
Ghaziabad News : गाजियाबाद कमिश्नरेट पुलिस ने साईबर फ्रॉड करने वाले एक ऐसे कॉल सेंटर का खुलासा किया है जिसकी सारी प्लॉनिंग चाट की दुकान पर बनती थी। गिरोह में कंस्ट्रक्शन साईट पर स्टोर मैनेजर, बीए एलएलबी पास, कॉल सेंटर ऑपरेटर और चाट की दुकान चलाने वाला शामिल है। गिरोह ने कुछ ही महीने में करोड़ों रूपये ठग लिए।
गाजियाबाद के थाना इंदिरापुरम में प्रभाष कुमार चौधरी ने कोरियर, बीमा पॉलिसी आदि के नाम पर साईबर फ्रॉड होने की शिकायत दर्ज कराई थी। मामले की जांच करते हुए साईबर सेल तथा थाना इंदिरापुरम पुलिस ने गिरोह में शामिल गौरव दुआ पुत्र हरीश दुआ निवासी सुपरटेक इकोविलेज ग्रेटर नोएडा, विजय कश्यप पुत्र दिवारीलाल कश्यप निवासी छलेरा सेक्टर-44 तथा दिनेश कुमार निवासी बुलंदशहर को गाजियाबाद के वसुंधरा सेक्टर-1 तिराहे के पास एलिवेटेड पुल के नीचे से गिरफ्तार किया। इनके पास से 27 एटीएम, क्रेडिट कार्ड, 2 चेक बुक, 1 लैपटॉप, मोबाइल व 3 कार बरामद हुई हैं।
गाजियाबाद कमिश्नरेट पुलिस द्वारा पकड़े गए आरोपी गौरव दुआ ने बताया कि वह अपेक्स कंस्ट्रक्शन साईट पर स्टोर मैनेजर था, उसकी आमदनी अच्छी नहीं थी। एक दिन उसकी मुलाकात सोनू चौहान उर्फ धर्मेन्द्र सिंह से हुई। धर्मेन्द्र नोएडा के सेक्टर-132 में कॉल सेंटर चलाता है। धर्मेन्द्र ने उससे अपने साथ काम करने के लिए कहा। गौरव ने बताया कि कॉल सेंटर में सोनू मक्कड़, रवि यादव, अरूण, मुकेश चौहान, ओमवीर सिंह चौहान, सूरज गुप्ता व 3-4 अज्ञात लड़कियां काम करती थी। कॉल सेंटर में कोरियर, बीमा पॉलिसी कराने के नाम पर लोगों को फोन कर फंसाया जाता था।
पीड़ित प्रभाष चौधरी को बीमा लोकपाल बनाकर फोन किया गया और उनसे कहा गया कि उनका एक कोरियर प्राप्त हुआ है जिसका स्टांप शुल्क नहीं भरा गया है। इसलिए 8 हजार रूपये जमा कराये जाएं नहीं तो कोरियर वापस भेज दिया जाएगा। इस तरह प्रभाष चौधरी उनके झांसे में फंसा। फर्जी कॉल सेंटर के जरिए कई लोगों से ठगी की गई और 1.65 करोड़ रू0 अलग-अलग खाते में जमा करा लिये गये। गिरोह में शामिल विजय कश्यप चाट की दुकान चलाता था और कोरोना के बाद उसने दुकान बंद कर दी थी। चाट की दुकान पर ही फर्जी कॉल सेंटर गिरोह के लोग बैठकर फर्जीवाडे की प्लॉनिंग बनाते थे। विजय भी उनके झांसे में आ गया और कमिशन पर गिरोह को बैंक खाता उपलब्ध कराने लगा।
विजय फेसबुक के माध्यम से एकाउंट लेकर देता था। आरोपी दिनेश ने मोनार्ड यूनिवर्सिटी हापुड़ से बीए एलएलबी की थी और चाट की दुकान पर अक्सर आता था। जहां उसकी विजय कश्यप से दोस्ती हो गयी। दिनेश कंस्ट्रक्शन साईट पर काम करने वाले मजदूरों को पैसे का लालच देकर उनका बैंक खाता खुलवाकर उनके खाते विजय कश्यप को देता था। इसके लिए उसे भी 15 प्रतिशत कमीशन मिलता था। पुलिस गिरोह के दूसरे सदस्यों की भी तलाश कर रही है।