
Ghosi bypoll 2023 : लखनऊ: उत्तर प्रदेश की घोसी विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव के लिए समाजवादी पार्टी ने पूरी तरह कमर कस ली है। घोसी उपचुनाव को अपनी नाक का सवाल बनाते हुए सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने प्रचार करने का फैसला किया है। इसी कड़ी में मंगलवार को उनका मऊ दौरा है, जहां पर घोसी विधानसभा क्षेत्र स्थित बापू इंटर कॉलेज मैदान पहुंचकर सपा प्रत्याशी सुधाकर सिंह के पक्ष में मतदान की अपील करेंगे। बता दें कि समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव उपचुनाव में प्रचार से परहेज करते थे, लेकिन अखिलेश ने यह परहेज मैनपुरी उपचुनाव से खत्म किया था।
वहीं बीजेपी की तरफ से 2 सितंबर को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पहुचेंगे और इसके बाद जनसभा के जरिए चुनावी बिगुल फूंकेंगे। हालांकि, इससे पहले की बात बात करें तो समाजवादी की तरफ से राष्ट्रीय महासचिव शिवपाल सिंह यादव, राष्ट्रीय महासचिव राम गोपाल यादव समेत तमाम दिग्गज नेता सुधाकर सिंह के लिए वोट मांग चुके हैं। वहीं भारतीय जनता पार्टी की तरफ से प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी, डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य के अलावा एनडीए के सहयोगी सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर और निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय निषाद भी पूरी ताकत झोंक चुके हैं।
मुलायम सिंह यादव के निधन के बाद खाली हुई मैनपुरी लोकसभा सीट पर उपचुनाव में सपा की ओर से डिंपल यादव चुनाव मैदान में थी। इस चुनाव में अखिलेश यादव ने काफी पसीना बहाया था उसके बाद मैनपुरी की सीट पर डिंपल को भारी वोटों से जीत मिली थी। गौरतलब है कि घोसी विधानसभा सीट पर कुल 4.25 लाख मतदाता है। इसमें मुस्लिम वोटर करीब 90 हजार, दलित वोटर 70 हजार, यादव वोटर 56 हजार, राजभर वोटर 52 हजार और चौहान वोटर करीब 46 हजार हैं। जातीय समीकरण के कारण ही सपा जीत को जीत की उम्मीद है लेकिन दारा सिंह चौहान की पूर्वांचल में पिछड़ी जाति में आने वाले लोनिया चौहान बिरादरी में अच्छी पकड़ है।
बता दें कि भाजपा छोड़ कर समाजवादी पार्टी में गए दारा सिंह चौहान की घर वापसी हुई। समाजवादी पार्टी के साथ-साथ उन्होंने यूपी विधानसभा सदस्य की सदस्यता से भी इस्तीफा दिया। इसके बाद उप चुनाव की घोषणा हुई। 5 सितंबर को वोट डाले जाएंगे। 8 सितंबर को परिणाम आएगा। लेकिन, यह परिणाम भारतीय जनता पार्टी और विपक्षी गठबंधन I.N.D.I.A. दोनों के लिए काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। चुनावी परिणाम के जरिए दोनों ही गठबंधन अपनी ताकत का प्रदर्शन करेंगे। ऐसे में घोसी उपचुनाव एनडीए और I.N.D.I.A. की राजनीतिक पकड़ का विषय बन गया है। यही वजह है कि एनडीए के घटक दल भी अपनी ताकत घोसी सीट पर दिखा रहे हैं। Ghosi bypoll 2023