
G20 Summit : नई दिल्ली : देश की राजधानी दिल्ली में आगामी 9 व 10 सितंबर को जी 20 शिखर सम्मेलन आयोजित होने जा रहा है। इस विशिष्ठ आयोजन को लेकर केंद्र और दिल्ली सरकार द्वारा तमाम तरह की तैयारियों को पूर्ण कर लिया गया है। जी 20 शिखर सम्मेलन में शिरकत करने वाले विदेशी मेहमानों की सुरक्षा को लेकर व्यापक बंदोबस्त किए गए है। ऐसे में देश की जनता सवाल कर रही है कि जी 20 के आयोजन पर सरकार कितने रुपये खर्च कर रही है और इस सम्मेलन से भारत को क्या फायदा होगा।
आपको एक बार फिर बता दें कि जी 20 शिखर सम्मेलन के आयोजन में अब केवल एक सप्ताह ही शेष रह गया है। विदेशी मेहमानों की सुरक्षा से लेकर नोएडा, दिल्ली और NCR में सौंदर्यीकरण, सड़कों के निर्माण और ग्रीनरी पर जमकर खर्च किया जा रहा है। NDMC एरिया में सौंदर्यीकरण पर अब तक 60 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। दिल्ली सरकार के वन विभाग ने 16 करोड़ रुपये और लोक निर्माण विभाग (PWD) ने सड़कों के सौंदर्यीकरण पर अब तक 45 करोड़ रुपये खर्च किए हैं। दिल्ली पुलिस इस मामले में सबसे अधिक है। सम्मेलन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद करने पर अब तक 340 करोड़ रुपये खर्च किए हैं।
पीडब्ल्यूडी अफसरों के अनुसार प्रगति मैदान के आसपास का एरिया, लाल किला, सलीम गढ़ फोर्ट से लेकर राजघाट तक ब्यूटिफिकेशन किया गया है। इन इलाकों में करीब 3 दर्जन से अधिक तो फाउंटेन लगाए गए हैं। फाउंटेन बनाने में राजस्थान के पत्थरों का इस्तेमाल किया गया है। करोड़ों रुपये इन पर खर्च किया गया है। इसके अलावा फाउंटेन के लिए टैंकरों से पानी उपलब्ध कराने, लाइटिंग के बिजली केबल और डीजी सेट भी हायर किया गया है। इन सभी कार्यों पर 40-45 करोड़ रुपये खर्च हो चुके हैं। प्रगति मैदान के जितने भी एंट्री- एग्जिट गेट हैं, उनका स्पेशल लुक दिया गया है।
Read Also - Noida News : गांव में पहुंचे अफसर तो किसानों ने कहा कि वाकई बदल गया है निजामएनडीएमसी एरिया में ज्यादातर हॉर्टिकल्चर वर्क हुआ है, जिस अबतक करीब 60 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। अफसरों का कहना है कि जी20 के दौरान एनडीएमसी फोकस एरिया होगा। इसलिए एनडीएमसी एरिया में जो 41 मेन रोड हैं, उनका रीकारपेटिंग किया गया है। जगह-जगह फाउंटेन लगाए गए हैं। इसके अलावा फुटपाथ के किनारे जितने भी ग्रीन बेल्ट हैं, उसे ग्रास बेड बनाकर सजाया गया है। सौंदर्यीकरण के मामले में एमसीडी और डीडीए सबसे पीछे हैं। एमसीडी ने जी20 के दौरान सौंदर्यीकरण पर अब तक 6-7 करोड़ रुपये ही खर्च किया है।
जी20 सम्मेलन के लिए दिल्ली में जो काम किए जा रहे हैं, उसमें अलग एजेंसियों ने योगदान दिया है। अलग अलग कार्यों के लिए पैसे भी खर्च किए हैं। लेकिन, सबसे अधिक पैसे सिक्योरिटी अरेंजमेंट पर दिल्ली पुलिस ने खर्च किए हैं। दिल्ली पुलिस ने अब तक सिक्योरिटी अरेंजमेंट पर 340 करोड़ रुपये खर्च किए हैं। कुछ निजी कंपनियों ने भी दिल्ली में सौंदर्यीकरण के लिए सीएसआर फंड के तहत पैसे उपलब्ध कराए हैं। सीएसआर फंड के तहत करीब 3 करोड़ रुपये दिल्ली के सौंदर्यीकरण पर खर्च किया गया है।
जी-20 की अध्यक्षता के जरिए भारत को दुनियाभर के देशों के सामने ब्रैंड इंडिया की छवि मजबूत बनाने का मौका मिलेगा। इसकी शुरुआत पीएम मोदी ने हाल में इंडोनेशिया में हुए जी-20 समिट से की थी। उन्होंने देश के अलग-अलग हिस्सों से बने उत्पाद दुनिया के दिग्गज नेताओं को तोहफे में दिए थे।
देश के 50 शहरों में जी-20 से जुड़े आयोजनों की तैयारी का लक्ष्य रखा गया है। इसके जरिए टूरिज्म को बढ़ावा मिलेगा। इन कार्यक्रमों के जरिए दुनिया के देशों में भारत के पर्यटन स्थलों की लोकप्रियता बढ़ेगी। इस कार्यक्रम के जरिए मेक इन इंडिया प्रोजेक्ट को बढ़ावा मिल सकता है। दुनियाभर के देशों के बीच भारत में बने उत्पादों की पहुंच बढ़ेगी। इसका सीधा असर देश की अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा।
G20 Summitसमिट के जरिए जी-20 देशों में भारत की छवि और बेहतर होगी। आतंकवाद के मुद्दे पर दुनिया के देश एकजुट होते हैं तो भारत चीन और पाकिस्तान जैसे देशों को कड़ा संदेश देगा। भारत के पास मौका है कि मेजबानी करके खुद को दुनिया के सामने जोरदार तरीके से पेश कर सके। G20 Summit