Ghaziabad News: सीसीटीवी की तरह समाज पर नजर रखती है कहानी: कमलेश भारतीय
भारत
चेतना मंच
01 Dec 2025 10:37 PM
Ghaziabad: गाजियाबाद। विख्यात लेखक कमलेश भारतीय ने कहा कि कहानी सीसीटीवी की तरह समाज पर नजर रखने का काम करती है। कहानी के जरिए समाज की नब्ज की पड़ताल करने की यह साहित्यिक परंपरा आज तक बरकरार है। मीडिया 360 लिट्रेरी फाउंडेशन के 'कथा संवाद' की अध्यक्षता करते हुए उन्होंने कहा कि वाचन परंपरा के बहाने कहानी की पड़ताल का यह अभिनव प्रयोग है। इस अवसर पर उन्होंने अपनी कहानी 'बस थोड़ा सा झूठ' का पाठ किया। मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद चर्चित कथाकार वंदना यादव ने कहा कि मौजूदा दौर में अधिकांश गुणवत्ता विहीन कहानियां थोक रूप में हमारे सामने आ रही हैं, लेकिन विमर्श के जरिए उनकी गुणवत्ता को कैसे जांचा-परखा जाता है इसका अभिनव उदाहरण 'कथा संवाद' है। इस अवसर पर कमलेश भारतीय के कथा संग्रह 'नई प्रेम कहानी' का विमोचन भी किया गया।
अंबेडकर रोड स्थित होटल रेडबरी में कथा संवाद की शुरुआत रश्मि वर्मा की कहानी 'फेयरवैल' से हुई। व्यंग्यकार सुभाष चंदर ने कहा कि 'कथा संवाद' यूं तो नवागंतुकों की कार्यशाला है लेकिन लेखक को रचनाधर्मिता के साथ स्वयं भी संपादकीय दायित्व का निर्वहन करना चाहिए। रीता 'अदा' की कहानी 'एक बार फिर' पर टिप्पणी करते हुए आलोक यात्री ने कहा कि यह रचना कहानी और लघुकथा के मध्य खड़ी है। जिसमें विस्तार की पूरी संभावना मौजूद है।
फाउंडेशन अध्यक्ष शिवराज सिंह की कहानी 'सारा ज़हान' के प्लॉट पर लंबा विमर्श हुआ। कथाकार रवि पाराशर ने कहा कि कथानक में उपन्यासिक तत्व मौजूद हैं, लिहाजा इसे विस्तार दिया जाना चाहिए। कार्यक्रम का संचालन रिंकल शर्मा ने किया।
इस अवसर पर कथाकार सिनीवाली शर्मा, अतुल सिन्हा, विपिन जैन, जया रावत, वागीश शर्मा, अक्षयवरनाथ श्रीवास्तव, तेजवीर सिंह, अंजलि पाल, नूतन यादव, अनिमेष शर्मा, राजेश कुमार, अरुण कुमार यादव, राष्ट्रवर्धन अरोड़ा, नीलम भारतीय, दिनेश दत्त पाठक, रश्मि भारतीय, सोनम यादव, सौरभ कुमार, तनु, टेकचंद, ओंकार सिंह, राममूर्ति शर्मा, पत्रकार सुशील शर्मा, शकील अहमद व अमरेंद्र राय, हंस प्रकाशन के स्वामी हरेंद्र तिवारी सहित बड़ी संख्या में श्रोता मौजूद थे।