Gautambudh University: तो बदल जाएगा पश्चिमी यूपी में शिक्षा व्यवस्था का परिदृश्य
Gautambudh University
भारत
चेतना मंच
29 Nov 2025 08:08 AM
Gautambudh University: गौतमबुद्ध नगर के जेवर विधानसभा क्षेत्र के भाजपा विधायक ठाकुर धीरेंद्र सिंह (BJP MLA from Jewar Assembly Constituency Thakur Dhirendra Singh) के प्रस्ताव को यदि शासन की मंजूरी मिली तो पश्चिमी उत्तर प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था का परिदृश्य ही बदल जाएगा। दरअसल, विधायक धीरेंद्र सिंह ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Uttar Pradesh Chief Minister Yogi Adityanath) को एक पत्र देकर मां शाकम्भरी राज्य विश्वविद्यालय सहारनपुर की तरह चौधरी चरण सिंह यूनिवर्सिटी (Chaudhary Charan Singh University) (CCSU) से गौतमबुद्ध विश्वविद्यालय को भी अलग करने की मांग की है। इसमें तीन जिले गौतमबुद्ध नगर, बुलंदशहर और गाजियाबाद को शामिल करने का प्रस्ताव दिया है। उन्होंने मुख्यमंत्री से गौतमबुद्ध विश्वविद्यालय को संबद्धता अधिकार देने की भी मांग की है।
जेवर विधायक धीरेंद्र सिंह ने बताया कि गौतमबुद्ध विश्वविद्यालय को सीसीएसयू से अलग करने और उसे संबद्धता देने के बाबत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से बात हुई है। उन्होंने इस पर जल्द संज्ञान लेने को कहा है। उन्होंने बताया कि वह शीघ्र ही सीसीएसयू से पूरी रिपोर्ट शासन को भिजवा देंगे। उन्होंने बताया कि गौतमबुद्ध विश्वविद्यालय को संबद्धता अधिकार के मामले को मुख्यमंत्री पहले ही हरी झंडी दे चुके हैं, लेकिन अभी उस पर अमल नहीं किया है। धीरेंद्र सिंह ने बताया कि उन्होंने मुख्यमंत्री से विवि को संबद्धता अधिकार देकर तीन जिलों गौतमबुद्ध नगर, सहारनपुर और गाजियाबाद को इसके अधीन करने की मांग की है।
गौरतलब है कि मां शाकम्भरी राज्य विश्वविद्यालय बनने के बाद सहारनपुर, शामली और मुजफ्फरनगर के कॉलेज सीसीएसयू से तीन जिले हो अगल चुके हैं। इन जिलों में 11 एडेड, नौ राजकीय और 200 से अधिक सेल्फ फाइनेंस कॉलेज अलग हो चुके हैं। गौतमबुद्ध राज्य विवि को संबद्धता अधिकार मिलने के बाद बुलंदहशर, गाजियाबाद और गौतमबुद्ध नगर इससे जुड़ सकते हैं। ऐसा होने पर सीसीएसयू के वित्तीय स्रोत कम होंगे। सीसीएसयू के परिक्षेत्र में भी सिर्फ मेरठ, हापुड़ और बागपत जनपद के कॉलेज रह जाएंगे। ये तीन जिले आर्थिक दृष्टि से इतने बेहतर नहीं हैं जितने गाजियाबाद एवं गौतमबुद्धनगर हैं। इन तीन जिलों के कॉलेजों में हर साल 50 करोड़ रुपये की आय होती है।
गौतमबुद्ध विश्वविद्यालय (जीबीयू) का शिलान्यास 28 अगस्त 1997 को प्रदेश तत्कालीन मुख्यमंत्री मायावती ने की थी। लेकिन, बाद की सरकारों ने इस परियोजना को आगे बढ़ाने में दिलचस्पी नहीं दिखाई। बाद में मायावती के दोबारा सक्रिय होने के बाद इसके निर्माण में तेजी आई। वर्ष-2002 में गौतमबुद्ध यूनिवर्सिटी बनकर तैयार हो गया, लेकिन शैक्षणिक सत्र की शुरुआत वर्ष-2008 में हुई। लगभग 511 एकड़ भूमि पर निर्मित इस यूनिवर्सिटी को विश्वस्तरीय बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं। इसके निर्माण पर लगभग 600 करोड़ रुपये की लागत आई थी। इसमें फिलहाल इंजीनियरिंग, व्यवसाय प्रशासन, कंप्यूटर अनुप्रयोगों में स्नातक, परास्नातक और डॉक्टरेट की डिग्री प्रदान की जा रही है।