GHAZIABAD NEWS: गाजियाबाद। बिगड़ते मौसम ने बिजली गुल कर दी। करीब 20 घंटे बिजली बंद रहने से लोगों को पानी की भी दिक्कत झेलनी पड़ी। बिजली गुल होने की शिकायत लोगों ने बिजली विभाग के मुख्य अभियंता से करनी चाही। लेकिन, लगातार घंटी जाने के बाद भी उन्होंने फोन नहीं उठाया। इसको लेकर लोगों में रोष व्याप्त है।
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बिजली बंद होने से गोविंदपुरम से लेकर कैला भट्टा, हिंडनपार वैशाली सहित पूरे शहर में बिजली करीब 20 घंटे बंद रही। मौसम क्या बिगड़ा की उसने पूरे शहर की न केवल बिजली आपूर्ति व्यवस्था को ध्वस्त कर दिया, बल्कि शहर के एक बड़े हिस्से के लोगों को सुबह के वक्त पानी की आपूर्ति नहीं हो सकी। कैला भटटा के निवर्तमान पार्षद आरिफ मलिक का कहना है कि बिजली विभाग को पूरे महकमें को आधुनिक करने के नाम पर गुमराह किया जा रहा है। आरिफ ने एक ट्वीटर के माध्यम से मुख्यमंत्री के सामने स्थिति को लेकर नाराजगी जतायी है। ट्वीट के माध्यम से कहा कि लगता है कि विभाग के पास तकनीकी जानकारी रखने वाले इंजीनियर ही नहीं हैं।
रविवार को ऐसा मौसम बिगड़ा कि बिजली आपूर्ति अस्त व्यस्त हो गई। बहुत से एरिया में बीस घंटे बीतने के बाद भी बिजली आपूर्ति बहाल नहीं हो पायी। हिंडनपार के वैशाली आदि में यू तो दो घंटे पेयजल की आपूर्ति की जाती है, लेकिन केवल आधा घंटा ही पानी की आपूर्ति हो सकी। पुराने शहर में तो कुछ पल के लिए भी पानी की आपूर्ति नहीं हुई। पेयजल आपूर्ति लड़खड़ाने की एक बडी वजह ये भी है कि शहर के एक बडे हिस्से में 10 से 30 एचपी क्षमता के नलकूप लगा दिए गए है, उनसे सीधे पानी की आपूर्ति की जाती है। जो बड़े नलकूप आदि पर कभी जनरेटर लगाए गए थे, वह शो पीस बने हुए है।
बिजली विभाग के अधिकारियों का तर्क है कि फाल्ट खोजने के चलते ये हालात पैदा हुए। महाप्रबंधक जलकल आनंद त्रिपाठी का कहना है कि निगम सीमा के अंतर्गत आने वाले प्रत्येक एरिया के लोगों को स्वच्छ पानी उपलब्ध हो, इसके लिए अधीनस्थ अभियंताओं को दिशा निर्देश दिए गए है।