Greater Noida : गुर्जर समाज ने की बदलाव की एक अद्भुद पहल, गुर्जर एजुकेशन वेलफेयर ट्रस्ट बनाकर कर रहे हैं प्रतिभावान छात्रों व खिलाडिय़ों की मदद
भारत
चेतना मंच
01 Dec 2025 05:34 PM
Greater Noida / New Delhi : ग्रेटर नोएडा/ नई दिल्ली । देश भर के गुर्जर समाज की दशा और दिशा में सुधार करने के लिए गुर्जर समाज के कुछ लोगों ने एकजुट होकर परिवर्तन की एक अदभुत मुहिम चलाने का संकल्प लिया है। 'गुर्जर एजुकेशन वेलफेयर ट्रस्टÓ के नाम से एक संस्था की स्थापना करके समाज में बदलाव की बड़ी कोशिश शुरू की गई है।
सब जानते हैं कि चाहे कोई भी समाज हो उसमें आर्थिक रूप से कमजोर व समृद्ध सभी प्रकार के लोग रहते हैं। इसी प्रकार गुर्जर समाज में भी आर्थिक रूप से कमजोर किन्तु प्रतिभावान विद्यार्थी एवं खिलाड़ी बड़ी संख्या में मौजूद हैं। अनेक प्रतिभावान खिलाड़ी व विद्यार्थी आर्थिक सहायता न मिल पाने के कारण अपने सपनों को बंद कोठरी में कैद कर देते हैं। ऐसे प्रतिभावान विद्यार्थियों तथा खिलाडिय़ों को प्रोत्साहित व आर्थिक मदद करने के उददेश्य से 'गुर्जर एजुकेशन वेलफेयर ट्रस्ट' की स्थापना की गयी है।
ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने चेतना मंच को बताया कि इस ट्रस्ट में ग्रेटर नोएडा सहित पूरे भारत यहां तक कि विदेशों से भी समाज के प्रबुद्ध वर्ग के लोग जुड़े हुए हैं। अभी तक ट्रस्ट में 194 सदस्य शामिल हो चुके हैं। ये सभी सदस्य प्रतिमाह 1 हजार रूपए ट्रस्ट के उददेश्य पूरे करने के लिए देते हैं। जिन बच्चों को आर्थिक सहायता दी जाती है उन्हें ऑन लाइन आवेदन भरना पड़ता है। ट्रस्ट अब तक 80 से ज्यादा प्रतिभावान विद्यार्थियों व खिलाडिय़ों को 10 लाख 68 हजार रूपये से ज्यादा की स्कॉलरशिप दे चुका है।
ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने बताया कि अब तक अनुज भाटी पिता सुभाष भाटी पाली (स्पोर्ट मेन), नाम गणेश रावत जयपुर कॉलिज, रजनी नागर पिता पूरन सिंह फरीदाबाद (स्पोर्ट वीमेन), रिया चौधरी सहारनपुर एमबी बीएस की 3 थर्ड ईयर की फीस, सलोनी नागर पिता मनोज कुमार धूम खेड़ा (स्पोर्ट वुमेन), सुधीर बैसोया पिता सुरेंद्र बैसोया मयूर विहार दिल्ली (स्पोर्ट मेन), हरदीप पिता जितेंद्र आर्मी सूरत बीकॉम सेकंड सेमेस्टर की फीस, गुर्जर अब्दुल हमीद जम्मू कश्मीर एमबीबीएस की एक वर्ष की फीस, रामावतार गुर्जर पिता नारायण सिंह राजस्थान ताइकानडो खिलाड़ी, वेदपाल भड़ाना पिता चिंताराम जबलीन थ्रो पलवल, विनय बढ़ाना पिता मेजर सिंह बढ़ाना दिल्ली, पंकज पिता काली रामजी हिमाचल प्रदेश, सुमित गुर्जर गांव काजीपुर मेरठ, नाम जितेंद्र सिंह अग्रवाल करौली राजस्थान, सुमित कुमार, आकाश धनोटा, रामावतार गुर्जर पिता नारायण सिंह राजस्थान, विनोद भडाना पिता राजेंद्र सिंह भड़ाना धनोता खरखोदा मेरठ, मनीषा पिता दर्शन सिंह गुर्जर राजस्थान, अभिषेक गुर्जर पिता कर्मवीर सिंह गुर्जर हापुड़ मेरठ, वर्षा गुर्जर पिता बालेश्वर गुर्जर बदरपुर खादर दिल्ली, परवीन लोनी पिता ईश्वर सिंह लोनी गाजिय़ाबाद, स्वाति देवी पिता स्वर्गीयश्री चंद्रपाल सिंह ग्राम रहमतपुर जिला सहारनपुर, शिवाजी सिंह गुर्जर पिता सिकंदर सिंह गुर्जर ग्राम हतुपुरा मोरना, पूजा गुर्जर पिता अरविंद कुमार ग्राम जलालपुर तहसील बहरोड़ अलवर राजस्थान, अवंतिका भड़ाना पिता रामवीर सिंह भड़ाना मेरठ, मनोज कुमारी पिता स्वर्गीय सुरेश कुमार अलवर राजस्थान, रामेंद्र सिंह महाल पिता विश्राम सिंह महाल राजस्थान दोसा, अभिषेक गुर्जर पिता कर्मवीर सिंह गुर्जर हापुड़ मेरठ, शेफाली गुर्जर पिता संतोष गुर्जर वेंकटेश हरदा मध्य प्रदेश, शिवाजी सिंह गुर्जर पिता सिकंदर सिंह गुर्जर ग्राम हतुपुरा मोरना मध्य प्रदेश, रीना बाई गुर्जर पिता सरवन लाल गुर्जर दौसा राजस्थान, तेजराम गुर्जर पिता प्रीतम सिंह गुर्जर करौली राजस्थान, कुलदीप गुर्जर पिता गणेश लाल गुर्जर राजस्थान, राजाराम पिता चुन्नीलाल गुर्जर सीकर राजस्थान, रॉबिन राणा पिता कृष्ण पाल कमाला मुजफ्फरनगर, नीलू गुर्जर पिता विजय सिंह गुर्जर चूरु राजस्थान, वीर सिंह गुर्जर पिता भीम सिंह गुर्जर दोसा राजस्थान, दिनेश कुमार पिता रतना राम गुर्जर पाली राजस्थान, प्रेम सिंह गुर्जर पिता सीताराम गुर्जर करौली राजस्थान, मुनेश कुमार पिता समंदर सिंह भरतपुर राजस्थान, मोहम्मद आलम पिता सलीम अहमद कैराना शामली, सतीश कुमार पिता धीर सिंह सीकर राजस्थान, हनी गुर्जर पिता निर्पत गुर्जर ग्वालियर, भरत राज गुर्जर पिता दयाराम गुर्जर बूंदी, खुशबु चौधरी (गुर्जर) पिता प्रमोद कुमार (गुर्जर) भगवानपुर हरिद्वार, विकाश कुमार गुर्जर पिता सुमेर सिंह गुर्जर दौसा राजस्थान, प्रियंका गुर्जर पिता का अमर सिंह करौली राजस्थान, हनी गुर्जर पिता निर्पत गुर्जर ग्वालियर, चिराग राठी पिता नरेंद्र सिंह सहारनपुर, हर्षिता पिता का रामदास नकुर सहारनपुर शामिल हैं।
गुर्जर समाज द्वारा की इस पहल की सर्वत्र प्रशंसा की जा रही है। लोगों का कहना है कि प्रत्येक समाज में अगर इस प्रकार की मुहिम चलाई जाए तो समाज में बदलाव अवश्य होगा। लोगों का कहना है कि शायद हमारे पूर्वजों ने इसीलिए जातियों की व्यवस्था की कि प्रत्येक जाति अपने समाज में बदलाव के लिए कार्य करें।