आधा लीटर पानी, गर्मी का कहर: गोरखपुर की महिला सिपाहियों का सड़क पर प्रदर्शन
भारत
चेतना मंच
29 Nov 2025 08:15 PM
गोरखपुर, उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश की 598 महिला सिपाही जब सोमवार को गोरखपुर के शाहपुर क्षेत्र स्थित 26वीं वाहिनी पीएसी के ट्रेनिंग सेंटर में प्रशिक्षण के लिए पहुंचीं, तो उन्हें यह उम्मीद नहीं थी कि उन्हें गर्मी, पानी और अव्यवस्था से लड़ना पड़ेगा। लेकिन बुधवार की सुबह इन महिला सिपाहियों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया। उनका आरोप है कि सेंटर में मूलभूत सुविधाओं का घोर अभाव है।
पानी की किल्लत और गर्मी से बेहाल सिपाही
ट्रेनिंग सेंटर में मौजूद महिला सिपाहियों ने बताया कि इस भीषण गर्मी में उन्हें दिनभर में केवल आधा लीटर आरो पानी दिया जा रहा है। सेंटर में एक ही आरो मशीन है, जो इतनी बड़ी संख्या की जरूरत को पूरा नहीं कर पा रही। प्यास और गर्मी से परेशान होकर महिलाएं सड़क पर उतर आईं। उनके मुताबिक, न पंखे पर्याप्त हैं, न ही कूलर। ठंडी हवा की कमी से दिन-रात बेहाल होकर रहना पड़ रहा है।
साफ-सफाई और निजता को लेकर गंभीर सवाल
महिला अभ्यर्थियों ने यह भी आरोप लगाया कि बाथरूमों की संख्या बहुत कम है और वे भी बेहद गंदे हैं। कई जगह साफ-सफाई का नामोनिशान नहीं है। इसके अलावा, बाथरूम की गैलरी में लगे सीसीटीवी कैमरों को लेकर महिलाएं असहज महसूस कर रही हैं। उनका कहना है कि इससे उनकी निजता का हनन हो रहा है और बार-बार शिकायत करने के बाद भी कोई सुनवाई नहीं हो रही।
संख्या दोगुनी, सुविधाएं आधी
महिलाओं का यह भी कहना है कि ट्रेनिंग सेंटर की क्षमता सिर्फ 300 लोगों के लिए है, लेकिन यहां करीब 600 महिला सिपाहियों को रखा गया है। इतनी भीड़ में न तो बैठने की जगह ठीक से मिल रही है और न ही बिजली की उचित व्यवस्था है। गर्मी में बिना पंखे और पर्याप्त पानी के रहना उनके लिए एक चुनौती बन गया है।
उत्तर प्रदेश समाचार हिंदी में:
अधिकारी पहुंचे, मिला आश्वासन
जब महिला सिपाहियों ने सेंटर गेट पर सड़क जाम कर प्रदर्शन शुरू किया, तो पीएसी प्रशासन में हड़कंप मच गया। मौके पर जिले के वरिष्ठ अधिकारी पहुंचे और महिलाओं को समझाने की कोशिश की। अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि समस्याओं का जल्द समाधान किया जाएगा। पीएसी सेनानायक आनंद कुमार ने बताया कि ट्रेनिंग सेंटर में निर्माण कार्य जारी है और आने वाले दिनों में सुविधाएं बेहतर की जाएंगी।
जब तक समाधान नहीं, प्रदर्शन जारी रहेगा
हालांकि, महिलाओं ने साफ शब्दों में कहा कि जब तक पानी, बिजली और साफ-सफाई की व्यवस्था नहीं सुधरती, वे पीछे नहीं हटेंगी। फिलहाल, प्रशासनिक भवन के सामने महिलाएं धरने पर बैठी हैं और अपनी मांगों पर अडिग हैं। यह विरोध केवल सुविधाओं की मांग नहीं है, बल्कि यह सिस्टम से सम्मान की भी उम्मीद है।
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