Greater Noida : ग्रेटर नोएडा । स्वतंत्रता सेनानी, लेखक, कवि,पत्रकार, विजयसिंह पथिक की 138वी जयन्ती पर यहां परी चौक स्थित गुर्जर शोध संस्थान के सभागार में एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि वरिष्ठ पत्रकार और लेखक उर्मिलेश ने 'भारत का संविधान और लोकतंत्र' विषय पर शानदार वक्तव्य दिया। उन्होंने कहा कि भारतीय संविधान के मूल सिद्धांत समता, समानता, स्वतंत्रता, धर्मनिरपेक्षता, सामाजिक न्याय और समाजवाद हैं। वर्तमान समय में इन मूल्यों को खतरा पैदा हो गया है। यदि संविधान को क्षति पहुंचाई जाती है तो लोकतंत्र सुरक्षित नहीं रहेगा। लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए नागरिकों का जागरूक होना अति आवश्यक है। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार सामाजिक न्याय और समता की भावना को नष्ट कर रही है। पिछड़ों और दलितों को मिले आरक्षण को धीरे-धीरे खत्म किया जा रहा है। उन्होंने मांग की की जातीय जनगणना होनी चाहिए और देश में सामाजिक गैरबराबरी को दूर करने के लिए काम किया जाना चाहिए।
मशहूर शायर मासूम गाजियाबादी ने अपने गीतों और गजलों से श्रोताओं को भावविभोर कर दिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता रिटायर्ड डिप्टी एसपी धर्मचंद ने और संचालन कृष्णकांत ने किया। पथिक विचार केंद्र के संयोजक और कार्यक्रम के आयोजक राजकुमार भाटी ने सभी का धन्यवाद व्यक्त किया। इस अवसर पर 'राजस्थान का स्वतंत्र संग्राम और विजय सिंह पथिकÓ नामक पुस्तक का विमोचन भी किया गया। समाज में सराहनीय कार्य करने के लिए मनोज शर्मा, धनेश प्रधान, संतोष करण, सतीश यादव, सुदेश यादव और नितिन भाटी को स मानित किया गया। इस अवसर पर शहर के अनेक गणमान्य लोग, सामाजिक राजनीतिक कार्यकर्ता और किसान नेता उपस्थित रहे।