बिहार में गरमाया पंचायत चुनाव का मुद्दा, विधानसभा में उठा बड़ा मुद्दा
पूर्णिया जिले के बनमनखी विधानसभा क्षेत्र के भाजपा विधायक कृष्ण कुमार ऋषि ने यह मुद्दा सदन में उठाया। उन्होंने गैर सरकारी संकल्प प्रस्ताव के जरिए नीतीश सरकार से आग्रह किया कि राज्य में होने वाले त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव दलीय आधार पर कराए जाएं।

Bihar News : बिहार में इस साल होने वाले पंचायत चुनाव को लेकर एक नया राजनीतिक विमर्श शुरू हो गया है। राज्य में पंचायत चुनावों को गैर-दलीय आधार के बजाय दलीय आधार यानी पार्टी प्रतीक पर कराने की मांग उठी है। यह मुद्दा शुक्रवार को विधानसभा के बजट सत्र के दौरान प्रमुखता से उठा, जब एक भाजपा विधायक ने अपनी ही सरकार से इसकी मांग की।
किसने उठाया मुद्दा?
पूर्णिया जिले के बनमनखी विधानसभा क्षेत्र के भाजपा विधायक कृष्ण कुमार ऋषि ने यह मुद्दा सदन में उठाया। उन्होंने गैर सरकारी संकल्प प्रस्ताव के जरिए नीतीश सरकार से आग्रह किया कि राज्य में होने वाले त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव दलीय आधार पर कराए जाएं। अपनी बात रखते हुए विधायक ने कहा, "देश के कई अन्य राज्यों में जिला परिषद, मुखिया आदि के चुनाव दलीय आधार पर होते हैं। बिहार में अगले पंचायत चुनाव अभी लगभग 6 महीने बाद होने हैं। सरकार को सभी राजनीतिक पार्टियों से विचार-विमर्श कर आगामी चुनाव पार्टी प्रतीक पर कराने की पहल करनी चाहिए।"
मंत्री ने क्या कहा?
भाजपा विधायक के इस सवाल पर नीतीश सरकार में पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश ने सदन में स्पष्टीकरण दिया। उन्होंने कहा कि फिलहाल बिहार में पंचायत चुनाव 'बिहार पंचायती राज अधिनियम 2006' और 'बिहार पंचायत निर्वाचन नियमावली' के आधार पर कराए जाते हैं। वर्तमान में सरकार के स्तर पर दलीय आधार से पंचायत चुनाव कराने का कोई भी प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है।
हालांकि, मंत्री ने इस विषय पर चर्चा का दरवाजा भी खुला रखा। उन्होंने कहा, "यह एक ऐसा विषय है जिसमें इससे जुड़े सभी हितधारकों के बीच विचार-विमर्श होना चाहिए। अगर सभी राजनीतिक दल और आम जनता की सहमति बनती है, तो इस पर विचार किया जा सकता है।"
क्या है पृष्ठभूमि?
बिहार में अभी तक पंचायत चुनाव गैर-दलीय आधार पर होते आए हैं, यानी उम्मीदवार किसी राजनीतिक दल के प्रतीक के बजाय स्वतंत्र रूप से चुनाव लड़ते हैं। अब जबकि चुनाव करीब आ चुके हैं, यह मांग उठने से राज्य की राजनीति में नया बहस का मुद्दा जन्म ले सकता है। Bihar News
Bihar News : बिहार में इस साल होने वाले पंचायत चुनाव को लेकर एक नया राजनीतिक विमर्श शुरू हो गया है। राज्य में पंचायत चुनावों को गैर-दलीय आधार के बजाय दलीय आधार यानी पार्टी प्रतीक पर कराने की मांग उठी है। यह मुद्दा शुक्रवार को विधानसभा के बजट सत्र के दौरान प्रमुखता से उठा, जब एक भाजपा विधायक ने अपनी ही सरकार से इसकी मांग की।
किसने उठाया मुद्दा?
पूर्णिया जिले के बनमनखी विधानसभा क्षेत्र के भाजपा विधायक कृष्ण कुमार ऋषि ने यह मुद्दा सदन में उठाया। उन्होंने गैर सरकारी संकल्प प्रस्ताव के जरिए नीतीश सरकार से आग्रह किया कि राज्य में होने वाले त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव दलीय आधार पर कराए जाएं। अपनी बात रखते हुए विधायक ने कहा, "देश के कई अन्य राज्यों में जिला परिषद, मुखिया आदि के चुनाव दलीय आधार पर होते हैं। बिहार में अगले पंचायत चुनाव अभी लगभग 6 महीने बाद होने हैं। सरकार को सभी राजनीतिक पार्टियों से विचार-विमर्श कर आगामी चुनाव पार्टी प्रतीक पर कराने की पहल करनी चाहिए।"
मंत्री ने क्या कहा?
भाजपा विधायक के इस सवाल पर नीतीश सरकार में पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश ने सदन में स्पष्टीकरण दिया। उन्होंने कहा कि फिलहाल बिहार में पंचायत चुनाव 'बिहार पंचायती राज अधिनियम 2006' और 'बिहार पंचायत निर्वाचन नियमावली' के आधार पर कराए जाते हैं। वर्तमान में सरकार के स्तर पर दलीय आधार से पंचायत चुनाव कराने का कोई भी प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है।
हालांकि, मंत्री ने इस विषय पर चर्चा का दरवाजा भी खुला रखा। उन्होंने कहा, "यह एक ऐसा विषय है जिसमें इससे जुड़े सभी हितधारकों के बीच विचार-विमर्श होना चाहिए। अगर सभी राजनीतिक दल और आम जनता की सहमति बनती है, तो इस पर विचार किया जा सकता है।"
क्या है पृष्ठभूमि?
बिहार में अभी तक पंचायत चुनाव गैर-दलीय आधार पर होते आए हैं, यानी उम्मीदवार किसी राजनीतिक दल के प्रतीक के बजाय स्वतंत्र रूप से चुनाव लड़ते हैं। अब जबकि चुनाव करीब आ चुके हैं, यह मांग उठने से राज्य की राजनीति में नया बहस का मुद्दा जन्म ले सकता है। Bihar News












