
गोरखपुर। काफी अर्से से लंबित मांगों के प्रति यूनिवर्सिटी प्रशासन के टालू रवैये से आखिर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) कार्यकर्ताओं का गुस्सा फूट पड़ा। एबीवीपी के प्रदर्शन के मद्देनजर प्रशासनिक भवन के सभी गेटों पर ताले लगा दिए गए थे, लेकिन विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं ने ताले तोड़ दिए। बड़ी संख्या में विद्यार्थी कुलपति कार्यालय में जमे हैं।
विश्वविद्यालय प्रशासन के रवैये से प्रदर्शन के लिए मजबूर
प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना है कि विश्वविद्यालय में छात्र-छात्राएं कई समस्याओं से जूझ रहे हैं। इन समस्याओं के समाधान के बाबत प्रशासन को कई बार ज्ञापन दिए गए। लेकिन विश्वविद्यालय प्रशासन ने ज्यादातर समस्याओं पर गौर नहीं किया। इसलिए उन्हें प्रदर्शन के लिए मजबूर होना पड़ा।
12 सूत्रीय मांगों को लेकर किया प्रदर्शन
अभाविप कार्यकर्ता 12 सूत्रीय मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। संगठन का कहना है कि विश्वविद्यालय के विभिन्न पाठ्यक्रमों में कोर्स पूर्ण नहीं होने के बावजूद परीक्षाएं कराई जा रही हैं। कक्षाओं का संचालन शिक्षकों से न कराकर शोध विद्यार्थियों से कराया जा रहा है। इसे तत्काल बंद किया जाए। विश्वविद्यालय की परीक्षाएं तो समय से हो रही हैं, लेकिन छात्रों को उनके पिछले सेमेस्टर के परीक्षा परिणाम अभी तक नहीं उपलब्ध हो पाए हैं। विश्वविद्यालय में परीक्षाओं का निरस्त होना सामान्य सी बात हो गयी है, जिससे छात्रों को मानसिक दबाव का सामना करना पड़ रहा है।
ये हैं प्रमुख मांगें
विश्वविद्यालय के छात्रावासों में स्वच्छता और प्रसाधन की स्थिति दिन प्रतिदिन खराब होती जा रही है। विश्वविद्यालय में लगा वाई-फाई हमेशा बन्द रहता है, जिसे अतिशीघ्र चालू किया जाए। आगामी सत्र में प्रवेश के लिए होने वाली प्रवेश परीक्षा की उत्तर कुंजी जारी की जाए। आगामी सत्र में छात्रसंघ के चुनाव को समय से संपन्न कराया जाए। 10 दिनों में डिग्री उपलब्ध करने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। पुस्तकालय की स्थिति बेहद खराब है, उसे ठीक किया जाए। नियमों को ताक पर रखकर हो रही सहायक आचार्य भर्ती की जांच की जाए। हिंदी विभाग में शोध प्रवेश परीक्षा में ईडब्ल्यूएस के अभ्यार्थियों के प्रवेश सुनिश्चित किए जाएं।
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