Good Health Tips : उत्पादकता का खजाना है स्लीप मैनेजमेंट
Sleep Management is a Treasure of Productivity
भारत
चेतना मंच
19 Sep 2022 11:06 PM
Good Health Tips : शायद ही दुनिया में कोई ऐसा प्राणी हो, जो अच्छी सेहत यानी ‘गुड हेल्थ’ न चाहता हो। यह अलग बात है कि उत्तम सेहत पाने के लिए हमें प्रयास भी करना पड़ता है यदि अपनी उत्पादकता बढ़ाना चाहते हैं तो। चलिये मैं आज आपको बताती हूं बिना कोई खास प्रयास किए गहरी नींद सोने तथा उसको मैनेज करने के कुछ आसान नुस्खे।
स्वस्थ शरीर तथा एक्टिव माइंड के लिए बहुत जरूरी है अच्छी नींद
महान दार्शनिक फ्रेडरिक नीतशे के अनुसार, सजग रहने के लिए सोना बहुत जरूरी है। हम सभी की दिनचर्या सोकर उठने के बाद ही शुरू होती है। अच्छी नींद लेकर यदि हम उठें तो हमारी प्रोडक्टिविटी भी बहुत बढ़िया होती है। वॉक से शुरू होकर घर के काम काज, ऑफिस सब जोश से भरपूर होते हैं। यदि इससे उलटा हो जाए, यानि रात नींद ठीक से न आए तो सब उलट-पलट, पति-पत्नी में तू-तू, मैं-मैं, बच्चे के मुंह पर बिन बात के चांटा। ऑफिस में भी टाइम पास कर जब अगली रात नींद पूरी होती है तभी चैन आता है। यानि यदि अपनी उत्पादकता सही रखनी है, बल्कि बढ़ानी है तो नींद को भी पूरी तवज्जो देनी ही होगी। यदि हम सुबह उठने के लिए अलार्म घड़ी का सहारा लेते हैं या अपने परिवार में निवेदन करते रहते हैं कि हमें उठा देना, प्लीज उठा देना। इसका मतलब बिल्कुल साफ है कि हमारी स्लीप मैनेजमेंट सही नहीं है।
जितने भी आज के नंबर वन लोग हैं, सभी अपने जीवन में स्लीपिंग रूटीन को जरूर मैनेज करते हैं। जेफ बेजोस, एक्जिक्यूटिव चेयरमैन ऑफ एमेजॉन 14,690 करोड़ (यूएसडी), मक स्कॉट एलेन मास्क, बिल गेट्स इनमें से किसी को भी ले लें, सभी की इतनी उत्पादकता में, अच्छी नींद का बहुत बड़ा हाथ है और यह भी सच है कि अच्छी नींद जो कि आपकी उत्पादकता बढ़ा सके, को भी मैनेज करना पड़ता है।
कौन सी नींद अच्छी नींद कहलाती है:
नींद, जिसमें हम भरपूर सोएं, बेवजह रातभर करवटें न बदलें। दिन के समय हम कामों में लगे रहते हैं, यानि हमारे शरीर के सभी ऑर्गन कार्यरत होते हैं। थकते हैं तो हम भोजन कर उन्हे ऊर्जा देते हैं। और काम लेते हैं, पर रात को नींद द्वारा हम अपने थके हुए शरीर को भी आराम करने का मौका देते हैं। आराम मतलब स्टॉपेज नहीं, बल्कि शरीर के सभी ऑर्गन्स की स्पीड बहुत कम हो जाती है तथा वे अन्य कार्य करते हैं, जैसे कि हमारी अच्छी नींद में होने से शरीर रिकवर करता है, क्योंकि हमारे सोते ही टिशू हमारे शरीर के रिपेयर कार्य में लग जाते हैं। भाग दौड़ नहीं होती, हार्ट भी आराम पाता है और ब्लड प्रेशर हमारी कार्डिओवेस्कूलर सेहत का सुधार करने में मदद करता है। नींद के दौरान हमारे शरीर में कई हार्मोन बनते हैं, जिससे हमारा ईम्यून सिस्टम मजबूत होता है। इस तरह नींद अच्छी आती है तो तो बीमारियों से भी सुरक्षा होती है और हमारा शरीर का सिस्टम भी मजबूत होती है। यानि हमारी मेंटल हेल्थ, मूड, हमारे ब्रेन के कार्यों में भी सुधार होता है। और हम दिनभर ऊर्जा से भरे रहते हैं। जब इतने फायदे हैं तो क्यों न लाएं हम अपने स्लीपिंग रूटीन को सुधार में। यदि वो साउंड नहीं है तो। यह इतना कठिन भी नहीं है, सिर्फ कुछ कार्य करने होंगे।
यदि आप भी अपने स्लीप हाइजीन में सुधार करना चाहते हैं तो इन दो बातों को मानें:
एक फिक्स समय पर सोएं तथा फिक्स समय पर ही जागने की आदत डालें। यदि कुछ दिन आप ये रूटीन फॉलो कर लें तो आपका शरीर इस ही रिदम में ढल जायेगा। यानि आपका माइंड स्वयं आपको समय पर सुलाएगा और जगाएगा भी। वर्कआउट या आउटडोर एक्टिविटीज भी अच्छी नींद लाने में बहुत सहायता करती है। आपको सिर्फ कुछ बातों का ही ध्यान रखना है, जैसे सोने से एकदम पहले एक्सरसाइज न करें। नहीं तो मांसपेशियां एक्टिव हो जाती हैं और नींद रफूचक्कर। सोने से पहले आप क्या खाते हैं, इसका ध्यान रखना भी बहुत जरूरी है। प्रोटीन डाइट खाने से नींद आने में देरी हो जाती है। हैवी मील, अल्कोहल, निकोटिन और कैफीन, इनसे तो जितना बचा जाए उतना ही लाभकारी रहेगा अच्छी नींद के लिए। वैसे भी अच्छी नींद जरूरी है ये सब नहीं।
बेड टाइम का एक रूटीन अवश्य बनाएं:
जैसे कि सोने से लगभग एक घंटा पहले किसी भी इलेक्ट्रिकल गजेट की आर्टिफिशियल रोशनी से बचना, इनमें कम्प्यूटर, टीवी, मोबाइल सभी स्क्रीन लाइट शामिल क्योंकि ये आपके ब्रेन को बहुत समय तक जगाकर रखती हैं, इससे कहीं अच्छा है आप गरम पानी से नहाकर हल्की आवाज में म्यूजिक सुनें। मेडिडटीओन करें, मतलब कुछ भी रिलक्सेशन एक्टिविटी। संसार के टॉप टायकून्स इस बात को अच्छी तरह समझ गये हैं कि अच्छी नींद का मतलब अच्छी उत्पादकता, शायद यही कारण है कि जेफ बेजोस पूरे आठ घंटे की नींद लेते हैं और जो भी चैलेंन्जिग मीटिंग्स होती हैं, उन्हे सुबह सबसे पहले लेते हैं। सेकंड प्रायोरिटी जरूरी मीटिंग्स को। यानि वे मानते हैं कि लंच के बाद मेरा माइंड इतना एक्टिव रहेगा भी या नहीं। दिन की शुरुआत रेगुलर अखबार पढ़कर तथा परिवार के साथ नाश्ते से करते हैं। बिल गेट्स भी नींद के विज्ञान को पूरी तरह समझ गए हैं। इसलिए पूरे सात घंटे की नींद लेते हैं। माइक्रोसॉफ्ट के फाउंडर की हालांकि पहले सोच अलग थी, उनका मानना था की ज्यादा नींद इंसान को आलसी बना देती है। पर, मैथ्यू वाकरस की किताब ‘ह्वाय वी स्लीप’ पढ़ने के बाद उनकी सोच बदल गई। उधर, एलन मस्क सिर्फ 6 घंटे ही सोना पसंद करते हैं। हालांकि वे बहुत ज्यादा काम संभालते हैं। कभी कभी तो शनिवार रविवार भी काम करते हैं।
यदि कभी किसी को नींद ही ना आए:
यदि कभी किसी को नींद ही न आए तब ये उपाय अपनाएं। अपने मुंह की पूरी मांसपेशियों, यहां तक की मुह के अंदर की मांसपेशियों को भी आराम दें। अपने कंधों को गिराएं, अपने हाथों को शरीर की ओर जानें दें। इससे आपका तनाव दूर हो जाएगा। सांस छोड़ें अपनी छाती को आराम दें। किसी आरामदेह दृश्य की कल्पना करके अपने दिमाग को साफ करें, यानि विचार आते है,ं आने दें, लेकिन कोई चिंतन या तनाव नहीं करें, कोई सोच नहीं। यदि यह भी काम नहीं करता तो 10 बार दोहराएं, मत सोचें नींद आ जाएगी। इससे भी जरूरी है कि आप सोने की कोशिश करने के बारे में बहुत न सोचें। एक नियमित कार्यक्रम रखें, अपना तनाव कम करें। आप स्क्रीन का प्रयोग कैसे कर रहे हैं, यह अधिक जरूरी है। अपना तनाव कम करें। मेलाटोनिन का प्रयास करें। देखें कैसे गहरी नींद आएगी। जब नींद आने लगेगी, तब अपना स्लीपिंग टाइम मैनेज करें और खुद को उत्पादक बनाएं।
आज बस इतना ही। अपनी सेहत का खूब ध्यान रखें। आगे भी आपको इसी प्रकार के अति महत्वपूर्ण नुस्खे बताती रहूंगी।