गणपति पूजा में ये छोटी सी चूक कर सकती है बड़ा नुकसान
भारत
चेतना मंच
01 Dec 2025 07:21 AM
इस साल गणेश चतुर्थी का पर्व 27 अगस्त 2025, बुधवार को पूरे देश में श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जाएगा। यह त्योहार भगवान गणेश के जन्मोत्सव के रूप में हर साल भाद्रपद मास की शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को मनाया जाता है। लोग घरों में बप्पा की स्थापना कर विधिवत पूजन करते हैं और अगले 10 दिनों तक उन्हें भक्ति भाव से सेवा करते हैं। लेकिन ध्यान रहे इस पावन पर्व पर कुछ विशेष नियम हैं, जिनका पालन करना बहुत ज़रूरी है। यदि गलती से भी इनमें से कोई गलती हो जाए तो बप्पा नाराज हो सकते हैं और आपकी पूजा का फल अधूरा रह सकता है। Ganesh Chaturthi 2025
गणेश चतुर्थी पर भूलकर भी न करें ये 6 काम
1. चंद्र दर्शन से बचें
गणेश चतुर्थी के दिन चंद्रमा देखना अशुभ माना गया है। मान्यता है कि इस दिन चंद्र दर्शन से झूठा कलंक लग सकता है। अगर गलती से चंद्रमा दिख जाए तो श्रीमद्भागवत में स्यमंतक मणि की कथा का पाठ करने से दोष दूर होता है।
2. खंडित मूर्ति की स्थापना न करें
गणेश जी की प्रतिमा नई, अखंड और सुंदर होनी चाहिए। टूटी-फूटी या खंडित मूर्ति घर लाना और पूजा करना अशुभ होता है। बेहतर है कि मिट्टी की मूर्ति ही लाएं, जो पर्यावरण के अनुकूल भी होती है।
3. तामसिक भोजन से परहेज करें
पूरे उत्सव के दौरान मांस, मछली, अंडा, लहसुन, प्याज और शराब से दूर रहें। सात्विक आहार से मन शांत रहता है और भक्ति में एकाग्रता बनी रहती है।
4. तुलसी का प्रयोग न करें
गणेश जी की पूजा में तुलसी नहीं चढ़ाई जाती। पौराणिक कथा के अनुसार तुलसी जी ने गणेश जी को विवाह प्रस्ताव दिया था जिसे गणेश जी ने अस्वीकार कर दिया, जिसके बाद दोनों ने एक-दूसरे को श्राप दे दिया।
5. एक से ज्यादा मूर्ति न रखें
घर में केवल एक ही गणेश प्रतिमा स्थापित करें। अगर दो हैं, तो ध्यान रखें कि वे आमने-सामने न हों। इससे नकारात्मक ऊर्जा का संचार माना जाता है।
6. काले या नीले कपड़े पहनने से बचें
पूजा के दौरान काले और नीले रंग के वस्त्र पहनना अशुभ माना जाता है। कोशिश करें कि पीले, लाल या हरे रंग के कपड़े पहनें, जो शुभता और सकारात्मक ऊर्जा के प्रतीक होते हैं।
गणपति जी को प्रसन्न करने के सरल उपाय
उन्हें मोदक, लड्डू या बेसन के भोग अर्पित करें।
ॐ गं गणपतये नमः मंत्र का जाप 108 बार करें।
21 दूर्वा की गांठें गणेश जी को चढ़ाएं यह उन्हें विशेष प्रिय है।
गणेश चतुर्थी सिर्फ पूजा का पर्व नहीं, बल्कि श्रद्धा, विश्वास और सांस्कृतिक एकता का उत्सव है। मान्यता है कि गणपति जी की पूजा से जीवन की सभी बाधाएं दूर होती हैं और घर में सुख, समृद्धि और शांति का वास होता है। Ganesh Chaturthi 2025Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है। चेतना मंच इसकी पुष्टि नहीं करता है.