Ghaziabad News : सूखा नशा बना रहा है 'उड़ता गाजियाबाद'
भारत
चेतना मंच
02 Dec 2025 03:02 AM
Ghaziabad गाजियाबाद । दिल्ली-एनसीआर के सबसे बड़े शहर गाजियाबाद को सूख नशा 'उड़ता गाजियाबाद' बनाता जा रहा है। गाजियाबाद में बसी झुग्गी-झोपडिय़ों, कबाडिय़ों की दुकानों, टी-स्टॉलों सहित कई स्थानों पर नशे का कारोबार हो रहा है।
बॉलीवुड की फिल्म 'उड़ता पंजाब' आज भी सबके जहन में ताजा है। इस फिल्म में पंजाब में नशे के कारण तबाह हो रही युवा पीढ़ी की दुर्दशा को दिखाया गया था।
गाजियाबाद में भी नशे के कारोबार ने तेजी पकड़ ली है। सूत्रों के मुताबिक चौधरी मोड़, कुछ टी-स्टॉलों, पुराना बस स्टैंड की झुग्गी-झोपडिय़ों, इंदिरापुरम में कबाडिय़ों की दुकानों, वैशाली व शहर में बसी झुग्गी झोपडिय़ों में 'सूखा नशाÓ बेचा जा रहा है। इस नशे का इस्तेमाल भीख मांगने, कूड़ा बीनने वाले बच्चे व महिलाओं के अलावा नशा करने वाले छात्र व युवा भी कर रहे हैं।
सूखे नशे का इस्तेमाल करने वालों को न्यूरल एनजाइटी, डिप्रेशन एनसेस, शरीर में कम्पन, भूख लगना बंद होना तथा शरीर की हड्डियां गलने की समस्या होती है। सूत्रों के मुताबिक सूखे नशे के रूप में डोडा, भांग, स्मैक, चरस, अफीम, अल्प्राजोलम मेडिसिन, एविल लिक्विड, नीट्रैबिट 10, बनरोल और पंचर लगाने में इस्तेमाल होने वाला ओमनी कंपनी का केमिकल वुल्चनिजिंग फ्लूड नशे के लिए बेचा जा रहा है। गाजियाबाद को नशा-खोरों ने 'उड़ता पंजाब' बनाना शुरू कर दिया है।
नशा मुक्ति अभियान से जुड़े रविन्द्र आर्य ने बताया कि गाजियाबाद में बिक रहे इस सूखे नशे के खिलाफ उन्होंने आवाज उठाई है। गाजियाबाद में यह नशा ओडिशा, नेपाल और दिल्ली से ट्रेन के जरिए लाया जा रहा है। पुलिस विभाग को इस खतरे से निपटने के लिए जांच कर सख्ती करनी चाहिए। पिछले कुछ सालों में गाजियाबाद की आबादी तेजी से बढ़ी है। यहां कच्ची कालोनियों व झुग्गी झोपडिय़ों की संख्या भी बड़ी है। जिनमें दिनोंदिन नशे का गोरखधंधा पनप रहा है।