
Green moong : मूंग की दाल (Green moong) एक ऐसी दाल है, जो सभी भारतीय रसोई में आसानी से लि जाएगी। धुली हुई यानि छिलका रहित मूंग (Green moong) की दाल का प्रयोग जहां हलवा और लड्डू बनाने में प्रयोग की जाती है, वहीं यह सब्जी के रुप में भी सेवन की जाती है, लेकिन साबुत हरी मूंग एक ऐसी दाल है, जिसके सेवन से शुगर, मोटापा झेल रहे लोगों समेत स्वास्थ्य संबंधी अनेक परेशानियों को दूर करती है। हालांकि साबुत हरी मूंग का सेवन बहुत कम लोग ही करते हैं।
साबुत हरी मूंग में विभिन्न प्रकार के पोषक तत्व पाए जाते हैं जिनमें, विटामिन बी6, डाइटरी फाइबर और फोलेट जैसे तत्व प्रमुख हैं। बी ग्रुप विटामिन्स की मौजूदगी के कारण यह दाल उन लोगों के लिए अधिक लाभकारी साबित हो सकती है जो शारीरिक कमजोरी से परेशान हैं। इसी तरह फोलेट को ब्रेन हेल्थ के लिए एक अच्छा तत्व माना जाता है इसीलिए, हरी मूंग के सेवन से बच्चों और दिमागी काम करने वाले लोगों को बहुत अधिक लाभ हो सकता है।
शुगर रोगियों के लिए साबुत हरी मूंग एक लो-जीआई फूड है और इसीलिए शुगर के मरीजों के लिए इसका सेवन सुरक्षित और लाभकारी माना जाता है। दरअसल, जिन खाद्य पदार्थों का ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम होता है उनके सेवन से रक्त में ग्लूकोज का लेवल तेज गति से नहीं बढ़ता और इस तरह शुगर के मरीजों के लिए उनकी स्थिति को नियंत्रित कर पाना आसान हो सकता है।
वजन घटाने के लिए वजन घटाने के लिए मूंग का सेवन अच्छा माना जाता है। कई लोग वेट लॉस करने के लिए मूंग डाइट भी फॉलो करते हैं। दरअसल, मूंग में ऐसे तत्व पाए जाते हैं जिससे पेट भरने की संतुष्टि होती है। इससे व्यक्ति सीमित मात्रा में ही भोजन करता है और अनहेल्दी फूड्स खाने की क्रेविंग भी कम ही होती है। इसी तरह मूंग के सेवन से शरीर की मेटाबॉलिक रेट भी बेहतर होती है। जिससे वेट लॉस की प्रक्रिया तेज होती है।
दिल के रोगियों के लिए कुछ स्टडीज में पाया गया है कि जो लोग सप्ताह में एक बार हरी मूंग का सेवन करते हैं उन्हें दिल की बीमारियों का खतरा कम होता है। इसी तरह ब्लड प्रेशर स्थिति को नियंत्रित करने में भी सहायता होती है जिससे, कार्डियोवैस्कुलर हेल्थ बेहतर बनती है।
महामंडलेश्वर संत कमल किशोर