गिलोय के पौधे का नाम आपने जरूर सुना होगा। भारत के महापुरूषों के अनुसार गिलोय का पौधा अमृत प्रदान करने वाला पौधा है। इसी कारण गिलोय को अमृता नाम भी दिया गया है। आयर्वुेद के बड़े से बड़े विशेषज्ञ बताते हैं कि गिलोय का सेवन करने से कोई भी व्यक्ति जीवन भर जवान बना रह सकता है। गिलोय का पौधा बेल की तरह बढ़ता है और यह नीम या पेड़-पौधों पर चढक़र फैलता है। Giloy Plant
आयुर्वेद में इसे रोगों से लड़नेऔर रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाला माना गया है। जब भी बात कमजोर इम्यूनिटी की आती है तो गिलोय की चर्चा जरूर होती है. लेकिन, हर चीज की तरह गिलोय के भी फायदे और कुछ नुकसान हो सकते हैं। क्या आप जानते हैं कि गिलोय के फायदे और नुकसान क्या है? गिलोय का सेवन करने का तरीका क्या है?
बढ़ाता है इम्यूनिटी : गिलोय को प्राकृतिक इम्यूनिटी बूस्टर कहा जाता है. नियमित सेवन से शरीर संक्रमण और
मौसमी बीमारियों से बचा रह सकता है.
बुखार में है रामबाण : डेंगू, मलेरिया और वायरल बुखार में गिलोय का काढ़ा पीना फायदेमंद माना जाता है. यह
प्लेटलेट्स की संख्या को बनाए रखने में मदद करता है और बुखार की तीव्रता को कम करता है।
पेट को कर दे हल्का और हेल्दी : कब्ज, गैस और अपच जैसी समस्याओं में गिलोय उपयोगी है।यह पाचन क्रिया को
दुरुस्त कर पेट को हल्का और हेल्दी बनाए रखता है.
शुगर कंट्रोल में मददगार : गिलोय ब्लड शुगर लेवल को संतुलित करने में मदद करता है। इसलिए इसे मधुनाशिनी
भी कहा जाता है।
फायेदमंद है त्वचा और बालों के लिए : इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट त्वचा को ग्लोइंग और बालों को हेल्दी बनाने में
मदद करते हैं।
दूर कर दे जोड़ों का दर्द : गठिया, जोड़ों का दर्द और सूजन जैसी समस्याओं में गिलोय का सेवन लाभकारी माना गया
है।
थकान दूर भगाए : गिलोय दिमाग को शांत करने और तनाव कम करने में मदद करता है. यह स्लीप क्वालिटी को भी
बेहतर बनाता है।
बहुत ज्यादा सेवन से लिवर पर असर : ज्यादा मात्रा में गिलोय लेने से लिवर पर दबाव पड़ सकता है. कुछ मामलों में
हेपेटोटॉक्सिसिटी (लिवर डैमेज) के केस सामने आए हैं।
ब्लड शुगर बहुत कम कर सकता है : डायबिटीज के मरीज अगर गिलोय का जरूरत से ज्यादा सेवन करें तो ब्लड शुगर
बहुत नीचे गिर सकता है।
ऑटोइम्यून बीमारियों में नुकसान: जिन्हें रूमेटाइड आर्थराइटिस या लुपस जैसी बीमारियां हैं, उनके लिए गिलोय का
सेवन डॉक्टर की सलाह के बिना नहीं करना चाहिए।
गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं के लिए सावधानी : गर्भावस्था और स्तनपान के दौरान इसका सेवन
बिना डॉक्टर की राय के नहीं करना चाहिए।
सावधानी से करें गिलोय का सेवन
गिलोय का काढ़ा: इसकी ताजा डंठल या सूखे पाउडर से काढ़ा बनाकर पी सकते हैं।
गिलोय का जूस : बाजार में गिलोय का जूस उपलब्ध है। सुबह खाली पेट आधा कप जूस लेना लाभकारी है।
गिलोय पाउडर: इसे पानी या शहद के साथ लिया जा सकता है।
गिलोय की गोली: आयुर्वेदिक दवाइयों में गिलोय की गोलियां भी आती हैं जिन्हें निर्देश अनुसार लिया जा सकता है। Giloy Plant