
Ghaziabad : नमो भारत ट्रेन का संचालन साहिबाबाद से दुहाई तक शुरू हो जाने के बाद अब मार्च 2024 तक लोग मेरठ साउथ तक इसमें सफर कर सकेंगे। आरआरटीएस रेल कॉरिडोर के दूसरे चरण का काम अब एडवांस स्टेज पर पहुंच गया है। एनसीआरटीसी के अधिकारियों का कहना है कि दुहाई से मेरठ साउथ तक करीब 23 किलोमीटर लंबे इस खंड पर ट्रैक बिछाने, विद्युतीकरण और सिग्नलिंग का काम किया जा रहा है। मार्च के अंत तक दूसरा चरण शुरू हो जाने पर लोग 40 किलोमीटर का सफर इस ट्रेन में कर सकेंगे।
एनसीआरटीसी के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी पुनीत वत्स ने बताया कि दुहाई के बाद मुरादनगर, मोदीनगर साउथ, मोदीनगर नॉर्थ और मेरठ साउथ इन चार स्टेशनों का निर्माण कार्य तेजी से कराया जा रहा है। इन चारों स्टेशनों पर अब छत बनाने और फिनिशिंग का काम किया जा रहा है। दो स्टेशनों पर एस्कलेटर लगाने का काम भी शुरू हो गया है। उन्होंने बताया कि दूसरे चरण का करीब 70 से 52 फीसदी काम पूरा हो गया है। दुहाई से मेरठ साउथ तक 23 किलोमीटर लंबे इस खंड में करीब 75 फीसदी काम पूरा कर लिया है। एनसीआरटीसी के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी पुनीत वत्स का कहना है कि दुहाई से मेरठ साउथ तक बनाए जा रहे चार स्टेशनों पर कॉनकोर्स और प्लेटफार्म का निर्माण कर लिया गया है। जून 2025 तक पूरे कॉरिडोर पर नमो भारत ट्रेनों का संचालन शुरू किया जाना है।
दूसरे चरण का काम पूरा हो जाने के बाद इस कॉरिडोर पर यात्रियों की संख्या भी बढ़ जाएगी। दरअसल, अभी तक महज 17 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर पर ट्रेनों का परिचालन शुरू हुआ है। इससे शहर का एक छोटा सा हिस्सा इससे कवर हुआ है। यात्रियों को इसमें सफर करने के लिए दुहाई और साहिबाबाद तक अन्य साधनों से पहुंचना पड़ता है। दूसरा चरण पूरा हो जाने के बाद मुरादनगर-मोदीनगर मोहिउद्दीनपुर तक के यात्री इसमें सफर करके साहिबाबाद तक पहुंच सकेंगे। यहां से दिल्ली-नोएडा पहुंचने के लिए उन्हें आसानी से दूसरा साधन मिल जाएगा।
दूसरे चरण में चार स्टेशन होंगे (मुरादनगर, मोदीनगर साउथ, मोदीनगर नॉर्थ, मेरठ साउथ). दुहाई से मोदीनगर साउथ तक 23 किलोमीटर होगी कॉरिडोर की लंबाई. ट्रैक और ओएचई लाइन बनाने का 60 फीसदी काम हो चुका पूरा.