
Ghaziabad News : विश्व क्षयरोग दिवस पर गाजियाबाद के यशोदा सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल कौशाम्बी में एक जागरूकता कार्यक्रम एवं टीबी स्क्रीनिंग कैंप का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में इंटरनेशनल यूनियन अगेंस्ट ट्यूबरक्लोसिस एंड लंग डिजीज के अधिकारी डा. मिधुन कुमार शामिल हुए, जिनके द्वारा राष्ट्रीय तपेदिक उन्मूलन कार्यक्रम में योगदान करने के लिए और केंद्र के सहयोग से मिशन टीबी मुक्त भारत हेतु उद्देश्य से केंद्रीय टीबी डिवीजन के मार्गदर्शन में यशोदा सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल, कौशाम्बी एक बहु-हितधारक कार्यक्रम चला रहा है।
इंटरनेशनल यूनियन अगेंस्ट ट्यूबरक्लोसिस एंड लंग डिजीज संस्था ने यशोदा सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल कौशाम्बी की प्रशंशा करते हुए इसे प्राइवेट हॉस्पिटलों में टीबी उन्मूलन के लिए एक रोल मॉडल बताया। उन्होंने बताया कि यशोदा हॉस्पिटल एक स्टेप सेंटर के रूप में कार्य कर रहा है। स्टेप का मतलब system for TB elimination in private sector होता है, जिसमें TB के मरीजों के लिए हॉस्पिटल एक सिंगल विंडो मेकैनिज्म के तहत काम करता है। जिसमें मरीजों को दवाईयों से लेकर कॉउंसलिंग और पुष्टाहार सभी प्रकार की सुविधाएं प्रदान की जाती हैं।
इस अवसर पर हॉस्पिटल की डायरेक्टर एवं सीईओ डा. उपासना अरोड़ा ने बताया कि आज उन्हें वाराणसी में प्रधानमंत्री के वर्ल्ड टीबी डे के कार्यक्रम में एम्बेसडर बनाया गया और उनका संदेश वीडियो भी वहा प्रसारित किया गया। डा. उपासना अरोड़ा ने बताया कि हमारे हॉस्पिटल ने यूनियन के साथ मिलकर, स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया के दिशा निर्देशन में गाजियाबाद के 5100 मरीजों को टीबी के पुष्टाहार के लिए गोद लिया। गाजियाबाद अब पूरे उत्तर प्रदेश में पहले स्थान पर है जहा के लगभग सारे टीबी मरीजों को पुष्टाहार प्रदान किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि हॉस्पिटल ड्रग रेसिस्टेंट टीबी के मरीजों के लिए अर्थला में एकडीआर सेण्टर बनाने जा रहे हैं , यह उत्तर प्रदेश का पहला डी आर सेण्टर होगा और साथ ही नोएडा में 6000 कर्मचारियों की टीबी स्क्रीनिंग की जाएगी। यह सब विश्व स्वास्थ्य संगठन, इंटरनेशनल यूनियन अगेंस्ट ट्यूबरक्लोसिस एंड लंग डिजीज एवं यूएसएड की मदद से किया जा रहा है।
गाजियाबाद के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. भवतोश शंखधर ने यशोदा हॉस्पिटल के द्वारा टीबी के मरीजों को गोद लेने पर अत्यंत खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि जन भागिदारी की बहुत आवश्यकता है। भारत से टीबी को ख़त्म करने के लिए प्रधानमंत्री द्वारा चलाये जा रहे अभियान "टीबी मुक्त भारत" में यशोदा हॉस्पिटल का योगदान मील का पत्थर साबित होगा। जागरूकता कार्यक्रम में डा. आर के मणि, डा. सुनील डागर, डा. केके पांडे, डा. अंकित सिन्हा, डा. श्वेता मौजूद रहे।