Greater Noida News : ग्रेटर नोएडा प्रवास के दौरान इलेक्शन मोड में दिखे सीएम योगी आदित्यनाथ
CM Yogi Adityanath
भारत
चेतना मंच
30 Nov 2025 09:54 PM
Greater Noida : ग्रेटर नोएडा। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (Delhi Chief Minister Arvind Kejriwal) के स्वास्थ्य और शिक्षा के मॉडल को अब यूपी की सरकार भी दबी जुबान से सराहने लगी है। यह कारण है कि सीएम योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) ने यमुना एक्सप्रेस वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण क्षेत्र के सभी प्राइमरी और जूनियर हाईस्कूलों के साथ पीएचसी और प्राइमरी हेल्थ सेंटर व कम्युनिटी हेल्थ सेंटर को आधुनिक बनाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने जेवर में निर्माणाधीन नोएडा ग्रीनफील्ड इंटरनेशनल एयरपोर्ट से साल, 2024 में प्रस्तावित आम चुनाव से पहले ही उड़ानें शुरू कराने के निर्देश दिए।
यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ अपने दो दिवसीय प्रवास के दौरान पूरी तरह इलेक्शन मोड में दिखे। उन्होंने जेवर में निर्माणाधीन नोएडा ग्रीनफील्ड इंटरनेशनल एयरपोर्ट का निरीक्षण किया और वहां चल रहे काम की जानकारी ली। उन्हांेने वहां काम कर रहे मजदूरों और मशीनों की संख्या के बाबत भी पूछताछ की। अधिकारियों ने मुख्यमंत्री के सामने जेवर एयरपोर्ट से संबंधित एक प्रेजेंटेशन भी प्रस्तुत किया। सीएम ने एरोड्रोम रेफरेंस प्वाइंट के निर्माण को देखा। उन्होंने ईटीसी के काम की समीक्षा की। अफसरों ने बताया कि नवंबर 2023 में टर्मिनल की बिल्डिंग बनकर तैयार हो जाएगी और अप्रैल 2024 में रनवे का काम पूरा हो जाएगा। उसके बाद वहां पर फ्लाइट की ट्रायल लैंडिंग की जाएगी। अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि वर्तमान समय में वहां 700 मजदूर काम कर रहे हैं और 39 मशीनें मशीनें लगी हुई हैं। योगी आदित्यनाथ ने अफसरों को मजदूरों की संख्या 700 से बढ़ाकर 4000 करने और मशीनों की संख्या 39 से बढ़ाकर 400 करने निर्देश दिए। उन्होंने निर्माण की डेडलाइन भी कम कर दी। उनका कहना था कि संसाधन बढ़ाकर अप्रैल 2024 में होने वाले ट्रायल को जनवरी से फरवरी 2024 के बीच करा लिया जाए।
यमुना एक्सप्रेस वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण के सीईओ डॉ. अरुणवीर सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यमुना प्राधिकरण क्षेत्र शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में आने वाले सभी प्राइमरी और जूनियर हाईस्कूलों को ऑपरेशन कायाकल्प के तहत आधुनिक बनाने के निर्देश दिए हैं। इस ऑपरेशन के तहत कुल 14 मानक तय किए गए हैं, जिनमें कमरों का निर्माण, बिजली, पानी, शौचालय और रंगाई पुताई आदि का काम शामिल है। उन्हांेने बताया कि इस काम को 30 सितंबर तक पूरा करने के लिए पूरे क्षेत्र को आठ जोन में बांटा गया है। सीईओ अरुणवीर सिंह ने बताया कि प्राधिकरण के अधिसूचित क्षेत्र में कुल 96 गांव हैं, लेकिन कुछ गांव ऐसे हैं, जहां एक से अधिक स्कूल हैं। यानि कुल 121 स्कूलों का कायाकल्प 30 सितंबर तक कर दिया जाएगा। बजट के बाबत अरुणवीर सिंह ने बताया कि यह मुख्यमंत्री जी की महात्वाकांक्षी योजना है, इसके लिए सीएसआर फंड की जरूरत नहीं है। इस काम को प्राधिकरण अपने खर्चे से पूरा कराएगा।
यमुना प्राधिकरण के सीईओ डॉ. अरुणवीर सिंह ने बताया कि एयरपोर्ट के मद्देनजर सीएम योगी आदित्यनाथ ने क्षेत्र के सभी प्राइमरी हेल्थ सेंटर और कम्युनिटी हेल्थ सेंटर को भी आधुनिक बनाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने बताया कि सभी पीएचसी और सीएचसी के भवनों को दुरुस्त कराने के साथ ही हेल्थ एटीएम लगाने को कहा है। उस हेल्थ एटीएम के साथ टेली मैक्सिंग और टेली कंसलटेंसी को जोड़ने के निर्देश दिए। डॉ. सिंह ने बताया कि इस काम को भी दो से तीन माह में पूरा करा लिया जाएगा। इसके लिए सीएसआर के तहत फंड की व्यवस्था की जाएगी। अगर किसी कारण सीएसआर से फंड की व्यवस्था नहीं हुई तो प्राधिकरण अपने संसाधनों से धन की व्यवस्था करेगा। प्राधिकरण पहले से ही क्षेत्र के सभी गांवों को स्मार्ट विलेज बनाने का काम कर रहा है, इसलिए इस काम में ज्यादा दिक्कत नहीं आएगी।
डॉ. अरुणवीर सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ नोएडा में बनाए गए इंटीग्रटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम से बहुत प्रभावित हुए। वह चाहते हैं कि वैसा ही सिस्टम ग्रेटर नोएडा और यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में भी बनाया जाए और उसे सेफ कंसर्ट से जोड़ा जाए। डॉ. सिंह ने बताया कि यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में अभी अधिक बसावट नहीं है, इसलिए अभी यमुना एक्सप्रेस वे पर ही इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम लगाया गया है। वहां पहले से ही वीडियो कैमरे लगे हैं, जो ऑटोमेटेड हैं। ई-चालान होते हैं। वहां जो इंटीग्रेटेड सिस्टम है, उसमें अनाउंसमेंट है, हेल्थ सिस्टम है, एंबुलेंस की सुविधा है। प्राधिकरण इस सिस्टम को और वृहद स्तर पर ले जाने के लिए प्रयासरत है।