Greater Noida News: शहरों के बाद अब गांवों को स्मार्ट बनाने की तैयारी में जुटा ग्रेटर नोएडा
भारत
चेतना मंच
01 Dec 2025 05:29 PM
Greater Noida: ग्रेटर नोएडा। देश के कई शहरों को स्मार्ट शहर में तब्दील करने की महत्वांकांक्षी योजना के बाद अब ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने गांवों को स्मार्ट बनाने की तैयारी शुरू कर दी है। प्राधिकरण ने इसके लिए क्षेत्र के 16 गांवों का चयन किया है। इसकी डीपीआर बनाने के लिए ड्रोन की मदद ली जाएगी।
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने वर्ष 2021-22 में 14 गांवों को स्मार्ट विलेज बनाने की प्रक्रिया शुरू थी। प्राधिकरण ने साल 2022-23 के मंे 16 गांवों को स्मार्ट विलेज के रूप में विकसित करने का फैसला किया है। ड्रोन के जरिए इन गांवों की डीपीआर तैयार करने के बाद कंपनी का चयन कर निर्माण शुरू किया जाएगा। इस परियोजना पर लगभग 160 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के अंतर्गत 124 गांव आते हैं। इन गांवों को स्मार्ट विलेज में तब्दील करने की योजना है। प्राधिकरण का परियोजना विभाग वित्तीय वर्ष 2021-22 में 14 गांवों को स्मार्ट बनाने पर काम कर रहा है। प्राधिकरण के सीईओ व मेरठ मंडलायुक्त सुरेन्द्र सिंह के निर्देश पर वित्तीय वर्ष 2022-23 में 16 और गांवों को स्मार्ट बनाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। महाप्रबंधक परियोजना एके अरोड़ा ने बताया कि जिन 16 गांवों को चिह्नत किया गया है, उनमें घोड़ी-बछेड़ा, कुलेसरा, खैरपुर गुर्जर, इटेहरा, हैबतपुर, धूम मानिकपुर, मिलक लच्छी, देवला, कैलाशपुर, कासना, डाढ़ा, ऐच्छर, खानपुर, मुरशदपुर लुक्सर व साकीपुर शामिल हैं।
स्मार्ट विलेज में सड़कें, ड्रेनेज, सीवरेज, जलापूर्ति और बिजली के काम के अलावा सामुदायिक केंद्र, पंचायत घर और प्राथमिक विद्यालय का विकास किया जाएगा। हॉर्टिकल्चर व लैंड स्कैपिंग और वाई-फाई की सुुविधा दी जाएगी। खेल के मैदान का विकास, तालाबों का संरक्षण, सौर ऊर्जा का संरक्षण, कूड़े का प्रबंधन, स्ट्रीट फर्नीचर, युवाओं को हुनरमंद बनाने और रोजगार के लिए प्रेरित करने का काम इस परियोजना के तहत किया जाएगा।
सीईओ का बयान सुरेंद्र सिंह का कहना है कि ग्रेटर नोएडा का समग्र विकास करना है तो गांवों में भी सेक्टरों की तरह ही इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करना होगा। प्राधिकरण के अंतर्गत आने वाले सभी गांवों को चरणबद्ध तरीके से विकसित किया जाएगा। स्मार्ट विलेज के लिए 14 गांवों को चिह्नत कर काम शुरू कराने की प्रक्रिया चल रही है। अब वित्तीय वर्ष 2022-23 के लिए 16 और गांव चिह्नत कर लिए गए हैं। इन गांवों में भी शीघ्र काम शुरू कराने और समय से पूरा कराने की कोशिश की जाएगी। इससे ग्रामीणों का जीवन स्तर और बेहतर होगा।