Greater Noida News : थाना सेक्टर-113 के एसओ समेत सात पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर के आदेश
Order of FIR against seven policemen including SO of Police Station Sector-113
भारत
चेतना मंच
30 Nov 2025 06:31 AM
Greater Noida : ग्रेटर नोएडा। पुलिस कमिश्नरेट गौतमबुद्ध नगर की एक और कारगुजारी सामने आई है। युवक को अवैध रूप से घर से उठाकर लॉकअप में बंद कर मारपीट करने और चार-चार झूठे मुकदमे दर्ज करने के आरोप में गौतमबुद्ध नगर के न्यायिक मजिस्ट्रट ने थाना-113 के प्रभारी सहित सात पुलिसकर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए हैं।
ग्राम सोरखा जहिदाबाद निवासी स्वर्गीय पदम सिंह की पत्नी वीरवती ने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट गौतमबुद्ध नगर की अदालत में थाना सेक्टर-113 के प्रभारी समेत सात पुलिसकर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराए जाने की मांग की थी। न्यायाधीश ने मामले की सुनवाई के बाद थानाध्यक्ष शरद कांत, उपनिरीक्षक सुनील कुमार, अरुण कुमार वर्मा, आवेश मलिक, चंद्रशेखर बालियान और कांस्टेबल रोहित कुमार और रोहित शर्मा के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए हैं।
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सोरखा जाहिदाबाद निवासी 57 वर्षीय वीरवती ने कहा कि उसके तीन पुत्र हैं। सबसे छोटा बेटा जगेश मेरे पास रहता है। दो बेटे अलग रहते हैं। 10 अगस्त को छोटे पुत्र जगेश व उसके बड़े भाई इंकुर के बीच झगड़ा हो गया था। जगेश ने रात करीब 11 बजे पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पीसीआर पर तैनात पुलिसकर्मियांे ने झगड़ा शांत कराया और चले गए। उसके बाद वह भी सोने चली गयी। बेटा जगेश घर के बाहर खाट डाल कर सो गया। 11 अगस्त की सुबह करीब 5 बजे जब वह बाहर आई तो वहां जगेश नहीं था। काफी तलाश के बावजूद वह नहीं मिला। उसके बाद उसने घर के पास लगे सीसीटीवी की फुटेज देखी, उसमें सुबह करीब पौने पांच बजे चार पुलिसकर्मी वर्दी में तथा तीन अन्य जो सादी वर्दी में थे, बेटे जगेश को पकडकर ले जाते हुये दिखे। वीरवती ने आशंका जताई कि पुलिस उसके बेटे को झूठे केस में फंसाने की नियत से घर से उठाकर ले गये हैं। वीरवती ने कहा कि थाना सेक्टर 113 में मौजूद पुलिसकर्मियों से अपने बेटे को पकड़ कर थाने पर लाने की वजह जाननी चाही, तब उन्होंने कहा कि थानाध्यक्ष शरदकान्त शर्मा ही उसकी गिरफ्तारी के बारे में बतायेगें।
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वीरवती ने बताया कि पुलिस ने उसके बेटे जगेश की गिरफ्तारी की कोई वजह नहीं बताई और थाने के लॉकअप में बन्द कर उसे बुरी तरह मारा पीटा, जिससे उसे चोटें भी आयीं। पुलिस ने उसे 24 घंटे से अधिक अवैध तरीके से हिरासत में रखा। उसने यह भी कहा कि उसके बेटे को झूठे केस में फंसाने की नियत से गलत साक्ष्य बनाकर मारपीट कर भयभीत किया गया है तथा झूठी व फर्जी गिरफ्तारी रिपोर्ट तैयार कर झूठा घटना स्थल दर्शाते हुये तथा झूठी बरामदगी दर्शाते हुये चार मुकदमे लगा दिये हैं। लेकिन, सच है कि उसके बेटे ने कोई गुनाह नहीं किया है। गांव निवासी मंगतराम व राजवीर ने सुबह के समय जगेश को पुलिसकर्मियों द्वारा ले जाते हुये देखा है।
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जगेश की मां वीरवती ने अदालत से बेटे को चारों केस में झूठा फंसाने वाले पुलिसकर्मी सुनील कुमार उपनिरीक्षक, अरुण कुमार वर्मा उपनिरीक्षक, आवेश मलिक उपनिरीक्षक, चन्द्र शेखर बालियान उपनिरीक्षक, रोहित कुमार कॉस्टेबल, रोहित शर्मा कॉस्टेबल और थानाध्यक्ष शरदकान्त के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई करने की मांग की थी।
अदालत ने मामले की सुनवाई के बाद थाना सेक्टर-113 के प्रभारी समेत सात पुलिसकर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया। कोर्ट ने कहा कि वादी को पुलिस ने उसके बेटे जगेश की गिरफ्तारी की कोई वजह नहीं बताई तथा थाने के लॉकअप में बन्द कर उसे बुरी तरह मारा-पीटा गया है, जिससे उसे चोटें भी आयीं और उस पर झूठे मुकदमे भी लगाये हैं। कोर्ट ने कहा कि किसी व्यक्ति को उसके घर से उठाकर उसके साथ मारपीट करना सरकारी कार्य करने की श्रेणी में नहीं आता है। तथ्यों के आधार पर संज्ञेय अपराध होना प्रतीत होता है, जिसकी जांच जरूरी है। कोर्ट ने अपने आदेश में सात पुलिस अफसरों और कर्मचारियांे के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई करने के आदेश दिए हैं।