महाराष्ट्र के नए राज्यपाल बने जिष्णू देव वर्मा, लोक भवन में ली शपथ

महाराष्ट्र की कमान संभालने से पहले वर्मा तेलंगाना के राज्यपाल के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे थे। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा किए गए हालिया फेरबदल के बाद उन्हें महाराष्ट्र की जिम्मेदारी सौंपी गई है। गौरतलब है कि सी.पी. राधाकृष्णन के उपराष्ट्रपति चुने जाने के बाद से यह पद रिक्त था।

Jishnu Dev Varma Takes Oath Maharashtra Governor
जिष्णू देव वर्मा ने महाराष्ट्र के राज्यपाल पद की शपथ ली (फाइल फोटो)
locationभारत
userऋषि तिवारी
calendar10 Mar 2026 06:44 PM
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Jishnu Dev Varma Takes Oath Maharashtra Governor: महाराष्ट्र के राजनीतिक और संवैधानिक इतिहास में बुधवार को एक नया अध्याय जुड़ गया। त्रिपुरा के दिग्गज नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री जिष्णू देव वर्मा ने महाराष्ट्र के नए राज्यपाल के रूप में पद एवं गोपनीयता की शपथ ली। मुंबई स्थित ‘लोक भवन’ (पूर्व में राजभवन) में आयोजित एक भव्य समारोह में बॉम्बे हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति देवेंद्र कुमार उपाध्याय ने उन्हें शपथ दिलाई।

शपथ ग्रहण समारोह में कौन-कौन शामिल रहे?

इस अवसर पर महाराष्ट्र की राजनीति का कौन दिखाई दिया। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार और विधानसभा परिषद के सभापति राम शिंदे सहित कई वरिष्ठ मंत्री और प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे। इससे पहले सोमवार को जब जिष्णू देव वर्मा अपनी पत्नी सुधा देव वर्मा के साथ मुंबई पहुंचे, तब हवाई अड्डे पर मुख्यमंत्री ने स्वयं उनका भव्य स्वागत किया। महाराष्ट्र पुलिस ने उन्हें 'गार्ड ऑफ ऑनर' देकर सम्मानित किया।

कौन हैं जिष्णू देव वर्मा?

15 अगस्त 1957 को अगरतला में जन्मे जिष्णू देव वर्मा त्रिपुरा के ऐतिहासिक माणिक्य राजवंश से ताल्लुक रखते हैं। वे न केवल एक मंझे हुए राजनीतिज्ञ हैं, बल्कि कला और संस्कृति के प्रति भी उनका गहरा झुकाव है। उन्होंने 1990 के दशक में भाजपा के साथ अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत की थी। वर्ष 2018 से 2023 के बीच उन्होंने त्रिपुरा के उपमुख्यमंत्री के रूप में वित्त, ऊर्जा और ग्रामीण विकास जैसे महत्वपूर्ण विभागों का कार्यभार संभाला और राज्य के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

तेलंगाना से महाराष्ट्र तक का सफर

महाराष्ट्र की कमान संभालने से पहले वर्मा तेलंगाना के राज्यपाल के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे थे। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा किए गए हालिया फेरबदल के बाद उन्हें महाराष्ट्र की जिम्मेदारी सौंपी गई है। गौरतलब है कि सी.पी. राधाकृष्णन के उपराष्ट्रपति चुने जाने के बाद से यह पद रिक्त था और इस दौरान गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत इसका अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे थे। Jishnu Dev Varma Takes Oath Maharashtra Governor

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SIR के विरोध में ममता बनर्जी का अनोखा अंदाज

ममता बनर्जी एक हरे बोर्ड के साथ मंच पर नजर आईं। उन्होंने रंगों का इस्तेमाल करते हुए बोर्ड पर बड़े अक्षरों में "SIR" लिखा, जबकि बीच में सफेद रंग से "गायब" शब्द अंकित किया। इसके बाद उन्होंने बोर्ड पर कई छोटे-छोटे टेढ़े-मेढ़े गोले और एक मैप जैसी आउटलाइन बनाई।

West Bengal Chief Minister Mamata Banerjee
Mamata का 'Art Attack': EC पर चला ब्रश (फाइल फोटो)
locationभारत
userऋषि तिवारी
calendar10 Mar 2026 05:32 PM
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Mamata's 'Art Attack' : पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मतदाता सूची के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के खिलाफ अपने विरोध प्रदर्शन को लेकर मंगलवार को एक अनोखा रूप अख्तियार किया। विरोध के पांचवें दिन सीएम ममता ने एक ड्राइंग बोर्ड के जरिए चुनाव आयोग पर जमकर हमला बोला और सांकेतिक तरीके से मतदाताओं के नाम 'गायब' होने का मुद्दा उठाया।

सेंट्रल कोलकाता में दिखा अनोखा नजारा

सेंट्रल कोलकाता स्थित चैनल पर जारी धरने के दौरान ममता बनर्जी एक हरे बोर्ड के साथ मंच पर नजर आईं। उन्होंने रंगों का इस्तेमाल करते हुए बोर्ड पर बड़े अक्षरों में "SIR" लिखा, जबकि बीच में सफेद रंग से "गायब" शब्द अंकित किया। इसके बाद उन्होंने बोर्ड पर कई छोटे-छोटे टेढ़े-मेढ़े गोले और एक मैप जैसी आउटलाइन बनाई। धीरे-धीरे उन्होंने बोर्ड के कुछ हिस्सों को सफेद रंग से भर दिया, जो साफ तौर पर वोटर लिस्ट से नाम कटने का संकेत था। इस पूरे दौरान वह काफी शांत दिखीं। बताया जा रहा है कि जब वह यह ड्राइंग कर रही थीं, तभी मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रहे थे।

6 मार्च से जारी है धरना

ममता बनर्जी 6 मार्च से लगातार विरोध प्रदर्शन कर रही हैं। उनका आरोप है कि चुनाव आयोग की ओर से की जा रही SIR प्रक्रिया के तहत 2026 के विधानसभा चुनाव से पहले राज्य में बड़े पैमाने पर असली मतदाताओं के नाम हटाए जा रहे हैं। तृणमूल कांग्रेस की सुप्रीमो ने पिछले कुछ दिनों में चुनाव आयोग पर तीखे हमले किए हैं। उन्होंने आयोग पर 'भाजपा के इशारों पर नाचने' और पश्चिम बंगाल के असली वोटर्स को मतदान से वंचित करने की साजिश रचने का आरोप लगाया है।

सुप्रीम कोर्ट में मिली राहत, बनेगा अपीलेट ट्रिब्यूनल

इस बीच, SIR प्रक्रिया के खिलाफ ममता बनर्जी और अन्य TMC सांसदों की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। कोर्ट ने चुनाव आयोग को हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस से सलाह कर एक नोटिफिकेशन जारी करने का आदेश दिया है। इसके तहत एक पूर्व चीफ जस्टिस और अन्य जजों को शामिल करते हुए 'अपीलेट ट्रिब्यूनल' का गठन किया जाएगा। Mamata's 'Art Attack'

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वेब सीरीज शूटिंग टीम पर बजरंग दल का तीखा विरोध

बजरंग दल के सौरभ मकरेया ने बताया कि सूचना मिलने पर जब कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे तो वहां अंडे और चिकन की सब्जी मौजूद मिली। इसे देखकर कार्यकर्ता भड़क गए और उन्होंने टीम के जिम्मेदार अधिकारियों के सामने कड़ा विरोध दर्ज कराया।

Bajrang Dal demonstration
मंदिर में नॉनवेज खाने का आरोप, शूटिंग पर सवाल (फाइल फोटो)
locationभारत
userऋषि तिवारी
calendar10 Mar 2026 02:26 PM
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Madhya Pradesh News : मध्य प्रदेश के सीहोर जिले के इछावर नगर स्थित गिलावनी माता मंदिर परिसर में फिल्म मेकर टीम द्वारा कथित तौर पर नॉनवेज (अंडा और मांस) बनाने का मामला सामने आया है। इस घटना पर सोमवार को बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने कड़ा विरोध जताते हुए टीम के खिलाफ जमकर हंगामा किया। आरोप है कि शूटिंग टीम ने मंदिर की पवित्रता भंग करने के साथ हिंदू धर्म की आस्थाओं से खिलवाड़ किया।

मंदिर परिसर में मिला नॉनवेज का सामान

रिपोर्ट के अनुसार, नगर में पिछले तीन दिनों से 'फौजी' वेब सीरीज की शूटिंग चल रही है। फिल्म मेकर टीम गिलावनी माता मंदिर परिसर में ठहरी हुई थी, जहां हनुमान मंदिर भी स्थित है। सोमवार को बजरंग दल को सूचना मिली कि टीम को भोजन में अंडा और मांस परोसा जा रहा है। बजरंग दल के सौरभ मकरेया ने बताया कि सूचना मिलने पर जब कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे तो वहां अंडे और चिकन की सब्जी मौजूद मिली। इसे देखकर कार्यकर्ता भड़क गए और उन्होंने टीम के जिम्मेदार अधिकारियों के सामने कड़ा विरोध दर्ज कराया।

बजरंग दल की चेतावनी

प्रदर्शन के दौरान बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने कहा कि मंदिर परिसर में मांसाहारी भोजन बनाना न केवल मंदिर को अपवित्र करने वाला कृत्य है, बल्कि यह हिंदू धर्म की आस्थाओं के साथ खिलवाड़ है। उन्होंने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि शूटिंग टीम को तत्काल परिसर से नहीं हटाया गया तो बजरंग दल को उग्र आंदोलन करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।

शूटिंग से रोजगार पर संकट

मंदिर परिसर में नॉनवेज विवाद के अलावा, शूटिंग टीम के कारण स्थानीय व्यापारियों का भी आक्रोश फूट पड़ा है। शूटिंग के लिए मेकर टीम ने पूरे बस स्टैंड परिसर को रस्सी बांधकर बंद कर दिया है। इससे परिसर में स्थित सब्जी, फल तथा अन्य दुकानदारों का व्यवसाय पूरी तरह चौपट हो गया है। व्यापारियों का कहना है कि बंदिश के चलते उनके सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है।

मेकर्स ने मांगी माफी

विरोध और बवाल के बाद मेकर्स टीम को अपनी गलती माननी पड़ी। मुंबई से आई टीम के एक सदस्य ने स्वीकार किया कि उन्होंने नॉनवेज मंगवाया था, लेकिन विरोध के बाद उन्होंने आश्वासन दिया कि अब मंदिर परिसर में दोबारा नॉनवेज नहीं परोसा जाएगा और धार्मिक भावनाओं का ध्यान रखा जाएगा। Madhya Pradesh News

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