यूपीएससी में अनोखा विवाद : आकांक्षा सिंह नाम की दो अलग-अलग युवतियों का 301वीं रैंक पर दावा

परिणाम के बाद 301वीं रैंक को लेकर एक अनोखा विवाद सामने आया है। वजह यह है कि आकांक्षा सिंह नाम की दो अलग-अलग युवतियाँ खुद को इस रैंक की असली उम्मीदवार बता रही हैं। इस मामले ने सोशल मीडिया और मीडिया में काफी चर्चा पैदा कर दी है।

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आकांक्षा सिंह नाम की दो अलग-अलग युवतियाँ
locationभारत
userयोगेन्द्र नाथ झा
calendar07 Mar 2026 02:13 PM
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UPSC Toppers : यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा के परिणाम के बाद 301वीं रैंक को लेकर एक अनोखा विवाद सामने आया है। वजह यह है कि आकांक्षा सिंह नाम की दो अलग-अलग युवतियाँ खुद को इस रैंक की असली उम्मीदवार बता रही हैं। इस मामले ने सोशल मीडिया और मीडिया में काफी चर्चा पैदा कर दी है। जब यूपीएससी का रिजल्ट जारी हुआ तो 301वीं रैंक पर आकांक्षा सिंह नाम दिखाई दिया। इसके बाद दो अलग-अलग जगहों से इसी नाम की उम्मीदवार सामने आईं और दोनों ने दावा किया कि यह रैंक उन्हें मिली है।

पहला दावा, उत्तर प्रदेश की आकांक्षा सिंह

उत्तर प्रदेश के वाराणसी क्षेत्र से जुड़ी आकांक्षा सिंह ने कहा कि 301वीं रैंक उनकी है। अपने दावे को मजबूत करने के लिए उन्होंने कई दस्तावेज सार्वजनिक किए, जिनमें यूपीएससी का एडमिट कार्ड और इंटरव्यू कॉल लेटर शामिल बताए जा रहे हैं। इन दस्तावेजों में दिया गया रोल नंबर रिजल्ट में दिख रहे रोल नंबर से मेल खाने का दावा किया जा रहा है।

दूसरा दावा, बिहार की आकांक्षा सिंह

दूसरी ओर बिहार के आरा की रहने वाली एक अन्य आकांक्षा सिंह भी सामने आईं। उन्होंने भी मीडिया में बयान देते हुए कहा कि 301वीं रैंक उन्हें मिली है और उन्हें पहले से भरोसा था कि वे परीक्षा में सफल होंगी। उन्होंने यह भी कहा कि उनका लक्ष्य आगे चलकर भारतीय विदेश सेवा (आईएफएस) में जाना है।

आरोप-प्रत्यारोप

वाराणसी वाली आकांक्षा सिंह ने आरोप लगाया है कि दूसरी लड़की उनकी पहचान का इस्तेमाल कर रही है। कुछ रिपोर्टों में यह भी कहा गया कि बिहार वाली आकांक्षा को रणवीर सेना के पूर्व प्रमुख के परिवार से जुड़ा बताया जा रहा है, जिससे विवाद और चर्चा बढ़ गई। इस पूरे मामले में अभी तक यूपीएससी की ओर से कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है। इसलिए यह साफ नहीं हो पाया है कि 301वीं रैंक की वास्तविक उम्मीदवार कौन है। जब तक आयोग इस मामले पर औपचारिक बयान नहीं देता, तब तक यह विवाद बना रहने की संभावना है।



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अभिषेक चौहान मूल रूप से बिहार के समस्तीपुर जिले के
locationभारत
userयोगेन्द्र नाथ झा
calendar07 Mar 2026 01:30 PM
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UPSC Toppers : भारतीय क्रिकेटर वैभव सूर्यवंशी के परिवार से एक बड़ी उपलब्धि सामने आई है। उनके मामा अभिषेक चौहान ने यूपीएससी की सिविल सेवा परीक्षा 2025 में शानदार प्रदर्शन करते हुए पहले ही प्रयास में आल इंडिया रैंक (एयर) 102 हासिल की है। यह सफलता न सिर्फ उनके परिवार बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए गर्व की बात बन गई है। 

शिक्षा और पृष्ठभूमि

अभिषेक चौहान मूल रूप से बिहार के समस्तीपुर जिले के एक गांव से संबंध रखते हैं। पढ़ाई में शुरू से ही तेज रहे अभिषेक ने इंडियन इंस्टीट्यूट आफ टेक्नोलाजी (इंडियन स्कूल्स आॅफ माइन्स) धनबाद से जियोलॉजी में इंटीग्रेटेड एम.टेक की पढ़ाई पूरी की। अपनी पढ़ाई के दौरान उन्होंने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया और गोल्ड मेडल भी प्राप्त किया।

सिविल सेवा की तैयारी

उच्च शिक्षा पूरी करने के बाद उन्होंने कुछ समय तक एक निजी कंपनी में काम किया, लेकिन बाद में सिविल सेवा में जाने का लक्ष्य तय किया। इसके लिए उन्होंने नौकरी छोड़कर पूरी तरह से परीक्षा की तैयारी शुरू की। उन्होंने मुख्य रूप से सेल्फ-स्टडी, नियमित अभ्यास और सीमित लेकिन सही अध्ययन सामग्री के सहारे तैयारी की। कड़ी मेहनत और निरंतर अनुशासन के कारण वे पहले ही प्रयास में प्रीलिम्स, मेन्स और इंटरव्यू तीनों चरणों को सफलतापूर्वक पार करने में कामयाब रहे।

रैंक और संभावित सेवा 

सिविल सेवा परीक्षा 2025 के अंतिम परिणाम में उन्हें एयर 102 प्राप्त हुई। इस रैंक के आधार पर उनका चयन भारतीय पुलिस सेवा यानी इण्डियन पुलिस सर्विस में होने की प्रबल संभावना मानी जा रही है। अभिषेक चौहान की सफलता कई युवाओं के लिए प्रेरणा मानी जा रही है। सीमित संसाधनों के बावजूद स्पष्ट लक्ष्य, अनुशासित दिनचर्या और आत्मविश्वास के दम पर उन्होंने देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक को पहले ही प्रयास में पास कर दिखाया।  UPSC Toppers

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आंखों से देख नहीं सकते, फिर भी रवि राज ने यूपीएससी में हासिल की 20वीं रैंक

नवादा जिले के रहने वाले रवि राज ने अपनी मेहनत और दृढ़ संकल्प से एक प्रेरणादायक उदाहरण पेश किया है। दृष्टिबाधित होने के बावजूद उन्होंने संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की सिविल सेवा परीक्षा में आल इंडिया रैंक 20 हासिल की है।

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रवि राज 1
locationभारत
userयोगेन्द्र नाथ झा
calendar07 Mar 2026 12:41 PM
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UPSC Toppers : बिहार के नवादा जिले के रहने वाले रवि राज ने अपनी मेहनत और दृढ़ संकल्प से एक प्रेरणादायक उदाहरण पेश किया है। दृष्टिबाधित होने के बावजूद उन्होंने संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की सिविल सेवा परीक्षा में आल इंडिया रैंक 20 हासिल की है। उनकी इस उपलब्धि ने न केवल उनके परिवार बल्कि पूरे क्षेत्र का नाम रोशन कर दिया है।

साधारण किसान परिवार से आते हैं रवि राज

रवि राज का संबंध नवादा जिले के अकबरपुर प्रखंड के महुली गांव से है। वे एक साधारण किसान परिवार से आते हैं। बचपन से ही उन्हें देखने में दिक्कत थी, लेकिन इस कमजोरी को उन्होंने कभी अपनी राह की बाधा नहीं बनने दिया। परिवार का सहयोग और उनकी निरंतर मेहनत ने उन्हें इस मुकाम तक पहुंचाया। UPSC जैसी कठिन परीक्षा में सफल होने के लिए रवि राज ने कई वर्षों तक लगातार तैयारी की। बताया जाता है कि यह उनका पांचवां प्रयास था। इससे पहले भी उन्होंने परीक्षा पास की थी और उन्हें लगभग 182वीं रैंक मिली थी, लेकिन बेहतर परिणाम पाने के लिए उन्होंने फिर से परीक्षा देने का फैसला किया।

दृष्टिबाधित होने के बावजूद लक्ष्य हासिल किया

रोजाना कई घंटों तक पढ़ाई करते हुए उन्होंने अपनी तैयारी को मजबूत किया। दृष्टिबाधित होने के कारण उन्होंने पढ़ाई के लिए आडियो सामग्री, स्क्रीन रीडर और अन्य सहायक तकनीकों का उपयोग किया। कठिन परिस्थितियों के बावजूद उनका आत्मविश्वास और लक्ष्य के प्रति समर्पण कभी कम नहीं हुआ। रवि राज की इस सफलता से उनके गांव और जिले में खुशी का माहौल है। लोग इसे मेहनत, लगन और आत्मविश्वास की जीत मान रहे हैं। उनकी कहानी यह संदेश देती है कि अगर इंसान के इरादे मजबूत हों, तो कोई भी कठिनाई उसे अपने लक्ष्य तक पहुंचने से रोक नहीं सकती।UPSC Toppers

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