के साथ रखेगा। इसके अलावा दक्षिण एशिया का प्रमुख और अगुवा देश होने के नाते भी भारत खुद को साबित करेगा। इसके अलावा दुनिया भर का प्रमुख बाजार होने के नाते भारत पूरी दुनिया को अपनी जरूरत का अहसास भी कराएगा। G20 Summit 2023
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