गाजियाबाद के पिता तथा पुत्र कर रहे हैं बड़ा कमाल,लगाई इनामों की झड़ी
भारत
चेतना मंच
01 Dec 2025 03:46 AM
गाजियाबाद शहर उत्तर प्रदेश ही नहीं भारत का प्रसिद्ध शहर है। गाजियाबाद शहर में अनेक प्रसिद्ध साहित्यकार, कवि तथा शायर रहते हैं। भारत के प्रसिद्ध कवि कुमार विश्वास तथा प्रसिद्ध शायर मासूम गाजियाबादी भी गाजियाबाद शहर के ही रहने वाले हैं। मासूम गाजियाबादी ने तो गाजियाबाद का नाम पूरी दुनिया तक पहुंचाया है। मासूम गाजियाबादी ने अपने नाम तथा काम से अपनी ही प्रसिद्ध शायरी को सार्थक साबित किया है। Ghaziabad News
किसी के नाम से मशहूर होकर गांव चलता है
गाजियाबाद शहर के रहने वाले प्रसिद्ध शायर मासूम गाजियाबादी का एक शेर है " डूबो देता है कोई नाम तक भी खानदानों के,किसी के नाम से मशहूर होकर गांव चलता है " यह शेर मासूम गाजियाबादी के नाम को सार्थक सिद्ध करता है। इसी प्रकार का काम गाजियाबाद में रहने वाले एक पिता तथा पुत्र की जोड़ी कर रही है। गाजियाबाद के पिता तथा पुत्र की इस जोड़ी ने तो मानो पुरस्कारों ( इनाम) की छड़ी ही लगा दी है। गाजियाबाद में रहने वाली इस प्रसिद्ध जोड़ी में पिता का नाम नागेंद्र त्रिपाठी तथा पुत्र का नाम सौरभ त्रिपाठी है।
भारत सरकार का महत्वपूर्ण पुरस्कार जीता सौरभ त्रिपाठी ने
भारत सरकार के उपभोक्ता मंत्रालय के अधीन राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग में कार्यरत गाजियाबाद निवासी सौरभ त्रिपाठी 'रवि' ने मंत्रालय द्वारा हिंदी पखवाड़ा 2025 के तत्वावधान में हाल ही में आयोजित प्रतियोगिता में द्वितीय स्थान प्राप्त किया । गाजियाबाद के रहने वाले सौरभ त्रिपाठी ने शब्द श्रृंखला खेल, आशु कला गतिविधि, हिंदी वर्तनी, कविता प्रतियोगिता में हजारों प्रतियोगियों ने हिस्सा लिया जिसमें द्वितीय स्थान प्राप्त करने पर एन.सी.डी.आर.सी के ज्वाइंट रजिस्टार द्वारा सौरभ त्रिपाठी 'रवि' को प्रशस्ति पत्र एवं नकद राशि देकर सम्मानित किया गया।
ज्ञातव्य है कि इसके पूर्व भी सौरभ ने नवोदय विद्यालय संगठन द्वारा आयोजित अखिल भारतीय परीक्षा में राष्ट्रीय स्तर पर 24 वां स्थान व उ . प्र . तथा उत्तराखंड राज्य की संयुक्त मेरिट लिस्ट में पांचवा स्थान प्राप्त कर गाजियाबाद ही नहीं वरन प्रदेश का नाम भी रोशन किया है । उनके बड़े भाई यूपी पुलिस में इंस्पेक्टर के पद पर कार्यरत चंदन त्रिपाठी भी दिल्ली विश्वविद्यालय के गोल्ड मेडलिस्ट रहे हैं तथा कई बार जिले का परचम राष्ट्रीय स्तर पर लहरा चुके हैं ।
गाजियाबाद के नागेंद्र त्रिपाठी को मिले हैं अनेक पुरस्कार
सौरभ के पिता वरिष्ठ साहित्यकार नागेन्द्र त्रिपाठी ने भी साहित्य कमल समूह द्वारा आयोजित अखिल भारतीय काव्य लेखन प्रतियोगिता में द्वितीय स्थान प्राप्त कर गाजियाबाद,वाराणसी ही नहीं पूरे प्रदेश का गौरव बढ़ाया है । बताते चलें कि नागेन्द्र त्रिपाठी की अब तक 12 एकल पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं जिसमें "जीवन के पथरीले पथ पर" व "कबिरा की काशी" नामक दो पुस्तकें जनता द्वारा विशेष रूप से सराही गईं । उन्होंने 88 साझा संकलनों में भी सहलेखक / संपादक की महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है । गद्य व काव्य लेखन में उन्हें कई राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय सम्मान मिल चुके हैं। Ghaziabad News