Greater Noida News : ग्रेनो प्राधिकरण ने रद्द किया एसोटेक इंफ्रास्ट्रक्चर का भूखंड आवंटन
भारत
चेतना मंच
05 Sep 2022 02:53 PM
Greater Noida : ग्रेटर नोएडा। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण (Greater Noida Authority) ने एसोटेक इंफ्रास्ट्रक्चर (Asotech Infrastructure) को 15 साल पहले सेक्टर पाई (sector pie) में आवंटित ग्रुप हाउसिंग भूखंड का आवंटन रद्द (Group housing plot allotment canceled) कर दिया है। बिल्डर ने अभी तक इस प्लॉट पर निर्माण तो दूर, नक्शा भी पास नहीं कराया, जिसके चलते यह कार्रवाई की गई है।
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ व मेरठ मंडलायुक्त सुरेन्द्र सिंह ने सभी विभागों को निर्देश दिए हैं कि जो आवंटी लंबे समय से प्राधिकरण से आवंटित भूखंड लिए बैठे हैं, प्रोजेक्ट नहीं बना रहे हैं, उनके आवंटन को रद्द कर दिया जाए। प्राधिकरण उन भूखंडों को अपने कब्जे में लेकर नई स्कीम के जरिए आवंटित करेगा। प्राधिकरण के बिल्डर विभाग ने इस पर अमल करते हुए एसोटेक इंफ्रास्ट्रक्चर को सेक्टर पाई में आवंटित ग्रुप हाउसिंग भूखंड का आवंटन रद्द कर दिया है।
प्राधिकरण के बिल्डर विभाग के ओएसडी सौम्य श्रीवास्तव ने बताया कि बीआरएस-06 स्कीम के जरिए 2006 में एसोटेक इंफ्रास्ट्रक्चर को सेक्टर पाई में 18 हजार 141 वर्गमीटर का प्लॉट संख्या-07 आवंटित किया गया था। अक्तूबर 2006 में ही बिल्डर ने प्लॉट की लीज डीड कराते हुए कब्जा भी ले लिया। बिल्डर को छह वर्ष में निर्माण कार्य पूर्ण कर अधिभोग प्रमाण-पत्र लेना था। इस अवधि के बाद प्राधिकरण से निर्धारित शुल्क जमा कराकर कुछ और समय प्राप्त किया जा सकता है, लेकिन बिल्डर ने निर्माण करना तो दूर, नक्शा भी पास नहीं कराया और न ही समय वृद्धि के लिए आवेदन किया। उन्होंने बताया कि प्राधिकरण में लीज डीड से 15 वर्ष पूरा होने के बाद किसी तरह की रियायत देने का प्रावधान नहीं है।
सौम्य श्रीवास्तव ने बताया कि मार्च 2022 में एसोटेक इंफ्रास्ट्रक्चर को आवंटित भूखंड की अवधि 15 साल भी पार हो गई। इन 15 वर्षों में बिल्डर ने अधिभोग प्रमाण-पत्र लेना तो दूर की बात है, नक्शा भी पास नहीं कराया है, जिसके चलते ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने एसोटेक इंफ्रास्क्चर को सेक्टर पाई में आवंटित भूखंड संख्या-07 का आवंटन रद्द कर दिया है। बिल्डर को आवंटित 18 हजार 141 वर्गमीटर जमीन प्राधिकरण शीघ्र अपने कब्जे में ले लेगा। प्राधिकरण उस प्लॉट को नई स्कीम के जरिए आवंटित करेगा। सौम्य श्रीवास्तव ने बताया कि बिल्डर की तरफ से इस प्लॉट के एवज में जमा कुल धनराशि में से 25 फीसदी की कटौती कर शेष रकम वापस कर दी जाएगी। बिल्डर ने इस प्रोजेक्ट में किसी फ्लैट खरीदार की बुकिंग किए जाने की जानकारी भी प्राधिकरण को नहीं दी है।
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ सुरेंद्र सिंह ने बताया कि ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण से प्लॉट आवंटित कराने के बाद तय समय में प्रोजेक्ट पूरा न करने वाले किसी भी आवंटी को बख्शा नहीं जाएगा। उसके खिलाफ इसी तरह की कार्रवाई की जाएगी। वह चाहे बिल्डर हो, उद्यमी या फिर कोई और हो। ऐसे आवंटियों से जमीन वापस लेकर प्राधिकरण नए सिरे से आवंटन करेगा, ताकि उन पर प्रोजेक्ट बन सकें।