Ghaziabad: गाजियाबादः परिषदीय स्कूलों के बच्चों को अब पढाई बोरिंग नहीं लगेगी। हर विषय के हर पाठ को अब कहानी की तरह प्रस्तुत किया जाएगा। इससे उन्हें उसे समझने में तो आसानी होगी ही साथ ही पढाई के प्रति रूचि भी बढेगी। हर पाठ को कहानी की तरह प्रस्तुत करने के लिए परिषदीय स्कूलोे के विज्ञान के शिक्षकों को रंगमंच के टिप्स दिए जाएंगे। रंगमंच के टिप्स शिक्षकों को यूटयूब से मिलेंगे। 25 फरवरी को यूटयूब पर लाइव प्रसारण देखकर शिक्षक टिप्स ले सकेंगे। यह लाइव प्रसारण राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान उत्तर प्रदेश की ओर से 25 फरवरी को शिक्षण में रंगमंच विद्या का प्रयोग विषय पर किया जाएगा। लाइव प्रसारण एनसीईआरटी के यू टयूब चैनल पर किया जाएगा। इस लाइव प्रसारण से सभी जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान के प्रधानाचार्यो, उप निदेशकों व सभी जिलों के बेसिक शिक्षा अधिकारियों को जुडना होगा और इसके लिए निर्देश भी जारी कर दिए गए हैं। पढाई में रंगमंच वि़द्या का प्रयोग नई शिक्षा नीति के तहत किया जा रहा है। नई शिक्षा नीति में प्रत्येक विषय व पाठ में कला व खेल आधारित शिक्षण शास्त्र का प्रयोग करने पर जोर दिया गया है। जब तक शिक्षक अपनी भाषा, हाव-भाव, लहजे व वाणी के उतार-चढाव से बच्चों के मानस पटल पर अपनी जगह नहीं बना लेते तब तक बच्चे किसी भी विषयपाठ से जुड नहीं पाते हैं। इसी के चलते शिक्षण में रंगमंच की भूमिका को अहम माना गया है। लोक कलाएं व लोक कथाएं ना सिर्फ बच्चों को आकर्षिकत करते हैं, बल्कि उनमें सीखने की ललक, कौतुहल पैदा करने के साथ उनकी विवेचन क्षमता को बढाती हैं। इसी के चलते नई शिक्षा नीति के तहत अब शिक्षण में रंगमंच विद्या का प्रयोग कर उसे सरल व रूचिकर बनाने का निर्णय लिया गया है।