Ghaziabad News : हेपेटाइटिस दिवस पर यशोदा अस्पताल में शिविर
भारत
चेतना मंच
29 Nov 2025 06:12 AM
Ghaziabad: गाजियाबाद । विश्व हेपेटाइटिस दिवस (world hepatitis day) के अवसर पर यशोदा सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल्स, कौशांबी के गैस्ट्रो एवं लिवर डिपार्टमेंट द्वारा हॉस्पिटल में एक निशुल्क परामर्श शिविर लगाया गया और विशेष जांच के पैकेज भी उपलब्ध कराए गए। शिविर में 50 से भी ज्यादा मरीजों ने लाभ लिया। हॉस्पिटल के वरिष्ठ लिवर एवं पेट रोग विशेषज्ञ डॉ कुणाल दास, डायरेक्टर एवं एचओडी, एवं डॉ हरित कोठारी, विशेषज्ञ पेट एवं लिवर रोग ने मरीजों को परामर्श दिया।
डॉ कुणाल दास ने बताया कि लिवर (जिगर) शरीर का दूसरा सबसे बड़ा अंग है, जिसका वजन लगभग 1.5 किलो होता है। इसे शरीर की प्रयोगशाला और कारखाने के रूप में जाना जाता है, क्योंकि इसमें शरीर के महत्वपूर्ण कामकाज के लिए कई कार्य होते हैं। लिवर रक्त में कई रसायनों को नियंत्रित करता है और पित्त नामक पदार्थ यानी उत्पाद को उत्सर्जित करता है जो लिवर से अपशिष्ट उत्पादों को दूर करता है।
इस अवसर पर बोलते हुए डॉ हरित कोठारी ने कहा कि क्रोनिक हेपेटाइटिस का सबसे आम कारण वायरल हेपेटाइटिस है- हेपेटाइटिस बी और हेपेटाइटिस सी, अल्कोहलिक हेपेटाइटिस और फैटी लिवर को गैर-अल्कोहल स्टीटोहेपेटाइटिस (एनएएसएच) के रूप में भी जाना जाता है। वायरल हेपेटाइटिस भारत में एक बड़ी स्वास्थ्य समस्या है, क्योंकि लगभग 40 मिलियन हेपेटाइटिस बी से संक्रमित हैं और 6-12 मिलियन हेपेटाइटिस सी के साथ। यह अनुमान है कि भारत में सामान्य आबादी के 16-32त्न (लगभग 120 मिलियन) में एनएएफएलडी है और उनमें से लगभग 31त्न एनएएसएच से पीडि़त हैं। फैटी लिवर रोग (एनएएफएलडी/एनएएसएच) के सबसे सामान्य कारण मधुमेह, हाइपोथायरायड और हाइपरलिपिडेमिया हैं।