गांधीनगर में हुई तगड़ी कार्रवाई, 190 दुकानों पर चला बुलडोजर
भारत
चेतना मंच
30 Nov 2025 04:19 AM
नवरात्रि के दौरान गरबा कार्यक्रम में हुए पथराव और हिंसा के बाद गुजरात प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। राजधानी गांधीनगर के पास बहियाल गांव में गुरुवार सुबह से ही प्रशासन ने 190 अवैध दुकानों और कब्जों पर बुलडोजर चलाया। हिंसा और अशांति फैलाने वाले 66 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया गया है। Gandhinagar News
क्या है मामला?
बीते दिनों गरबा आयोजन के दौरान बहियाल गांव में पथराव, आगजनी और दुकानों में तोड़फोड़ की घटनाएं सामने आई थीं। इस दौरान पुलिस पर भी हमला हुआ था। घटना के बाद से ही इलाके में तनाव का माहौल बना हुआ था। पुलिस और प्रशासन ने स्थिति को काबू में करने के लिए सख्त कार्रवाई की शुरुआत की।
प्रशासन ने जारी किए थे नोटिस
बहियाल गांव के रायपुर घामिज-करोली रोड और हाथीजन से बहियाल रोड पर फैले 190 अवैध कब्जेदारों को पहले ही नोटिस जारी किए गए थे। उन्हें निर्माण से संबंधित वैध दस्तावेज पेश करने के लिए दो दिन का समय दिया गया था लेकिन तय समय सीमा (बुधवार शाम) तक किसी ने भी वैध दस्तावेज नहीं सौंपे। इसके बाद गुरुवार सुबह से भारी पुलिस बल की मौजूदगी में बुलडोजर अभियान शुरू कर दिया गया। कार्रवाई के दौरान एसडीएम, पंचायत अधिकारी और लगभग 300 पुलिसकर्मी मौके पर मौजूद रहे।
SP रवि तेजा का बयान
गांधीनगर के एसपी रवि तेजा वासमशेट्टी ने बताया, हमने कुछ दिन पहले गरबा कार्यक्रम के दौरान हुए पथराव और हिंसा की जांच में शामिल लोगों की व्यावसायिक संपत्तियों की पहचान कर ली थी। अब उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है। कुल 186 दुकानों को चिन्हित कर तोड़ा जा रहा है।"
अब तक की कार्रवाई
बता दें कि, अब तक की हुई कार्रवाई में 190 अवैध दुकानों पर बुलडोजर चलाया गया है। 66+ लोग गिरफ्तार कर कई अन्य की तलाश जारी कर दी गई है वहीं, 83 नामजद 200 अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज हुआ है। बताया जा रहा है कि, 51 अतिक्रमणकारियों को नोटिस पहले ही भेजे गए थे।
हिंसा की जड़ में क्या था?
बताया जा रहा है कि यह विवाद एक सोशल मीडिया पोस्ट से शुरू हुआ था। उत्तर प्रदेश के कानपुर में लगाए गए 'आई लव मुहम्मद' बैनरों को लेकर सोशल मीडिया पर बहियाल गांव के एक हिंदू युवक ने टिप्पणी कर दी। इस पर वहां के कुछ मुस्लिम युवक भड़क गए और उन्होंने पहले उस युवक की दुकान फिर आसपास की दुकानों में तोड़फोड़ और आगजनी की। इसके बाद भीड़ ने गरबा कार्यक्रम में पहुंचकर पथराव शुरू कर दिया, जिससे स्थिति और बिगड़ गई।
इलाके में अभी भी पुलिस और सुरक्षा बलों की तैनाती है। प्रशासन लगातार नजर बनाए हुए है ताकि स्थिति दोबारा न बिगड़े। यह मामला अब सिर्फ सांप्रदायिक तनाव या गरबा विवाद नहीं रह गया है बल्कि कानून व्यवस्था की बड़ी चुनौती बन चुका है। प्रशासन की ओर से की गई सख्त कार्रवाई यह संदेश देती है कि हिंसा और अराजकता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। Gandhinagar News