Ghaziabad : 5 घंटे चली जटिल हाइब्रिड सर्जरी से बचाई जांबिया के नागरिक की जान
भारत
चेतना मंच
01 Dec 2025 03:07 PM
साहिबाबाद/ गाजियाबाद। यशोदा सुपरस्पेशलिटी हॉस्पिटल (Yashoda Superspecialty Hospital )कौशांबी में अफ्रीकन मूल के जांबिया निवासी 59 वर्षीय मैथ्यू डिक्सन का हाइब्रिड विधि जिसमें दूरबीन एवं बहुत ही कम चीरे के ऑपरेशन से सफलतापूर्वक इलाज किया गया।
एक प्रेसवार्ता में हॉस्पिटल के कार्डियोथोरेसिक एवं वैस्कुलर सर्जन डॉक्टर आयुष गोयल (Surgeon Dr Ayush Goyal) ने बताया की मैथ्यू को चलने में दिक्कत होती थी, कूल्हे एवं पैरों में सूजन एवं दर्द की शिकायत थी । उनकी यह सूजन इतनी गंभीर थी कि यह कभी भी फट सकती थी और इसका गंभीर खतरा यह था कि 5 लीटर प्रति सेकंड के हिसाब से खून बाहर आ सकता था। ऐसे में मैथ्यू ने जब अपने देश में जांच कराई तो उन्हें पता चला कि उनकी शरीर की खून की सबसे मोटी रक्त वाहिनी में सूजन है और उसमें कचरा भी फस गया था। उस जांच की रिपोर्ट को मैथ्यू ने अपने मित्र के माध्यम से यशोदा हॉस्पिटल कौशांबी के डॉक्टरों को भेजा जहां टेलीमेडिसिन के माध्यम से मैथ्यू को बताया गया कि इसका इलाज हो सकता है और वह सारे प्रावधानों को पूरा करते हुए भारत आ गए। डॉक्टर आयुष गोयल ने बताया कि उनके एऑर्टिक एन्यूरिज्म जानी सबसे मोटी नली में कचरा का इलाज छोटे से चेहरे से छल्ला डालकर किया गया और जांघ से दूरबीन विधि द्वारा ट्यूब डालकर उनका इलाज किया गया। यह ट्यूब पैंटालून या पजामा के आकार की थी जिसे डालना बहुत ही जटिल होता है।
अस्पताल के डायरेक्टर क्लिनिकल सर्विसेज डॉक्टर आरके मनी (Dr RK Mani) ने बताया कि यह गाजियाबाद में इस तरह का पहला ऑपरेशन है और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में या पूरे उत्तर प्रदेश में इस तरह का पहला ऑपरेशन ही होगा। मैथ्यू 1 महीने के करीब भारत (India ) में रहे और अब वह फिर से चल फिर सकते हैं और अपने को बिल्कुल सामान्य महसूस कर रहे हैं।