अंजना भागी
गुड हैल्थ टिप्स
कुछ आदतें ऐसी होती हैं । जोकि बढ़ती जाती हैं। जैसेकि चाय पीना कब दो से तीन, फिर दिन के पाँच कप पीने लगे। पता ही नहीं चलता। पता तब चलता है जब नींद कम आने लगती है होंठों के दायें बायें से लार सी बहने लगती है। मुंह से गंध सी आने लगती है। अभी एक कप चाय पी मुह में स्वाद खत्म होने से पहले ही दिल करने लगता है फिर पी लें । जब इसका आपकी दिनचर्या पर प्रभाव पड़ने लगता है । तब हम उपाय तलाशते हैं ? इसीलिए कभी कुछ घरेलू नुस्खे आप भी अपनाएं और फिर खुद जान जाएँ –
चाय पीने वालों को तो चाय पीने का बहाना चाहिए, गर्मी है तो आलस आ रहा है । सर्दी है तो ठंड बहुत है। कुछ भी नहीं तो सर दर्द है। दरअसल आदत पड़ जाती है मीठे की और केफीन की । एक कप चाय में लगभग 30-40 मिलीग्राम तक केफीन की मात्रा होती है। यानि जीतने कप चाय उतना अधिक शरीर में मीठा और कैफीन। इन दोनों को ही अधिक मात्रा में लेने के नुकसान ही नुकसान हैं । वैसे चाय समग्र जलयोजन में मदद कर सकती है, जो अपने आप में सिरदर्द, पेट दर्द, गले में दर्द को रोक सकती है, पर यह चाय के प्रकार पर निर्भर करता है। तो क्यों न अपनाएं हर्बल चाय यानि कि चाय पत्ती (कैमेलिया साइनेंसिस) का इस्तेमाल किए बिना चाय। ये चाय शायद आपकी भी कैफीन की आदत छूटवाये और सेहत बनाए । आपका घर छोटा है या बड़ा जैसा भी है आप उसमें यदि 4, 5 गमले एडजस्ट कर सकें तो हर्बल चाय की तो मौज ही मौज। अपने गमलों में लगाएँ तुलसी, पिपेरमेंट, लेमन ग्रास, गुलाब, पेपरमेंट के पोधे और रोज पियें हर्बल चाय ।
गुड हैल्थ टिप्सकैसे बनाएं हर्बल चाय?
कई लोग हर्बल टी अच्छी सेहत के लिए पीते हैं। तो कुछ स्वाद के लिए। जो स्वाद और फ्लेवर के शौकीन होते हैं वे पिपरमिंट, तुलसी, लेमन ग्रास की चाय पसंद करते हैं यह ताजगी लाने के साथ साथ पाचन को भी ठीक रखती है. इसमें मौजूद मिथोल (पिपरमेंट) मसल्स को रिलैक्स करता है. तथा गले की खराश भी हटाता है. इसमें एंटीऑक्सीडेंट होते हैं जो हमें कई तरह की बीमारियों और बैक्टीरिया से बचाते हैं । तथा कुछ समय तक साँसों में खुशबू भी आती है इसे बनाने के लिए आप जो भी चाय पीना चाहते हैं । उसकी ताजा पत्तियों को गर्म पानी में डालकर 4 से 5 मिनट तक उबालें और इसे गर्मागर्म चाय की तरह पिएं । दूध पत्ती वाली चाय की तलब यदि परेशान करती है तो एक छोटा चम्मच शहद मिला लें । अन्यथा मुलेठी मिलाएँ। यदि आप को याद है तो बचपन में हमारी दादी नानी ने हमें यह चाय ही खांसी, जुकाम के दौर में खूब पिलाई हैं । अदरक, शहद तो इन हर प्रकार की चाय में मिलाया जा सकता है ।
गुड हैल्थ टिप्स
कितने तरह की होती हैं हर्बल टीअदरक की चाय, लेमन टी, तुलसी की चाय, पिपरामेंट चाय, सौंफ गुड काली मिर्च की चाय, कैमोमाइल चाय, गूढ़हल की चाय, रोजमेरी इत्यादि की चाय । गुड हैल्थ टिप्सहर्बल चाय के फायदे1.इम्यून सिस्टम मजबूत बनाए
अदरक, मुलेठी जैसी नैचुरल चीजें हमारी इम्यूनिटी को मजबूत करती हैं। इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट और विटामिन किसी भी प्रकार के संक्रमण तथा बैक्टीरिया से हमारा बचाव करते हैं। ऑक्सीडेंट्स तनाव और पुरानी बीमारियों से बचाव में सुरक्षा कवच बनते हैं। खांसी, सर्दी, जुकाम को तो ठीक करने का अचूक इलाज है अदरक तुलसी काली मिर्च की हर्बल चाय । बिना शहद पीएंगे तो शुगर लेवल भी कंट्रोल में रह सकता है.
स्ट्रेस दूर भगाएं
कैमोमाइल टी यह स्ट्रेस को कम करती है। इसे पीने से जिन्हें नींद नहीं आती उनके लिए ये काफी अच्छी साबित होती है। क्योंकि ये मन को शांत करती है। डिप्रेशन से जूझते लोगों के लिए तो यह बहुत अच्छा उपाय है । पीरियड्स से पहले के लक्षणों में ये राहत देती है । और हाई ब्लड लिपिड, ब्लड शुगर और इंसुलिन के स्तर को दूर करने में भी मदद करती है।
3.एंटीऑक्सीडेंट से होती है भरपूर
यह चाय एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होती है। जोकि एजिंग प्रोसेस को स्लो करते हैं । फ्री रेडिकल्स के कारण
इसे पीने से त्वचा बेदाग, जवान और खिली खिली दिखती है।
वेट लॉस के लिए खूब फायदेमंद
यदि आप वेट लॉस की इच्छा रखते हैं तो पीयें फिसिलियम की भूसी, सौंफ और लेमनग्रास वाली हर्बल चाय ये आपके मेटाबॉलिज्म को बढ़ाएगी जिससे फेट बर्न होगा। मोटापा नहीं बचेगा।
बेहतर पाचन में मददगार
हर्बल चाय में हमें विटामिन्स, मिनरल्स, शुगर जैसे कई ऐसे तत्व मिल जाते हैं जो पाचन में मदद करते है। हमें ऊर्जा देते हैं । पर ये खाने की इच्छा को भी कम करते हैं। ऐसे में हम फालतू खाने से बच जाते हैं। गले कि खराश, खांसी, मितली, पेट दर्द आप खाली अदरक की हर्बल चाय बनाएँ सिप सिप पीयें फिर आराम देख लें। इसी उबली हुई अदरक में दो तीन बार पानी डाल उबालें और पी लें रुक रुक कर होने वाली पेट दर्द तक ठीक हो जाएगी ।
सूजन को कम करते है
हर्बल चाय सूजन संबंधी समस्याओं के लिए बहुत ही अच्छी होती है। अदरक, सौंफ, थोड़ी से अजवायन गुड डाल यदि आप चाय पी लें तो महावारी की दर्द से तुरंत आराम मिलने लगता है । घुटने सूजे हों या ऐडी ये सूजन कम करती हैं ।
गुड़हल की चाय- हाई ब्लड प्रेशर को कम करने और ऑक्सीडेटिव तनाव से लड़ने में मदद कर सकती है। डेंगु के मरीजों के लिए लाभदायक है अगर आप किसी तरह की दवा ले रहें तो इसे न पीयें ।
गुड हैल्थ टिप्स
लेमन बाम चाय- लेमन बाम चाय एंटीऑक्सीडेंट के स्तर को बढ़ाती है, इससे दिल मजबूत होता है त्वचा में निखार आता है । स्ट्रैस कम करने में मदद मिलती है।
रोजमेरी टी
गुलाब की पत्तियां विटामिन ए, विटामिन सी, विटामिन ई, विटामिन बी 3 और विटामिन डी से भरपूर होती हैं। इसलिए इसकी चाय पीने से न केवल चेहरे पर निखार आता है बल्कि पेट की परेशानियां भी दूर होती हैं।
मस्तिष्क के स्वास्थ्य के लिए तो हर्बल टी सबसे उत्तम है क्योंकि इसे पीने से नींद कम नहीं होती। हर्बल टी नयुरोप्रोटेक्टिव होती हैं । भूलने की समस्या को कम करती है। इसलिए क्या रखा है हर दम एक प्याला चाय में । दिन में एक कप हर्बल चाय अपनायें दिल ही नहीं करेगा बार बार चाय पीने को । मिलते हैं अगले लेख में एक नई जानकारी के साथ ।