रियल मनी गेम्स पर लगी लगाम, ई-स्पोर्ट्स को मिली नई पहचान
भारत
चेतना मंच
24 Aug 2025 10:51 AM
भारत में गेमिंग उद्योग को लेकर एक बड़ा फैसला लिया गया है। ऑनलाइन गेमिंग बिल 2025 को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मंजूरी दे दी है जिसके साथ ही देश में अब गेमिंग की परिभाषा, दिशा और भविष्य तीनों में बदलाव देखने को मिलेगा। सरकार का यह कदम खास तौर पर उन ऑनलाइन रियल मनी गेम्स पर शिकंजा कसने के लिए है जिनमें लोग पैसा लगाकर किस्मत आजमाते हैं। अब ई-स्पोर्ट्स यानी स्किल-बेस्ड गेमिंग को बढ़ावा देने पर पूरा फोकस होगा। Online Gaming Bill 2025
क्या है नया कानून और इसका असर?
अब भारत में ऑनलाइन गेमिंग को लेकर एक स्पष्ट रूपरेखा तैयार की गई है। रियल मनी गेम्स जैसे कि फैंटेसी स्पोर्ट्स, रम्मी, पोकर और तीन पत्ती को लेकर नियम सख्त किए जा रहे हैं। वहीं, सरकार ई-स्पोर्ट्स को औपचारिक रूप से 'खेल' की श्रेणी में लाकर उसे प्रोत्साहित करेगी।
ई-स्पोर्ट्स vs मनी गेम्स: क्या है फर्क?
ई-स्पोर्ट्स
पूरी तरह से स्किल और रणनीति पर आधारित।
गेम्स जैसे BGMI, Valorant, FIFA, Dota और Clash Royale।
खिलाड़ियों को मिलता है इंटरनेशनल एक्सपोजर और प्राइज मनी।
टूर्नामेंट्स, लीग्स और प्रोफेशनल करियर की संभावनाएं।
मनी गेम्स
असली पैसे से खेला जाता है।
जीत-हार में स्किल से ज्यादा किस्मत का रोल।
गेम्स जैसे Dream11, Poker, RummyCircle।
जोखिम अधिक, लत की संभावना भी।
ई-स्पोर्ट्स को मिलेगा संरक्षण
ई-स्पोर्ट्स को अब खेलों की मान्यता मिलेगी, न कि जुए या सट्टेबाजी की।
नेशनल अथॉरिटी बनेगी, जो तय करेगी कि कौन-से गेम वैध हैं।
सभी गेम्स का रजिस्ट्रेशन अनिवार्य होगा।
ई-स्पोर्ट्स टूर्नामेंट्स को मिलेगा सरकारी प्रोत्साहन।
भारतीय गेम डेवलपर्स को बढ़ावा देने पर जोर।
PUBG जैसे विदेशी गेम्स की तर्ज पर देसी गेम्स विकसित किए जाएंगे।
क्रिकेट, फुटबॉल, शतरंज जैसे खेलों के डिजिटल वर्जन को समर्थन।
गेमिंग, आईटी और स्टार्टअप सेक्टर के लिए नई उम्मीदें।
इस कानून से भारतीय गेम डेवलपर्स, स्टार्टअप्स और आईटी कंपनियों को बड़ी राहत मिल सकती है। साथ ही, भारतीय ई-स्पोर्ट्स खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर पहचान और पुरस्कार भी मिलेंगे।
रियल मनी गेम्स पर रोक से फैंटेसी स्पोर्ट्स और रम्मी कंपनियों का बिज़नेस प्रभावित होगा। लाखों लोगों के रोजगार पर असर पड़ सकता है। सरकार को यह सुनिश्चित करना होगा कि ई-स्पोर्ट्स और सट्टेबाजी के बीच की रेखा स्पष्ट बनी रहे। अब सरकार जल्दी ही ई-स्पोर्ट्स को लेकर नई गाइडलाइंस जारी करेगी। विदेशों में यह उद्योग पहले ही एक बड़ी पहचान बना चुका है और भारत अब उसी राह पर आगे बढ़ने को तैयार है। Online Gaming Bill 2025