
Ghaziabad News उ.प्र. के हाथरस कांड को शायद अभी आप भूले नहीं होंगे। जिसमें एक रेप पीड़ित युवती की मौत के बाद पुलिस ने आनन-फानन में युवती का अंतिम संस्कार करवा दिया था। ऐसा ही कांड अब गाजियाबाद में हुआ है।
क्रॉसिंग रिपब्लिक की एक सोसायटी में महिला सुरक्षाकर्मी की दुष्कर्म के बाद अस्पताल में मौत होने के मामले में पीड़ित परिजनों ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाया है। पीड़िता के मौसेर भाई ने आरोप लगाया कि रात में ही पुलिस ने मृतका का अंतिम संस्कार कराने का परिजनों पर दबाव डाला।
आरोप लगाया कि पोस्टमार्टम के दौरान उन पर शव झारखंड ले जाने का दबाव बनाया और बाद में पुलिस शव गाजियाबाद के हरनंदी नदी के घाट पर लाकर अंतिम संस्कार का दबाव बनाने लगी। परिजनों ने पुलिस को कहा कि उनके यहां सूरज ढलने के बाद अंतिम संस्कार नहीं होता है, फिर भी पुलिस अंतिम संस्कार का दबाव बना रही थी।
आपको बता दें कि क्रॉसिंग रिपब्लिक की एक सोसायटी में रविवार की दोपहर मेंटेनेंस इंचार्ज द्वारा दुष्कर्म के बाद जहरीला पदार्थ खाने वाली महिला सुरक्षाकर्मी की मौत हो गई। झारखंड के गिरीडीह की पीड़िता को स्वजन देर रात नोएडा से दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल ले गए थे, जहां पीडि़ता ने दम तोड़ दिया। थाना क्रॉसिंग रिपब्लिक पुलिस ने केस दर्ज कर अलीगढ़ के टप्पल से आरोपित अजय सिंह को गिरफ्तार कर लिया था।
बता दें कि पीडि़ता को रविवार को संदिग्ध हालात में नोएडा के वृंदावन अस्पताल में भर्ती कराया गया था। सूचना पर पहुंचे मौसेरे भाई ने पुलिस को शिकायत दी थी कि सोसायटी में उनकी बहन के साथ अजय और उसके दो साथियों ने दुष्कर्म किया। चिकित्सक ने रिपोर्ट दी थी कि किसी जहरीले पदार्थ के कारण हालत खराब हुई। आरोप है कि पुलिस की मौजूदगी का घाट का वीडियो बनाने पर एसीपी वेव सिटी सलोनी अग्रवाल के हमराह ने उनका मोबाइल तोड़ दिया। मीडियाकर्मियों के पहुंचने के बाद सभी पुलिसकर्मी नदारद हो गए। आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने एंबुलेंस की चाभी भी छीन ली और एंबुलेंस के चालक को अपने साथ ले गए। शव भी एंबुलेंस में ही रखा है। वहीं, एसीपी ने इन आरोपों से इनकार किया है।
पीड़िता की हालत इतनी खराब थी कि वह बयान तक नहीं दे पाई। अस्पताल के पर्चे पर ही पीड़िता ने सिर्फ एक लाइन में लिखा कि अजय सर ने मेरे साथ बहुत गंदा काम किया है। बयान के नीचे पीड़िता हस्ताक्षर भी बमुश्किल ही कर पाई। मौत से पहले पीड़िता का यही अंतिम बयान अजय के खिलाफ सबसे प्रमुख साक्ष्य है। Ghaziabad News