बिहार में गरमाया पंचायत चुनाव का मुद्दा, विधानसभा में उठा बड़ा मुद्दा

पूर्णिया जिले के बनमनखी विधानसभा क्षेत्र के भाजपा विधायक कृष्ण कुमार ऋषि ने यह मुद्दा सदन में उठाया। उन्होंने गैर सरकारी संकल्प प्रस्ताव के जरिए नीतीश सरकार से आग्रह किया कि राज्य में होने वाले त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव दलीय आधार पर कराए जाएं।

Panchayat elections heat up in Bihar
भाजपा विधायक की मांग और मंत्री की स्पष्टीकरण (फाइल फोटो)
locationभारत
userऋषि तिवारी
calendar27 Feb 2026 06:11 PM
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Bihar News : बिहार में इस साल होने वाले पंचायत चुनाव को लेकर एक नया राजनीतिक विमर्श शुरू हो गया है। राज्य में पंचायत चुनावों को गैर-दलीय आधार के बजाय दलीय आधार यानी पार्टी प्रतीक पर कराने की मांग उठी है। यह मुद्दा शुक्रवार को विधानसभा के बजट सत्र के दौरान प्रमुखता से उठा, जब एक भाजपा विधायक ने अपनी ही सरकार से इसकी मांग की।

किसने उठाया मुद्दा?

पूर्णिया जिले के बनमनखी विधानसभा क्षेत्र के भाजपा विधायक कृष्ण कुमार ऋषि ने यह मुद्दा सदन में उठाया। उन्होंने गैर सरकारी संकल्प प्रस्ताव के जरिए नीतीश सरकार से आग्रह किया कि राज्य में होने वाले त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव दलीय आधार पर कराए जाएं। अपनी बात रखते हुए विधायक ने कहा, "देश के कई अन्य राज्यों में जिला परिषद, मुखिया आदि के चुनाव दलीय आधार पर होते हैं। बिहार में अगले पंचायत चुनाव अभी लगभग 6 महीने बाद होने हैं। सरकार को सभी राजनीतिक पार्टियों से विचार-विमर्श कर आगामी चुनाव पार्टी प्रतीक पर कराने की पहल करनी चाहिए।"

मंत्री ने क्या कहा?

भाजपा विधायक के इस सवाल पर नीतीश सरकार में पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश ने सदन में स्पष्टीकरण दिया। उन्होंने कहा कि फिलहाल बिहार में पंचायत चुनाव 'बिहार पंचायती राज अधिनियम 2006' और 'बिहार पंचायत निर्वाचन नियमावली' के आधार पर कराए जाते हैं। वर्तमान में सरकार के स्तर पर दलीय आधार से पंचायत चुनाव कराने का कोई भी प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। 

हालांकि, मंत्री ने इस विषय पर चर्चा का दरवाजा भी खुला रखा। उन्होंने कहा, "यह एक ऐसा विषय है जिसमें इससे जुड़े सभी हितधारकों के बीच विचार-विमर्श होना चाहिए। अगर सभी राजनीतिक दल और आम जनता की सहमति बनती है, तो इस पर विचार किया जा सकता है।"

क्या है पृष्ठभूमि?

बिहार में अभी तक पंचायत चुनाव गैर-दलीय आधार पर होते आए हैं, यानी उम्मीदवार किसी राजनीतिक दल के प्रतीक के बजाय स्वतंत्र रूप से चुनाव लड़ते हैं। अब जबकि चुनाव करीब आ चुके हैं, यह मांग उठने से राज्य की राजनीति में नया बहस का मुद्दा जन्म ले सकता है। Bihar News

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अनिल अंबानी के लिए राहत वाली खबर, रह सकेंगे बंगले में

यहां तक कि ED ने अनिल अंबानी के घर (बंगले) को भी अटैच कर लिया है। इस बीच अनिल अंबानी के लिए राहत भरी खबर यह है कि अनिल अंबानी को अपना बंगला छोडऩा नहीं पड़ेगा। अनिल अंबानी ED द्वारा अटैच बंगले में रह सकेंगे।

अनिल अंबानी
अनिल अंबानी
locationभारत
userआरपी रघुवंशी
calendar27 Feb 2026 05:00 PM
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Anil Ambani : प्रसिद्ध उद्योगपति अनिल अंबानी की परेशानियां कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। प्रवर्तन निदेशालय (ED) अनिल अंबानी की लगातार घेराबंदी में लगा हुआ है। यहां तक कि ED ने अनिल अंबानी के घर (बंगले) को भी अटैच कर लिया है। इस बीच अनिल अंबानी के लिए राहत भरी खबर यह है कि अनिल अंबानी को अपना बंगला छोडऩा नहीं पड़ेगा। अनिल अंबानी ED द्वारा अटैच बंगले में रह सकेंगे।

चार हजार करोड़ रूपए से अधिक की कीमत का है अनिल अंबानी का बंगला

आपको बता दें कि मुंबई में अनिल अंबानी का शानदार बंगला है। उनके बंगले का नाम ‘‘अबोड” है। अनिल अंबानी के बंगले ‘‘अबोड” की बाजार में कीमत चार हजार करोड़ रूपए से भी अधिक है। ईडी... ने अनिल अंबानी के बंगले की कीमत 3716.83 करोड़ रूपए लगाई है। अनिल अंबानी के विरूद्ध मनी लॉड्रिंग की जांच करते हुए ED ने उनका बंगला भी अटैच कर लिया है। ED ने अनिल अंबानी का बंगला अटैच करने का अस्थायी अटैचमेंट आदेश जारी किया है। यह मामला अनिल अंबानी की कंपनी रिलायंस कम्युनिकेशन (RCom) से जुड़े कथित बैंक धोखाधड़ी केस से संबंधित है। ED इस मामले की जांच प्रवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत कर रही है। ‘Abode’ नाम अनिल अंबानी का बंगला मुंबई के पाली हिल इलाके में स्थित है। यह 66 मीटर ऊंचा और 17 मंजिला इमारत है, जिसे देश की महंगी निजी संपत्तियों में गिना जाता है। ईडी के मुताबिक अनिल अंबानी और उनके समूह की कंपनियों के खिलाफ अब तक कुल अटैचमेंट की कार्रवाई 15,000 करोड़ रुपये से अधिक की हो चुकी है। ED ने पिछले साल CBI की FIR के बाद इस मामले में जांच शुरू की थी। FIR में अनिल अंबानी, RCom और अन्य के खिलाफ धोखाधड़ी, साजिश और भ्रष्टाचार के आरोप लगाए गए थे। जांच का केंद्र RCom और उसकी सहयोगी कंपनियां हैं, जिन्होंने 2010 से 2012 के बीच भारतीय और विदेशी बैंकों से 40,000 करोड़ रुपये से अधिक का कर्ज लिया था। इनमें से पांच खातों को बाद में कर्ज देने वाले बैंकों ने धोखाधड़ी घोषित कर दिया।

किस प्रकार अटैच होती है प्रोपर्टी?

अनिल अंबानी के बंगले को अटैच करने की खबर के बाद यह बताना भी जरूरी है कि कोई प्रोपर्टी किस प्रकार अटैच होती है। आपको बता दें कि ED पहले संपत्ति को लेकर तमाम तरह की जानकारियां जुटाती है और सबूत मिलने पर उन संपत्तियों को अटैच करने का फैसला करती है। इसके बाद मामले को लेकर ED को कोर्ट में सबूत पेश करने होते हैं, ये बताना होता है कि क्यों संपत्ति को अटैच किया गया। अगर कोर्ट में फैसला ED के पक्ष में आता है तो अटैच संपत्ति को जब्त कर लिया जाता है और इसकी कुर्की हो जाती है। अब बात करते हैं कि आखिर ये अटैच करना होता क्या है ।ED जब भी किसी की संपत्ति को अटैच करती है तो इसका मतलब सील करना नहीं होता है. इस प्रॉपर्टी का इस्तेमाल जारी रहता है, यानी अगर किसी का घर अटैच किया गया है तो उसमें लोग रह सकते हैं, साथ ही इसे किराये पर भी दिया जा सकता है। ठीक इसी तरह दफ्तर और फैक्ट्री आदि को लेकर भी होता है. अटैच किए जाने के बाद इस संपत्ति को बेचा नहीं जा सकता है, ना ही इसे किसी और के नाम ट्रांसफर कर सकते हैं। इस प्रकार यह तय है कि अनिल अंबानी को अभी अपना बंगला छोड़ना नहीं पड़ेगा। वह पहले की तरह अपने बंगले में रहते रहेंगे। Anil Ambani



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महाराष्ट्र : 20 रुपये के लिए दोस्त बना हैवान, गला काटकर की हत्या

पुलिस की मदद से उसे तुरंत पिंपरी महानगरपालिका के यशवंतराव चव्हाण मेमोरियल (YCM) अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों के मुताबिक, गले पर घाव काफी गहरा है और अत्यधिक रक्तस्राव हो चुका है। फिलहाल पीड़ित की हालत गंभीर बनी हुई है।

Murder Attempt For 20 Rupees
मामूली उधार ने बनाया खूनी संघर्ष (फाइल फोटो)
locationभारत
userऋषि तिवारी
calendar27 Feb 2026 04:32 PM
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Murder Attempt For 20 Rupees: महाराष्ट्र के पिंपरी-चिंचवड़ शहर में दोस्ती के रिश्ते को कलंकित करने वाली एक दिल दहलाने वाली घटना सामने आई है। महज 20 रुपये के मामूली उधार राशि को लेकर हुए विवाद ने एक जिगरी दोस्त की जान लेने की कोशिश कर दी। पुलिस ने आरोपी को लातूर से गिरफ्तार कर लिया है, जबकि पीड़ित की हालत अस्पताल में गंभीर बनी हुई है।

शराब के नशे में बदल गई दोस्ती

पिंपरी-चिंचवड़ पुलिस के अनुसार, यह वारदात बुधवार रात करीब सवा आठ बजे पिंपरी गांव स्थित समृद्धि होटल के पास घटी। पीड़ित रवींद्र ज्ञानेश्वर गायकवाड़ और आरोपी सत्यजीत उर्फ सोन्या कांबले दोनों एक-दूसरे के करीबी दोस्त थे। दोनों लकी कंट्री बार के पास स्थित एक होटल में शराब पीने गए थे। शराब के नशे के दौरान दोनों के बीच 20 रुपये के पुराने उधार को लेकर बहस शुरू हो गई। विवाद इतना बढ़ गया कि आरोपी सत्यजीत अचानक आपा खो बैठा। उसने चिल्लाते हुए कहा- "मेरे तुम्हारे 20 रुपये उधार हैं", और इसके तुरंत बाद उसने रवींद्र के गले पर धारदार हथियार से जानलेवा हमला कर दिया।

YCM अस्पताल में जीवन-मौत की जंग

हमले में रवींद्र का गला गंभीर रूप से घायल हो गया और वह लहूलुहान होकर वहीं गिर पड़ा। घटना के बाद मौके पर दहशत का माहौल हो गया। स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से उसे तुरंत पिंपरी महानगरपालिका के यशवंतराव चव्हाण मेमोरियल (YCM) अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों के मुताबिक, गले पर घाव काफी गहरा है और अत्यधिक रक्तस्राव हो चुका है। फिलहाल पीड़ित की हालत गंभीर बनी हुई है और वह जीवन-मौत की जंग लड़ रहा है। पुलिस ने अस्पताल पहुंचकर पीड़ित का प्रारंभिक बयान दर्ज कर लिया है।

लातूर में दबोचा गया फरार आरोपी

घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी सत्यजीत कांबले मौके से फरार होकर पुणे के रास्ते लातूर भाग गया था। वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक अशोक कडलग के नेतृत्व में पिंपरी पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए एक विशेष टीम का गठन किया। तकनीकी सर्विलांस और जासूसी के सहारे पुलिस ने आरोपी का पीछा किया और लातूर में छापेमारी कर उसे धर दबोच लिया। पुलिस अब आरोपी को पिंपरी लाकर उससे हथियार की बरामदगी और घटना के पीछे अन्य संभावित कारणों को लेकर विस्तृत पूछताछ कर रही है। Murder Attempt For 20 Rupees

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