पूरी दुनिया ने देखा भारत के बेटे गोपीचंद थोटाकुरा का अदभुत जलवा
Gopichand Thotakura
भारत
चेतना मंच
01 Dec 2025 01:30 AM
Gopichand Thotakura : गोपीचंद थोटाकुरा किसी परिचय के मोहताज नहीं हैं। पूरी दुनिया ने भारत के बेटे गोपीचंद थोटाकुरा का अदभुत जलवा देखा है। जी हां गोपीचंद थोटाकुरा पूरी दुनिया में चर्चा का विषय बन गए हैं। भारत के लाड़ले बेटे गोपीचंद थोटाकुरा ने निजी तौर पर अंतरिक्ष यात्रा करके इतिहास में एक बड़ा पन्ना जोड़ दिया है। अपनी आसमान की यात्रा के बाद भारत के इस बेटे ने जो बताया है वह सबके रोंगटे खड़े करने लायक है।
काश मैं 140 करोड़ भारतवासियों को अंतरिक्ष में ले जा पाता : गोपीचंद थोटाकुरा
काश मैं सभी 140 करोड़ भारतीयों को अपने साथ अंतरिक्ष यात्रा पर ले जा पाता। मैं तो कहूंगा कि सिर्फ भारतीय ही नहीं, हर इन्सान को अंतरिक्ष में जाकर देखना चाहिए कि दूसरी तरफ से हमारी पृथ्वी कैसी लगती है। ये शब्द हैं आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा में जन्मे भारतीय मूल के पहले अंतरिक्ष पर्यटक बने 30 वर्षीय गोपीचंद थोटाकुरा के। उद्यमी और पायलट गोपीचंद थोटाकुरा ने पहले भारतीय पर्यटक और अंतरिक्ष यात्रा पर जाने वाले दूसरे भारतीय बनकर इतिहास रच दिया है। गोपीचंद ने 19 मई को ब्लू ओरिजिन के पर्यटन रॉकेट से छह लोगों के साथ यात्रा शुरू की थी। यान ने यात्रियों को अंतरिक्ष के किनारे तक पहुंचाया।
Gopichand Thotakura
कैप्टन गोपीचंद थोटाकुरा चालक दल का हिस्सा थे। उनकी इस अंतरिक्ष यात्रा का वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किया। गोपीचंद थोटाकुरा के अनुसार, उनकी अंतरिक्ष यात्रा "अद्भुत रही, जिसका अनुभव शब्दों में बयान नहीं किया जा सकता, बल्कि उसे अपनी आंखों से देखना होगा। उन्होंने कहा कि ऊपर से जब हम आलीशान नीली गेंद (पृथ्वी) को देखते हैं, तो वाह! क्या सुदंर दृश्य दिखता है। यह वैसी नहीं है, जैसी फिल्मों में दिखाई जाती है। यह मेज पर रखी ग्लोब की तरह भी नहीं है और न ही उस चार्ट की तरह है, जिसे आपने बचपन में देखा होगा। वह कहते हैं कि आप जन पहली बार कहीं जाते, हैं, जैसे- केरल, हिमालय, स्विस आल्प्स, तो वहां भी आप कुछ ऐसा देखते हैं, जिन्हें पहले कभी न देखा हो और वे खूबसूरत भी हो सकते हैं, लेकिन अंतरिक्ष की यात्रा के बाद मेरा मकसद बदल गया। अब मेरे जीवन का उद्देश्य इस धरती को बेहतर जगह बनाना है।
Gopichand Thotakura
गोपीचंद थोटाकुरा ने कहा कि खिडक़ी से बाहर झांकते हुए मैंने जो कुछ देखा, उसे समझने की कोशिश कर रहा था। मैंने अमेरिका महाद्वीप, यूरोप के कुछ हिस्से और अटलांटिक महासागर को एक साथ देखा। इसी से आप अंदाजा लगा सकते हैं कि मैं वास्तव में किस चीज के बारे में बात कर रहा हूं। आप बस इसकी विराटता की कल्पना कर सकते हैं, वास्तविक अनुभव स्वयं वहां जाने पर ही होगा। जैसे ही शून्य गुरुत्वाकर्षण में मैंने अपनी बेल्ट खोली, मैं तैरने लगा था। शुरू में समझ में नहीं आया कि क्या हो रहा है। जब मैंने खुद को संभाला, और खड़ा हुआ, तो चीजें स्पष्ट हो गई। यह अनुभव बिल्कुल अलग था। इससे मुझे एहसास हुआ कि इस विशाल ब्रह्मांड में हम कितने तुच्छ (छोटे) हैं। जब आप वहां जाते हैं और इस नीली पृथ्वी को देखते हैं, तो आपको ब्रह्मांड की विराट शक्ति का एहसास होता है और तभी इस पृथ्वी को बेहतर जगह बनाने की प्रेरणा जगती है।
कौन हैं गोपीचंद थोटाकुरा?
भारत के पहले अंतरिक्ष पर्यटक के रूप में रिकॉर्ड बनाने वाले थोटाकुरा गोपीचंद भी सर्वश्रेष्ठ अंतरिक्ष पायलटों में से एक हैं। गोपीचंद थोटाकुरा एक अच्छी तरह से प्रशिक्षित पायलट हैं, जिन्होंने तीस की उम्र से पहले ही हजारों घंटों तक विदेशी जेट और मेडिकल उड़ानें उड़ाई हैं। पायलट होने के अलावा, उन्हें सीप्लेन, हॉट-एयर बैलून पायलट और प्रमाणित ड्राइविंग प्रशिक्षक के रूप में भी जाना जाता है। गोपीचंद थोटाकुरा ने किलिमंजारो पर्वत पर भी भारतीय ध्वज फहराया और खुद को एक पर्वतारोही के रूप में स्थापित किया।
गोपीचंद थोटाकुरा ने रोडसियायात्रा को सफलतापूर्वक पूरा करके इतिहास रचा, यह उपलब्धि हासिल करने वाले पहले भारतीय अंतरिक्ष पर्यटक बने। गोपीचंद का विजयवाड़ा से गहरा नाता है, उनका गृहनगर पोरंकी शहर के उपनगरीय इलाके में स्थित है। फिलहाल उनके दादा भुमैया और नानी स्वर्णलता पोरंकी में रहते हैं. उनके पिता विजयकुमार, उनकी मां पद्मजा और उनके भाई मेघश्याम उनके प्यारे परिवार को पूरा करते हैं। गोपीचंद का जन्म 14 मई 1993 को हुआ था।
गोपीचंद थोटाकुरा ने अपनी प्राथमिक शिक्षा विशाखापत्तनम, हैदराबाद और दिल्ली में प्राप्त की। उन्होंने विशाखापत्तनम में टिमपनी, दिल्ली में संक्षत्री, बाल भारती एयर फोर्स स्कूल और हैदराबाद में विज्ञान ज्योति में पढ़ाई की थी. उन्होंने सरला बिड़ला कॉलेज, बैंगलोर से स्नातक की उपाधि प्राप्त की, और बाद में फ्लोरिडा, अमेरिका में एम्ब्री रिडल एयरोनॉटिकल यूनिवर्सिटी से वैमानिकी विज्ञान में अपनी डिग्री पूरी की। इसके बाद, उन्होंने कोवेंट्री यूनिवर्सिटी, अमीरात, यूके से एविएशन में एमबीए किया।
Gopichand Thotakura
गोपीचंद एक प्रशिक्षित वाणिज्यिक पायलट हैं जिनके पास बिजनेस जेट और मेडिकल बेड़े में उड़ान का व्यापक अनुभव है. वह वर्तमान में प्रिजर्व लाइफ कॉरपोरेशन के नाम से अमेरिका में स्थापित पूरी तरह सुसज्जित वेलनेस रिसॉर्ट्स के सह-संस्थापक हैं। दादा भुमैय्या और दादी स्वर्णलता ने कहा कि उन्हें अपने पोते गोपीचंद थोटाकुरा पर बहुत गर्व और खुशी है कि उनका पोता अंतरिक्ष में गया और सफलतापूर्वक लौट आया। कहा जाता है कि बचपन से ही काफी एक्टिव रहने वाले गोपीचंद सबसे अलग दिखने की कोशिश करते हैं।
उसे याद आया कि उसने अतीत में किलिमंजारो पर चढ़ाई की थी और सभी से प्रशंसा प्राप्त की थी। उन्होंने कहा कि इस समय उनके पिता विजयकुमार और मां पद्मजा भी गोपीचंद थोटाकुरा के साथ अमेरिका में हैं। उनके परिवार के सदस्यों ने कहा कि वे सभी जल्द ही विजयवाड़ा आएंगे। पूरी दुनिया भारत के लाड़ले बेटे गोपीचंद थोटाकुरा पर गर्व कर रही है। Gopichand Thotakura