हरी प्याज हल्की व पोषक मिट्टी में तेजी से बढ़ती है। इसके लिए 50% गार्डन मिट्टी, 30% कंपोस्ट और 20% कोकोपीट या रेत का मिश्रण सबसे उपयुक्त माना जाता है। पाइप को ऐसे स्थान पर रखा जाना चाहिए, जहां 4 से 5 घंटे की हल्की धूप मिल सके।

घर में सब्ज़ियां उगाने का चलन तेजी से बढ़ रहा है, और अब इसी कड़ी में हरी प्याज की खेती के लिए पीवीसी पाइप तकनीक लोगों के बीच काफी लोकप्रिय हो रही है। इस तकनीक की मदद से कम जगह, कम पानी और बेहद कम मेहनत में ताज़ी स्प्रिंग ऑनियन उगाई जा सकती है। शहरों में रहने वाले लोग इसे एक स्मार्ट किचन गार्डनिंग उपाय के रूप में अपना रहे हैं।
4 से 6 इंच चौड़े पीवीसी पाइप को दीवार, बालकनी, छत या छोटे गार्डन में आसानी से लगाया जा सकता है। विशेषज्ञों के मुताबिक पारंपरिक खेती की तुलना में यह तरीका कई मायनों में उपयोगी है। मिट्टी की मात्रा सीमित होने के कारण इसमें रोग और कीटों का असर कम होता है। साथ ही एक बार लगाए गए बल्ब से बार-बार हरी प्याज पाई जा सकती है, जिससे लागत भी कम आती है।
सबसे पहले पीवीसी पाइप के दोनों सिरों को कैप से बंद कर उसमें मिट्टी और ऑर्गेनिक खाद भर दी जाती है। पाइप में 8 से 10 सेमी की दूरी पर 2 से 3 इंच चौड़े छेद किए जाते हैं, जहां स्प्रिंग ऑनियन के बल्ब लगाए जाते हैं। नीचे छोटे ड्रेनेज होल बनाना भी जरूरी है ताकि अतिरिक्त पानी जमा न हो।
हरी प्याज हल्की व पोषक मिट्टी में तेजी से बढ़ती है। इसके लिए 50% गार्डन मिट्टी, 30% कंपोस्ट और 20% कोकोपीट या रेत का मिश्रण सबसे उपयुक्त माना जाता है। पाइप को ऐसे स्थान पर रखा जाना चाहिए, जहां 4 से 5 घंटे की हल्की धूप मिल सके।
सही देखभाल के साथ पीवीसी पाइप में उगाई गई स्प्रिंग ऑनियन 25 से 30 दिन में कटाई के लिए तैयार हो जाती है। खास बात यह है कि सिर्फ ऊपरी हिस्सा काटने पर जड़ वहीं रहने से 7 से 10 दिन में नई पत्तियां फिर से निकल आती हैं। यह तकनीक कम जगह वाले घरों में भी ताज़ी हरी प्याज उगाने का आसान और टिकाऊ तरीका बनती जा रही है।