भारत के दिग्गज उद्योगपति और Gautam Adani के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। अमेरिका में चल रहे कथित रिश्वतखोरी और सिक्योरिटीज फ्रॉड से जुड़े मामले में अब नया मोड़ आ गया है।

Gautam Adani : भारत के दिग्गज उद्योगपति और Gautam Adani के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। अमेरिका में चल रहे कथित रिश्वतखोरी और सिक्योरिटीज फ्रॉड से जुड़े मामले में अब नया मोड़ आ गया है। अदानी की कानूनी टीम ने अमेरिकी अदालत में केस को खारिज करने की मांग की है और अदालत ने इस पर सुनवाई की प्रक्रिया शुरू करने की अनुमति दे दी है। इस घटनाक्रम को अदानी समूह के लिए बड़ी कानूनी राहत के रूप में देखा जा रहा है। इस खबर के सामने आने के बाद निवेशकों का भरोसा भी बढ़ा है और शेयर बाजार में अदानी समूह की कंपनियों के शेयरों में तेज उछाल देखने को मिला है।
दरअसल यह मामला अमेरिका के बाजार नियामक U.S. Securities and Exchange Commission (SEC) से जुड़ा है। नवंबर 2024 में SEC ने गौतम अदानी और उनके भतीजे सागर अदानी पर आरोप लगाया था कि उन्होंने एक कथित रिश्वत योजना से जुड़े तथ्यों को निवेशकों से छिपाया। SEC का दावा था कि अदानी समूह की कंपनी Adani Green Energy के जरिए 2021 में जारी किए गए करीब 75 करोड़ डॉलर के बॉन्ड से जुड़े दस्तावेजों में कुछ महत्वपूर्ण जानकारियां छिपाई गईं। आरोप यह भी लगाया गया कि भारत में बिजली खरीद समझौतों को हासिल करने के लिए सरकारी अधिकारियों को करोड़ों डॉलर की कथित रिश्वत देने की योजना बनाई गई थी। इन आरोपों के आधार पर अमेरिका में सिविल फ्रॉड और भ्रष्टाचार से जुड़े केस दर्ज किए गए थे।
अब इस मामले में गौतम अदानी और उनके भतीजे सागर अदानी ने अमेरिकी अदालत में याचिका दायर कर केस को पूरी तरह खारिज करने की मांग की है। उनके वकीलों का कहना है कि यह मामला अमेरिकी अदालत के अधिकार क्षेत्र में नहीं आता और SEC के आरोपों के समर्थन में ठोस सबूत भी नहीं हैं। अदानी की कानूनी टीम का यह भी कहना है कि कथित घटनाएं भारत में हुईं और जिन बॉन्ड का जिक्र किया गया है वे किसी अमेरिकी एक्सचेंज पर ट्रेड नहीं हुए, इसलिए अमेरिकी कानून लागू नहीं होता। अदालत में इस याचिका पर औपचारिक सुनवाई के लिए प्रक्रिया शुरू हो गई है और अदानी पक्ष अप्रैल 2026 के अंत तक केस खारिज करने की औपचारिक अपील दाखिल करेगा।
इस कानूनी घटनाक्रम का असर सीधे शेयर बाजार में भी दिखाई दिया। खबर सामने आने के बाद अदानी समूह की कई कंपनियों के शेयरों में 10 से 13 प्रतिशत तक उछाल आया और समूह की मार्केट वैल्यू में लगभग ₹96,000 करोड़ से लेकर करीब ₹1 लाख करोड़ तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई। विशेषज्ञों का कहना है कि अदालत में केस को खारिज कराने की पहल से निवेशकों का भरोसा बढ़ा है और बाजार में सकारात्मक संकेत गए हैं।
कानूनी विशेषज्ञों के मुताबिक अभी मामला पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। अदालत को यह तय करना होगा कि SEC का मुकदमा आगे चलेगा या अदानी की याचिका स्वीकार कर उसे खारिज कर दिया जाएगा। हालांकि मौजूदा घटनाक्रम को अदानी समूह के लिए महत्वपूर्ण राहत माना जा रहा है, क्योंकि इससे कंपनी की अंतरराष्ट्रीय कानूनी स्थिति और निवेशकों के विश्वास पर सकारात्मक असर पड़ सकता है। Gautam Adani