Greater Noida News : अंग वस्त्र पहनाकर अफ्रीकी छात्रों का स्वागत किया
Welcomed African students wearing organ clothes
भारत
चेतना मंच
24 Nov 2022 12:04 AM
Greater Noida News : ग्रेटर नोएडा। यूनेस्को इंडिया अफ्रीका हैकाथॉन में प्रतिभाग करने के लिए 22 देशों के छात्र-छात्राओं को जेवर विधायक धीरेंद्र सिंह ने अंग वस्त्र पहनाकर स्वागत किया। विधायक ने अफ्रीकी छात्रों के साथ संवाद किया। उन्होंने कहा कि सभी छात्र छात्राएं भारत के छात्र छात्राओं के साथ मिलकर अलग-अलग टीमों के माध्यम से विभिन्न प्रॉब्लम स्टेटमेंट्स पर समाधान बनाने का प्रयास करेंगे तो यह शिक्षा और अपने अपने देश के लिए एक बेहतरीन संदेश होगा। 36 घंटे लगातार चलने वाला यह आयोजन अफ्रीका के छात्र छात्राओं को भारत में शिक्षा एवं जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में नए अवसरों का लाभ उठाने का बेहतरीन मौका प्रदान करेगा। विधायक ने विदेशी छात्र छात्राओं के प्रतिनिधियों को किसी भी समस्या के समाधान के लिए अपना मोबाइल नंबर व ई-मेल भी उपलब्ध कराया। इस मौके पर जीबीयू के वीसी आरके सिन्हा, प्रोफेसर अरविंद सिंह, प्रोफेसर आनंद प्रताप सिंह, आंचल बोरा आदि मौजूद रहे।
जीबीयू में 36 घंटे तक लगातार काम करेंगे 338 अफ्रीकी और 232 भारतीय छात्र :
गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय में बुधवार को सुबह आठ बजे 36 घंटे लगातार चलने वाले यूनेस्को इंडिया-अफ्रीका हैकाथॉन शुरू हुआ। हैकाथॉन की शुरुआत गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. आरके सिन्हा ने सुबह 8 बजे से ठीक पहले फीता काटकर की। 100 टीमों में काम कर रहे 338 अफ्रीकी और 232 भारतीय प्रतिभा शिक्षा, ऊर्जा, पेयजल और स्वच्छता, कृषि और स्वास्थ्य-स्वच्छता के क्षेत्र में 20 समस्याओं के समाधान निकालेंगे। शिक्षा मंत्रालय चीफ इनोवेशन अधिकारी व नोडल अधिकारी डॉ अभी जेरे ने बताया कि इसके अलावा मूल्यांकन टीम छात्रों के कामकाज का आकलन कर रही है।
सभी प्रतिभागी शिक्षा, ऊर्जा, पेयजल और स्वच्छता, कृषि और स्वास्थ्य और स्वच्छता के क्षेत्र में 20 समस्या के समाधान खोजने के लिए अपने कौशल का उपयोग कर रहे हैं। विश्वविद्यालय के मुख्य सभागार में 3 मंजिल में हैकाथॉन फैला है। 24 नवंबर को रात 8 बजे तक समाधान मिल जाएंगे। इसमें भारत और अफ्रीका में आम जनता के लिए जीवन को आसान बनाने की क्षमता होगी। हैकाथॉन में भाग ले रही सभी टीमों के साथ मेंटोर लगे हुए हैं। वह अपनी टीम को लगातार गाइड कर रहे हैं। उन्हें कहीं दिक्कत आती है तो उन्हें समझाते हैं। आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते हैं। मूल्यांकन टीम में करीब 75 विशेषज्ञ शामिल किए हैं। यही टीम विजेताओं के नाम तय करेगी।