General Bipin Rawat of Death Anniversary : साहस और देशभक्ति की नयी परिभाषा लिख गए जनरल रावत
General Bipin Rawat's death anniversary: General Rawat wrote a new definition of courage and patriotism
भारत
चेतना मंच
29 Nov 2025 03:19 AM
General Bipin Rawat of Death Anniversary : बीते वर्ष आज के ही दिन भारत देश ने माँ भारती के एक वीर सपूत को हेलीकाप्टर दुर्घटना में खो दिया था। देश में CDS (चीफ डिफेन्स स्टाफ) जैसे नये पद की शुरुआत करने वाले व्यक्ति जनरल बिपिन रावत जी ही थे। आज उनकी पुण्यतिथि पर पूरा देश उनके असीम योगदानों को याद करते हुए उन्हें नमन कर रहा है।
General Bipin Rawat of Death Anniversary :
विपिनरावतकाभारतीयसैन्यविभागमेंयोगदान
अगर यह कहा जाये कि देश सेवा का भाव उन्हें एक विरासत के तौर पर मिला था तो शायद इसमें कोई संदेह नहीं होगा। उत्तराखंड के पौड़ी गाँव में 16 मार्च 1958 को जन्मे विपिन रावत के पिता लक्ष्मण सिंह रावत भी एक लेफ्टिनेंट जनरल थे। उन्होंने अपनी सैन्य सेवा की यात्रा की शुरुआत खड़कवासला की राष्ट्रीय रक्षा अकादमी तथा देहरादून से भारतीय सैन्य अकादमी से डिग्री हासिल करके की। यहां उन्होंने अपनी योग्यता के बल पर "स्वार्ड और ऑनर " भी प्राप्त किया। कई सैन्य विभागों में अपने साहसिक फैसले लेते हुए वे आर्मी चीफ के पद तक जा पहुंचे। उन्हें उनके कश्मीर में उग्रवादियों के खिलाफ लिए गए कड़े फैसलों के लिए भी हमेशा याद रखा जाएगा। नौजवानों के एक समूह को सम्बोधित करते हुए जनरल बिपिन रावत ने एक बार यह कहा था कि, " देश के युवा सैन्य सेवा को एक रोजगार का जरिया न समझें। यहांवेहीलोगआयेंजोवास्तविकतामेंदेशकेलिएप्राणन्योछावारकरनेकीहिम्मतरखतेहैं।" उनका कहना था कि सेना को एक रोजगार के नजरिये से देखना सेना का अपमान करने के बराबर है।
कुन्नूरमेंहुआवहदर्दनाकहादसा
वर्ष 2021 में आज के ही दिन यानि 8 दिसंबर को एक हेलीकाप्टर क्रैश में जनरल विपिन रावत ने अपनी पत्नी मधुलिका व अन्य 11 अफसरों के साथ जिंदगी को अलविदा कह दिया। यह हादसा पूरे देश को झकझोर देने वाला था क्योंकि भारत में उनके जैसे कड़े फैसले लेने वाले एक मजबूत सैन्य अफसर की बहुत अधिक आवश्यकता थी। तमिलनाडु के कुन्नूर में यह हादसा उनके हेलीकाप्टर के एक पहाड़ से टकरा जाने के कारण हुआ था।