Greater Noida News : दुनिया के अग्रणी दुग्ध उत्पादक के रूप में स्थापित है भारत
भारत
RP Raghuvanshi
25 Nov 2025 01:53 PM
Greater Noida : ग्रेटर नोएडा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (Prime Minister Narender Modi ) 12 सितंबर को ग्रेटर नोएडा में आईडीएफ वल्र्ड डेयरी समिट का उदघाटन करने आ रहे हैं। अंतर्राष्ट्रीय स्तर की इस समिट का भारत में 48 साल बाद आयोजन हो रहा है। भारत में 1974 में इंटरनेशनल डेयरी कांफ्रेंस का आयोजन हुआ था। इस वर्ष इसको आयोजित करने का सौभाग्य उत्तर प्रदेश को मिला है जो देश में दुग्ध उत्पादन का तकरीबन 15 फीसदी हिस्सा बनाता है। समिट में भारतीय एवं विश्व स्तरीय डेयरी उद्योग के विशेषज्ञ, किसान व नीति निर्माता हिस्सा लेंगे।
भारत दुनिया के दुग्ध उत्पादन में 23 फीसदी योगदान देता है। 210 एमटी सालाना उत्पादन करने वाले भारत में 8 करोड़ डेयरी किसान हैं। आईडीएफ वल्र्ड डेयरी समिट को केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह तथा मछलीपालन, पशुपालन एवं डेयरी के लिए केन्द्रीय मंत्री परषोत्तम रूपाला व उप्र के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी सम्मेलन को सम्बोधित करेंगे।
इंटरनेशनल डेयरी फेडरेशनल के अध्यक्ष पियरक्रिस्टियानो, आईडीएफ की महानिदेशक मिस कैरोलीन एमंड, आईडीएफ की भारतीय राष्ट्रीय समिति के सचिव एवं राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड के अध्यक्ष मीनेश शाह भी सम्मेलन में मौजूद रहेंगे। .
उत्तर प्रदेश, जो देश में सबसे ज़्यादा दुग्ध उत्पादन करने वाले राज्यों में से एक है और देश के कुल उत्पादन का तकरीबन 15 फीसदी हिस्सा बनाता है। भारत छोटे डेयरी किसानों से लेकर सहकारी रणनीति के आधार अपनी बदलावकारी यात्रा का प्रदर्शन करेगा।
चार दिवसीय आईडीएफ डब्ल्यूडीएस 22 से पहले कारोबार बैठकों की एक श्रृंखला का आयोजन भी किया जाएगा। तीन दिनों तक चलने वाली बैठकों के दौरान भारत के 8 करोड़ से अधिक छोटे एवं सीमांत डेयरी किसानों (जिनके पास औसतन 2 मवेशी होते हैं) के योगदान पर चर्चा की जाएगी, जिन्होंने सालाना 210 एमटी उत्पादन के साथ भारत को दुनिया के अग्रणी दुग्ध उत्पादक के रूप में स्थापित किया है।
1903 में अपनी शुरूआत के बाद से पहला आईडीएफ वर्ल्ड डेयरी समिट है, जिसने जलवायु के अनुकूल स्थायी डेयरी उद्योग के प्रति डेयरी सेक्टर की प्रतिबद्धता को दर्शाने के लिए कार्बन न्यूट्रेलिटी को अपनाने का प्रयास किया है।
सम्मेलन के दौरान 'डेयरी फॉर न्यूट्रिशन एण्ड लिवलीहुड' विषय पर 24 सत्रों का आयोजन किया जाएगा, जिसमें डेयरी उद्योग से जुड़े विभिन्न पहलुओं को कवर किया जाएगा। इसके अलावा तीन टेकनिकल सत्र भी आयोजित किए जाएंगे, 91 विदेशी एवं 65 भारतीय प्रवक्ताओं सहित कुल 156 प्रवक्ता इन सत्रों को सम्बोधित करेंगे। साथ ही निर्धारित किए गए विषय पर एक पोस्टर सत्र का आयोजन भी होगा।
आईडीएफ डब्ल्यूडीएस 2022 (IDF WDS 2022) को दुनिया भर से बहुत अच्छी प्रतिक्रिया मिली है। 50 देशों से लगभग 1433 प्रतिभागियों ने सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए नामांकन किया है। यूएसए (29), फ्रांस (36), जर्मनी (25), कनाडा (15) और बेल्जियम(12) से बड़ी संख्या में भागीदारी के लिए पंजीकरण प्राप्त हुए हैं। इसके अलावा, 60 से अधिक प्रख्यात गणमान्य व्यक्तित्व भी सम्मेलन में हिस्सा लेंगे।.
''अमूल (गुजरात को-ऑपरेटिव मिल्क मार्केटिंग फेडरेशन) और 'नंदिनी (कर्नाटक मिल्क फेडरेशन)।ÓÓ कार्यक्रम एनडीडीबी की पूर्ण स्वामित्व की सब्सिडी मदर डेयरी, दिल्ली द्वारा पावर्ड है। अन्य स्पॉसर्स में डेयरी कोऑपरेटिव फेडरेशन, मिल्क प्रोड्युसर कंपनियां, निजी डेयरियां, डेयरी उपकरण निर्माता आदि शामिल हैं।
वल्र्ड डेयरी समिट डेयरी किसानों, नेताओं, विशेषज्ञों, वैज्ञानिकों, पेशेवरों, पत्रकारों और अकादमिकों को सीखने, एक दूसरे के साथ जुडऩे और प्रेरित होने का मौका देगा।
यह सम्मेलन विश्वस्तरीय डेयरी सेक्टर की सालाना बैठक है, जिसमें दुनिया भर से तकरीबन 1500 प्रतिभागी हिस्सा लेंगे। इन प्रतिभागियों में डेयरी प्रसंस्करण कंपनियों के सीईओ से लेकर कर्मचारी, डेयरी किसान, डेयरी उद्योग के आपूर्तिकर्ता, अकादमिक एवं सरकारी प्रतिनिधि शामिल होंगे।
डब्ल्यूडीएस भारतीय उद्योग को विश्वस्तरीय एक्सपोजऱ देने का बेहतरीन मंच है, जो भारत की दुग्ध उत्पादक प्रणाली को आकर्षित करने और जागरुकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। 2500 वर्गमीटर क्षेत्रफल में फैले प्रदर्शनी स्थल में कई गतिविधियां आयोजित की जाएगी। आईडीएफ वल्र्ड डेयरी समिट उद्योग जगत के विशेषज्ञों को ऐसा मंच प्रदान करेगा जहां उन्हें अपने विचार प्रस्तुत करने का मौका मिलेगा। यह मंच दुनिया को बताएगा कि किस तरह यह सेक्टर सुरक्षित एवं स्थायी डेयरी प्रथाओं के साथ दुनिया को पोषण प्रदान करने में योगदान दे सकता है।