मैट्रिमोनियल पर धोखा: डॉक्टर बन वकील से रचाई शादी
गाजियाबाद के विजयनगर थाने में डिलीवरी बॉय द्वारा मेट्रोमोनियल पर डाक्टर होने का झांसा देकर एक वकील महिला से शादी करने और मारपीट कर प्रताड़ित करने का मामला सामने आया है
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भारत
चेतना मंच
01 Dec 2025 09:35 PM
Ghaziabad News गाजियाबाद। गाजियाबाद के विजयनगर थाने में डिलीवरी बॉय द्वारा मेट्रोमोनियल पर डाक्टर होने का झांसा देकर एक महिला वकील से शादी करने और मारपीट कर प्रताड़ित करने का मामला सामने आया है। आश्चर्य की बात तो यह है कि दुनिया भर की दलील देने वाली और दूसरों को न्याय दिलाने वाले पेशे से होकर भी युवती इस झांसे का शिकार हो गई।
वन स्टॉप सेंटर और विजयनगर थाना को दी शिकायत
धोखाधड़ी और झांसे की शिकार युवती ने वन स्टॉप सेंटर और विजयनगर थाने में न्याय की गुहार लगाते हुए शिकायत की है कि एक डिलीवरी बॉय ने मेट्रोमोनियल पर खुद को एमबीबीएस डॉक्टर बताया था और अपना फोटो भी डॉक्टर की वर्दी में बाकायदा गले में स्थेथिस्कोप डाल कर दिया था। उसके परिवार वालों ने शादी पर 15 लाख रुपये खर्च करके यह शादी की और बाद में हकीकत खुली तो पता चला वह एमबीबीएस डॉक्टर क्या, पढ़ा लिखा भी बहुत कम कम है। और डिलीवरी बॉय का काम करता है। लेकिन शादी हो गई थी इसलिए युवती ने इस शादी को अपनी नियति मानकर दंपति की तरह रहना शुरू कर दिया।
पोल पट्टी खुलने पर किया प्रताड़ित करना शुरू
अपनी पोल पट्टी खुलने के बाद डिलीवरी बॉय ने अपनी पत्नी को अपने असली रंग दिखाने शुरू कर दिए। उसने मारना पीटना प्रताड़ित करना भी शुरू कर दिया और छोटी-छोटी बातों पर उससे झगड़ा करने लगा। वन स्टॉप सेंटर की काउंसलर अंजना चौहान के मुताबिक उस वकील युवती की शादी 2021 में हुई थी और लगातार 2 वर्ष तक वह इस प्रताड़ना को झेलने के लिए मजबूर रही लेकिन आखिरकार तंग आकर वन स्टॉप सेंटर में अपनी शिकायत दर्ज करवा दी। लेकिन काउंसलिंग के बाद भी जब समझौते की कोई गुंजाईश नहीं दिखाई दी तब मामले की रिपोर्ट विजयनगर थाने में दर्ज कराई गई है।
घरेलू हिंसा के मामलों में लंबे समय तक सहती हैं महिलाएं
वन स्टॉप केंद्र की संचालिका प्रीति का कहना है कि उनके पास ऐसे तमाम घरेलू हिंसा के मामले आते हैं जिसमें महिलाएं लंबे अरसे तक प्रताड़ना सहती रहती हैं और वह कोशिश करते हैं कि उनका दांपत्य और पारिवारिक जीवन ठीक से चले और। वह शिकायत करने से कतराती हैं लेकिन अब यह मामले बढ़ने लगे हैं और अब महिलाएं एक हद तक ही झेलती हैं। उसके बाद वह अपने लिए न्याय ढूंढने के लिए दरवाजा खटखटाने लगी हैं।
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प्राथमिक स्तर पर काउंसलिंग की जाती है
प्रीति मलिक का कहना है कि वह वन स्टॉप सेंटर के जरिए काउंसलिंग करके दंपति को समझा बुझाकर उनकी स्थिति को जानने का प्रयास करती हैं कि उनका पारिवारिक जीवन प्रभावित न हो और वह बिना टूटे ही अच्छे ढंग से जिंदगी चला सकें। शुरू में कोशिश करती हैं कि दोनों का आपसी समझौता हो जाए लेकिन जब कोई गुंजाइश नहीं रहती तब कानून का सहारा लेना पड़ता है।
मैट्रिमोनियल में धोखाधड़ी की घटनाएँ बढ़ रही है
पढ़ी-लिखी महिलाएं भी मैट्रिमोनियल में कितनी बार धोखाधड़ी और झांसे की शिकार हो जाती हैं क्योंकि मेट्रोमोनियल में किसी रिश्तेदारों और जानकार के बीच में न होने से बेमेल शादियां भी हो जाती हैं क्योंकि इनकी जांच कई बार ठीक से नहीं हो पाती। शादी करने वाले मेट्रोमोनियल पर उनकी जानकारी की डिटेल्स तो लेते हैं लेकिन जानकारी देने वाले कई बार शातिर ढंग से अपनी जानकारियां छुपा लेते हैं। बाद में भेद खुलने पर यही मामले गंभीर रूप ले लेते हैं।
शादी के मामलों में मेट्रोमोनियल विज्ञापन या फिर सामूहिक विवाह
शादी ब्याह के मामले पहले परिवारजनों, नाई और पंडित के जरिए हुआ करते थे लेकिन आजकल शहरीकरण के दौर में ऐसा बदलाव आया है कि पारिवारिक और सामाजिक परंपराएं प्रभावित हो रही हैं। संयुक्त परिवार टूट रहे हैं एकल परिवार की शुरुआत हुई है और ऐसे में सोशल मीडिया मेट्रोमोनियल, अखबार विज्ञापन का सहारा लेकर आदमी अपनी जिंदगी शुरू करना चाहता है। इसलिए दी गई जानकारियां अगर सही नहीं उतरती या जानकारियां गलत होती हैं तो पूरा जीवन पछताना पड़ता है। ऐसे में यह सीख मिलती है की बहुत सोच विचार कर ही शादियां करनी चाहिए। क्योंकि शादी एक या दो दिन का मिलन नहीं बल्कि शादी पूरी जिंदगी और कई परिवारों का मिलन होती है, जिसका असर सभी पर पड़ता है।
जरूरी है शादी के मामले में एक-एक कदम फूंक कर रखना
बिना किसी गहन जांच के जल्दबाजी में शादी जैसा स्टेप उठाना बिल्कुल उचित नहीं। सच तो यह है कि सामाजिक परंपराओं में शादियां एक सामाजिक दबाव के अंतर्गत होती हैं और इस दबाव में आदमी झांसा नहीं दे पाता। दूसरे परिवार के सदस्य एक दूसरे जानने पहचानने के बाद ही शादी जैसे निर्णय लेते रहे हैं। आज भी इन परंपराओं का एक महत्वपूर्ण स्थान है। संयुक्त परिवार के टूटने से एकल परिवारों में यह समस्याएं बढ़ी हैं।
प्रस्तुति मीना कौशिक
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